मुख्य तथ्य
- अधिसूचना लक्ष्य
- 95% से अधिक
- सक्रिय निक्षय मित्र
- 3,300 से अधिक
- वितरित पोषण टोकरियाँ
- 1.2 लाख से अधिक
- कार्यशाला आयोजक
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन
- मुख्यमंत्री
- रेखा गुप्ता
- स्वास्थ्य मंत्री
- डॉ. पंकज कुमार सिंह
पृष्ठभूमि
दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में टीबी मुक्त भारत अभियान पर जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित संवेदीकरण कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि दिल्ली ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित वार्षिक टीबी रोगी अधिसूचना लक्ष्य का 95 प्रतिशत से अधिक हासिल किया है।
यह कार्यशाला राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, सांसद, विधायक, पार्षद और वरिष्ठ स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
वर्तमान स्थिति
मुख्यमंत्री ने निक्षय मित्र पहल के बारे में बताया कि दिल्ली में 3,300 से अधिक निक्षय मित्र सक्रिय रूप से टीबी रोगियों का समर्थन कर रहे हैं, जिनके सहयोग से रोगियों को 1.2 लाख से अधिक पोषण खाद्य टोकरियाँ वितरित की गई हैं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में इस नेटवर्क का विस्तार करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी अब एक इलाज योग्य बीमारी है और समय पर निदान और उपचार पूरा होने से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि टीबी शर्म की बात नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान हर वार्ड, विधानसभा क्षेत्र और स्थानीय क्षेत्र तक पहुंचे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा तपेदिक पर एक विशेष जागरूकता वीडियो दिखाया गया और दिल्ली राज्य स्वास्थ्य मिशन द्वारा अभियान की उपलब्धियों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की रूपरेखा पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री ने निक्षय मित्र पहल सहित जागरूकता स्टॉलों का दौरा किया और अधिकारियों के साथ चर्चा की।
| विवरण | मान |
|---|---|
| अधिसूचना लक्ष्य प्राप्ति | 95% से अधिक |
| सक्रिय निक्षय मित्र | 3,300 से अधिक |
| पोषण टोकरियाँ वितरित | 1.2 लाख से अधिक |
प्रभाव
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन अभियान में प्रभावी भागीदार बनाना है। सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक शपथ ली कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाएंगे, समय पर जांच और उपचार का समर्थन करेंगे और अधिक लोगों को निक्षय मित्र बनने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
दिल्ली, अपने उच्च जनसंख्या घनत्व और विभिन्न टीबी बोझ वाले राज्यों से महत्वपूर्ण प्रवासी आबादी के कारण, पहचान और उपचार पूर्णता के लिए विशेष चुनौतियाँ प्रस्तुत करती है। निक्षय मित्र योजना, जो टीबी रोगियों को स्वयंसेवी समर्थकों से जोड़ती है, उपचार छोड़ने के प्रमुख कारणों में से एक को संबोधित करती है: लंबे समय तक दवा के कोर्स से रोगियों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक और सामाजिक बोझ।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि सभी जनप्रतिनिधि जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और मरीजों को उपचार पूरा करने के लिए प्रेरित करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो अभियान को गति मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसद, विधायक और पार्षद लोगों के सबसे करीब हैं, इसलिए उनके प्रयासों से अधिक नागरिक इस आंदोलन का हिस्सा बन सकते हैं।
यदि निक्षय मित्रों का नेटवर्क और अधिक विस्तारित होता है और अधिक संगठन इसमें शामिल होते हैं, तो पोषण सहायता और भावनात्मक समर्थन के माध्यम से उपचार छोड़ने की दर में कमी आ सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाले महीनों में अधिसूचना लक्ष्य को पार करने की प्रवृत्ति जारी रहेगी या नहीं।
यदि अभियान हर वार्ड, विधानसभा क्षेत्र और स्थानीय क्षेत्र में प्रभावी ढंग से पहुंचता है, तो दिल्ली टीबी मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। लेकिन यह तभी संभव है जब सामुदायिक भागीदारी बनी रहे और स्वास्थ्य तंत्र मजबूत हो।
स्रोत: dailypioneer.com



