मुख्य तथ्य
- आरोप वापस लेने वाले
- तीन लोग: जस्टिन कैरेनो, सोफी डेनिसन-गिब्बी, कैमरून थियर्स
- आरोप
- एक हजार डॉलर से कम मूल्य की संपत्ति नष्ट करना
- नुकसान का कारण
- ठेकेदार की गलती, 'जल्दबाजी और त्रुटिपूर्ण स्थापना'
- पूर्व मामला
- डेविड हर्न के खिलाफ मामला खारिज
- आलोचना
- राष्ट्रपति ट्रंप ने वंडलिज्म का दावा दोहराया
पृष्ठभूमि
अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल को नुकसान पहुंचाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ आरोप वापस ले लिए हैं। यह निर्णय पूर्व ओलंपिक कैनोइस्ट डेविड हर्न के खिलाफ इसी तरह के मामले को खारिज किए जाने के बाद आया है।
अभियोजकों ने अब स्वीकार किया है कि पूल को हुआ नुकसान ठेकेदार की गलती के कारण हुआ था, न कि शुरुआती दावे के अनुसार वंडलिज्म के कारण।
वर्तमान स्थिति
तीन आरोपी जस्टिन कैरेनो, सोफी डेनिसन-गिब्बी और कैमरून थियर्स पर एक हजार डॉलर से कम मूल्य की संपत्ति को नष्ट करने का आरोप लगाया गया था। फोर्ब्स के अनुसार, इन आरोपों के कारण कैरेनो ने सरकारी ठेकेदार के रूप में अपनी नौकरी खो दी। उनके वकील ने कहा कि सरकार ने 'सचमुच एक अपराध गढ़ा'।
आरोप वापस लेने के फैसले की राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आलोचना की है, जो लगातार दावा कर रहे हैं कि नुकसान वंडल्स के कारण हुआ था। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, 'मेरे लिए, यह वंडलिज्म का शुद्ध मामला था।'
द हिल की रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेट्स ने प्रशासन पर डीओजे को हथियार बनाने का आरोप लगाया है। इलिनोइस के गवर्नर जेबी प्रित्जकर और सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने उन लोगों के लिए कानूनी उपाय की मांग की है जिन्हें वे अन्यायपूर्ण रूप से prosecuted मानते हैं।
प्रभाव
डीओजे का यह कदम आंतरिक विभाग द्वारा यह सबूत देने के बाद आया है कि नुकसान 'जल्दबाजी और त्रुटिपूर्ण स्थापना' प्रक्रिया के कारण हुआ था। यह परियोजना 4 जुलाई की समय सीमा को पूरा करने के लिए जल्दबाजी में की गई थी, और इसका ठेका बिना बोली के उस कंपनी को दिया गया था जिसका इस्तेमाल ट्रंप पहले कर चुके थे।
इस फैसले से आरोपियों पर लगे आरोप समाप्त हो गए हैं, लेकिन कैरेनो की नौकरी चली गई है। इस मामले ने सरकारी ठेकों और न्याय विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि राष्ट्रपति ट्रंप का वंडलिज्म का दावा कायम रहता है, तो इस मामले पर राजनीतिक बहस जारी रह सकती है। हालांकि, डीओजे द्वारा आरोप वापस लेने से यह संकेत मिलता है कि सबूतों के आधार पर यह मामला बंद हो सकता है।
डेमोक्रेट्स द्वारा कानूनी उपाय की मांग के कारण, आगे कानूनी कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यदि ऐसा होता है, तो इससे सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सकती है।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपियों को कोई मुआवजा मिलेगा या नहीं। यह स्थिति आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकती है।
स्रोत: iheart.com



