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ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया प्रतिबंध के बावजूद अधिकांश किशोर अभी भी सक्रिय

नए शोध में खुलासा हुआ है कि ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध के बावजूद 80 प्रतिशत से अधिक किशोर अभी भी इन प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि वह इस कदम पर कायम है, जबकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे किशोर अनियमित ऑनलाइन स्थानों की ओर जा सकते हैं।

मुख्य तथ्य

प्रतिबंध की शुरुआत
2025 में ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाया
किशोरों का प्रतिशत
80 प्रतिशत से अधिक किशोर अभी भी सोशल मीडिया पर सक्रिय
अध्ययन का निष्कर्ष
10-15 वर्ष के बच्चों का उपयोग मार्च में प्रतिबंध से पहले जितना था, उतना ही रहा
सरकार का रुख
सहायक मंत्री एंड्रयू लेह ने प्रतिबंध का बचाव किया, लाखों खाते बंद किए गए
विशेषज्ञों की चेतावनी
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में शोध ने अनपेक्षित परिणामों की आशंका जताई

पृष्ठभूमि

ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में दुनिया में पहली बार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया था। यह कदम सरकार द्वारा किशोरों को ऑनलाइन प्लेटफार्मों के संभावित नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया था।

हालांकि, नए शोध से पता चला है कि इस प्रतिबंध के बावजूद, 10 से 15 वर्ष की आयु के ऑस्ट्रेलियाई बच्चे मार्च में सोशल मीडिया का उतना ही उपयोग कर रहे थे जितना प्रतिबंध लागू होने से पहले करते थे।

वर्तमान स्थिति

एक नए eSafety अध्ययन से पता चला है कि 10 से 15 वर्ष की आयु के ऑस्ट्रेलियाई बच्चे मार्च में सोशल मीडिया का उतना ही उपयोग कर रहे थे जितना प्रतिबंध लागू होने से पहले करते थे। अध्ययन के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक किशोर अभी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सक्रिय हैं।

सहायक मंत्री एंड्रयू लेह ने कहा कि उन्हें इस प्रतिबंध पर कोई पछतावा नहीं है और इसे 'माता-पिता के बीच बातचीत में एक महत्वपूर्ण गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा, 'हमने लाखों खातों को बंद कर दिया है। हमने कभी उम्मीद नहीं की थी कि इसमें 100 प्रतिशत अनुपालन होगा।'

प्रतिबंध से पहले और बाद में सोशल मीडिया उपयोग
आयु वर्ग प्रतिबंध से पहले प्रतिबंध के बाद (मार्च)
10-15 वर्षसमान उपयोगसमान उपयोग
eSafety अध्ययन के अनुसार, मार्च में उपयोग प्रतिबंध से पहले जितना था उतना ही रहा।

प्रभाव

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किशोरों की सोशल मीडिया तक पहुंच पर व्यापक प्रतिबंध अच्छे से अधिक नुकसान कर सकते हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध पत्र में कहा गया है कि इस तरह की नीतियों से अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं और मूल समस्याएं अनसुलझी रह जाती हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रमुख प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने से युवा निजी या कम विनियमित ऑनलाइन स्थानों की ओर पलायन कर सकते हैं, जिनकी निगरानी माता-पिता, शिक्षकों और अधिकारियों के लिए अधिक कठिन होती है। एक किशोर ने कहा कि सोशल मीडिया दोस्ती बनाने, समुदाय खोजने और मुश्किल परिस्थितियों से बचने का स्थान है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि प्रतिबंध की प्रभावशीलता में सुधार नहीं होता है, तो सरकार को नीति की समीक्षा करनी पड़ सकती है या अधिक कड़े उपाय करने पड़ सकते हैं। हालांकि, सहायक मंत्री लेह ने संकेत दिया है कि सरकार इस कानून को बनाए रखने के पक्ष में है, भले ही पूर्ण अनुपालन न हो।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि प्रतिबंध जारी रहता है, तो युवा अधिक असुरक्षित ऑनलाइन स्थानों की ओर रुख कर सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, यदि सरकार शिक्षा और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करती है, तो किशोरों के लिए बेहतर परिणाम हो सकते हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रतिबंध का दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा।

स्रोत: femalefirst.co.uk

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