मुख्य तथ्य
- आरोप
- उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते पर गोपनीय निधि के दुरुपयोग का आरोप
- राशि
- 612.5 मिलियन पेसो
- अभियोजक
- लोर्ना कपुनान
- गवाह
- राज्य लेखा परीक्षक रोडरिक वामिल
- तारीख
- 3-4 अगस्त 2026
- स्थिति
- सीओए की अंतिम रिपोर्ट लंबित
पृष्ठभूमि
फिलीपींस की उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के खिलाफ महाभियोग मुकदमे की सुनवाई जारी है। अभियोजन पक्ष के निजी वकील लोर्ना कपुनान ने राज्य लेखा परीक्षक रोडरिक वामिल से पूछताछ की। यह पूछताछ 3 और 4 अगस्त 2026 को हुई।
कपुनान ने उपराष्ट्रपति कार्यालय और शिक्षा विभाग के गोपनीय कोषों के लेखा परीक्षण के निष्कर्षों पर सवाल उठाए। उन्होंने 2015 के संयुक्त परिपत्र का हवाला देते हुए कहा कि निधियों के समुचित शोधन में विफलता को व्यक्तिगत उपयोग का प्रमाण माना जा सकता है।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि दुतेर्ते ने 612.5 मिलियन पेसो की गोपनीय निधि का दुरुपयोग किया। यह राशि उपराष्ट्रपति कार्यालय और शिक्षा विभाग के अंतर्गत आवंटित की गई थी।
वर्तमान स्थिति
4 अगस्त को सुनवाई के अंतिम क्षणों में कपुनान ने कहा कि दुतेर्ते का कथित गोपनीय निधि दुरुपयोग 'घोटाला' है। जब बचाव पक्ष के वकील माइकल पोआ ने आपत्ति जताई, तो कपुनान ने कहा, 'मेरे विचार में यह प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं है... यदि आप मुझसे पूछें, तो यह घोटाला है।'
पोआ ने इस टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का अनुरोध किया, जिसे सभापति सीनेटर फ्रांसिस एस्कुडेरो ने स्वीकार कर लिया। बावजूद इसके, अभियोजन पक्ष के प्रवक्ता और सांसद ज़िया अलोंटो एडियोंग ने कपुनान के बयान को दोहराया और कहा कि यह गोपनीय निधि के दुरुपयोग के इरादे को दर्शाता है।
कपुनान ने सुनवाई के दौरान कई व्यंग्य किए। उन्होंने 'मैरी ग्रेस पियाटोस' जैसे नामों का उल्लेख किया, जो कथित रूप से 70,000 पेसो की दवा प्राप्तकर्ता थीं। उन्होंने 'एंडी सी. लिम' और 'अलेजांद्रो पिकिट' जैसे नामों पर भी टिप्पणी की, जिनका फिलिपिनो में अंधेरा और आंखें बंद करने से संबंध है।
| विवरण | राशि/संख्या |
|---|---|
| कुल दुरुपयोग की राशि | P612.5 मिलियन |
| मैरी ग्रेस पियाटोस को दवा का मूल्य | P70,000 |
प्रभाव
कपुनान की टिप्पणियों का उद्देश्य मामले को सीनेटर-न्यायाधीशों और आम जनता तक स्पष्ट रूप से पहुंचाना है। अभियोजन पक्ष का मानना है कि इससे जनता को गोपनीय निधि के दुरुपयोग की गंभीरता समझने में मदद मिलेगी।
अभियोजन प्रवक्ता एडियोंग ने कहा कि कपुनान ने न केवल न्यायाधीशों से बात की, बल्कि सीधे जनता से भी संवाद किया। उन्होंने प्रस्तुति को एक कहानी के रूप में पेश किया, जिससे लोगों को यह समझने में आसानी हुई कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का प्रयास हुआ।
हालांकि, बचाव पक्ष ने कपुनान की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई और उन्हें रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। यह स्पष्ट नहीं है कि इन टिप्पणियों का अंतिम फैसले पर क्या प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि लेखा परीक्षा आयोग (सीओए) की ओर से 2023 के धन पर अंतिम रिपोर्ट अभी लंबित है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में सफल रहता है कि गोपनीय निधि का दुरुपयोग हुआ है, तो दुतेर्ते के खिलाफ महाभियोग के आरोपों को बल मिल सकता है। हालांकि, बचाव पक्ष के पास अभी भी अपना पक्ष रखने का अवसर होगा।
सीओए की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या वास्तव में निधियों के शोधन में विफलता हुई है। यदि रिपोर्ट में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो यह अभियोजन के तर्क को मजबूत कर सकता है।
फिलहाल, यह अनिश्चित है कि सीनेटर-न्यायाधीश कपुनान की टिप्पणियों को कितना महत्व देंगे। महाभियोग मुकदमे का परिणाम कई कानूनी और राजनीतिक कारकों पर निर्भर करेगा, और यह संभावना है कि सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
स्रोत: rappler.com



