मुख्य तथ्य
- मामला
- NEET पेपर लीक
- अदालत
- फास्ट-ट्रैक अदालत, दिल्ली
- आरोपी
- मंगल लाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल
- याचिका
- पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग की अनुमति
- अगली सुनवाई
- 6 अगस्त
- आरोपपत्र
- 13 आरोपियों के खिलाफ
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (स्नातक) यानी NEET-UG 2025 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई।
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है, और फिलहाल ये सभी न्यायिक हिरासत में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई। उच्च न्यायालय ने 23 जुलाई को न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को इस मामले के लिए नामित किया था।
वर्तमान स्थिति
NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही विशेष फास्ट-ट्रैक अदालत ने मंगलवार को तीन आरोपियों की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा। आरोपी मंगल लाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल ने स्वेच्छा से पॉलीग्राफ (झूठ पकड़ने वाली मशीन) परीक्षण और ब्रेन मैपिंग (BEAP) जांच कराने की अनुमति मांगी है।
याचिका में कहा गया है कि यह अनुरोध 'बिना किसी दबाव के स्वैच्छिक' है, ताकि उनकी 'सद्भावना' प्रदर्शित हो सके और जांच एजेंसी को 'निष्पक्ष और पारदर्शी जांच' में मदद मिल सके। याचिका में कहा गया है कि ये परीक्षण किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) में कराए जा सकते हैं।
इस दौरान अदालत में बेंच में बदलाव भी हुआ। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता को NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के लिए फिर से नियुक्त किया गया है। वे न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा की जगह लेंगे, जिन्हें दिल्ली उच्च न्यायालय के 1 अगस्त के आदेश के बाद आतंकवादी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष NIA अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है।
| घटना | तिथि |
|---|---|
| NEET-UG परीक्षा आयोजित | 3 मई |
| परीक्षा रद्द | 12 मई |
| दोबारा परीक्षा | 21 जून |
| न्यायाधीश बालिगा की नियुक्ति | 23 जुलाई |
| पहली सुनवाई | 27 जुलाई |
| अगली सुनवाई | 6 अगस्त |
प्रभाव
इस याचिका पर सीबीआई के जवाब से यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों की ओर से प्रस्तावित वैज्ञानिक परीक्षणों को जांच में शामिल किया जा सकता है या नहीं। यदि अदालत अनुमति देती है, तो ये परीक्षण जांच की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
अदालत ने विकास और दिनेश बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई भी 6 अगस्त तक टाल दी है। साथ ही, सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने का मामला भी उसी तारीख को सुना जाएगा, क्योंकि अंतिम रिपोर्ट की जांच जारी है।
इस मामले में 13 आरोपियों को आरोपपत्र में शामिल किया गया है, और वे सभी न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत का आगामी निर्णय इन आरोपियों की न्यायिक प्रक्रिया और जांच की गति को प्रभावित कर सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि अदालत आरोपियों की याचिका स्वीकार कर लेती है, तो पॉलीग्राफ और ब्रेन मैपिंग परीक्षण कराए जा सकते हैं, जिससे जांच में नए तथ्य सामने आ सकते हैं। हालांकि, इन परीक्षणों के नतीजों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा सकते हैं।
सीबीआई के जवाब के बाद अदालत 6 अगस्त को इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है। यदि सीबीआई आपत्ति करती है, तो मामला लंबित रह सकता है, और जमानत याचिकाओं पर भी फैसला टल सकता है।
आरोपपत्र पर संज्ञान लेने का मामला भी 6 अगस्त को सुना जाएगा। यदि अदालत आरोपपत्र स्वीकार कर लेती है, तो मुकदमे की कार्यवाही शुरू हो सकती है, लेकिन यदि रिपोर्ट में कमियां पाई जाती हैं, तो आगे की जांच के आदेश दिए जा सकते हैं।
स्रोत: deccanchronicle.com
खबर को बेहतर समझें
आंकड़े, तुलना और घटनाक्रम—एक ही जगह, बिना अनुमान के
NEET पेपर लीक मामले की समयरेखा
- 01
NEET-UG परीक्षा आयोजित
NEET-UG परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी।
- 02
दोबारा परीक्षा
पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की गई।
- 03
न्यायाधीश की नियुक्ति
उच्च न्यायालय ने न्यायाधीश अनु ग्रोवर बालिगा को नामित किया।
- 04
पहली सुनवाई
NEET पेपर लीक मामले की पहली सुनवाई हुई।
स्रोत:स्रोत: deccanchronicle.com स्रोत-समर्थित



