सहकारिता मंत्रालय ने सोमवार को नई दिल्ली के अटल अक्षय ऊर्जा भवन में सहकारिता सचिव आशीष भूतानी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक में शहरी सहकारी बैंकों (यूसीबी) और क्रेडिट सहकारी समितियों के परिवर्तन हेतु गठित कार्यबल की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में कार्यबल द्वारा तैयार सिफारिशों की जांच की गई और नीतिगत सुधार, बेहतर शासन, डिजिटल परिवर्तन, नियामक अनुपालन, वित्तीय स्थिरता और परिचालन दक्षता के माध्यम से शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।
बैठक में अपर सचिव रमन कुमार, निदेशक कुमार राम कृष्ण, नाफकब के अध्यक्ष लक्ष्मी दास, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार दुआ और मंत्रालय तथा नाफकब के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सहकारी बैंकिंग विशेषज्ञ डी. कृष्णा ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
नाफकब अध्यक्ष लक्ष्मी दास ने बताया कि कार्यबल लगभग दो वर्षों से काम कर रहा है और उसे हर छह माह में मंत्रालय को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होती है। अब तक चार रिपोर्ट सौंपी जा चुकी हैं, प्रत्येक लगभग 200 पृष्ठों की है, जिनमें शाखा वितरण, बैंकिंग पहुंच, परिचालन और नियामक चुनौतियों, आरबीआई मानदंडों और शासन संबंधी मुद्दों का विश्लेषण शामिल है।
दास ने कहा कि कार्यबल को दो और रिपोर्ट सौंपनी हैं। अंतिम रिपोर्ट जून 2027 तक अपेक्षित है, जिसमें देश भर के शहरी सहकारी बैंकों और क्रेडिट सहकारी समितियों के दीर्घकालिक परिवर्तन, आधुनिकीकरण और सतत विकास के लिए व्यापक खाका पेश किए जाने की संभावना है।
स्रोत: indiancooperative.com



