मुख्य तथ्य
- नाम
- शंकर मुरली
- पद
- इंजीनियरिंग एनालिस्ट मैनेजर, गूगल
- अनुभव
- 20 वर्ष
- मुख्य भूमिकाएं
- चेकआउट, लाइसेंसिंग, विज्ञापन नीति प्रवर्तन
- वर्तमान कार्य
- क्लाउड और वर्कस्पेस टीमों के लिए समस्या समाधान
पृष्ठभूमि
शंकर मुरली, जो गूगल में इंजीनियरिंग एनालिस्ट मैनेजर हैं, ने हाल ही में कंपनी में अपने 20 साल पूरे होने पर एक लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से अपनी यात्रा साझा की। वे गूगल इंडिया में शामिल हुए थे जब कंपनी अपने शुरुआती दौर में थी और कार्यालय में कैफेटेरिया तक नहीं था। टीमें भी बहुत छोटी थीं।
अपने शुरुआती दिनों में, उन्होंने चेकआउट नामक एक प्रारंभिक भुगतान पायलट पर काम किया, जिसमें व्हाइटबोर्डिंग सत्र, जोखिम और व्यापारी समीक्षा मॉडल डिजाइन करना शामिल था। उस समय टीजीआईएफ बैठकें बहुत अंतरंग होती थीं, जहां नेता खुले तौर पर विचारों पर चर्चा करते थे और कर्मचारी लगभग कुछ भी पूछ सकते थे।
वर्तमान स्थिति
शंकर मुरली ने अपने 20 वर्षों के करियर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने लाइसेंसिंग विस्तार पर काम किया, जिसमें अमेरिका के सभी 50 राज्यों में गूगल पेमेंट्स की स्थापना शामिल थी। इसके बाद वे डबलिन, आयरलैंड स्थित एक टीम में शामिल हुए, जहां उन्होंने यूके भुगतान लाइसेंस और एफएसए रिपोर्टिंग संभाली और मैन्युअल अनुपालन कार्य को स्केलेबल सिस्टम में बदलने में मदद की।
इस विस्तार चरण के दौरान उन्होंने टीमों का निर्माण और प्रशिक्षण किया। बाद में उन्होंने विज्ञापन नीति प्रवर्तन पर काम किया, जो वेबस्पैम से अलग होकर बना था। उन्होंने शुरुआती एसवीएम मॉडल और विस्तारित इंजीनियरिंग घंटों के साथ काम किया और नकली उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई का नेतृत्व किया। वर्तमान में, वे क्लाउड और वर्कस्पेस टीमों के लिए जटिल समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
| भूमिका | विवरण |
|---|---|
| चेकआउट | प्रारंभिक भुगतान पायलट |
| लाइसेंसिंग विस्तार | अमेरिका के 50 राज्यों में गूगल पेमेंट्स |
| डबलिन टीम | यूके भुगतान लाइसेंस और एफएसए रिपोर्टिंग |
| विज्ञापन नीति प्रवर्तन | वेबस्पैम से अलग, नकली उत्पादों पर कार्रवाई |
| वर्तमान भूमिका | क्लाउड और वर्कस्पेस टीमों के लिए समस्या समाधान |
प्रभाव
शंकर मुरली के अनुभव और नेतृत्व की सीख उनके सहकर्मियों और टीम के सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं। उनके लिंक्डइन पोस्ट पर कई उपयोगकर्ताओं ने टिप्पणी की है, जिसमें उनके समर्पण, संस्थागत ज्ञान और मेंटरशिप की सराहना की गई है। एक उपयोगकर्ता ने कहा कि उन्होंने लड़ाई लड़ी और खुशी के साथ ऐसा किया, जबकि दूसरे ने उन्हें 'महान मेंटर, सहकर्मी और मित्र' बताया।
उनकी सीख, जैसे 'मोटी त्वचा बनाए रखना' और 'बदलाव को अपनाना', उन पेशेवरों के लिए मार्गदर्शक हो सकती हैं जो तेजी से बदलती कंपनी संस्कृति में काम कर रहे हैं। उनका यह संदेश कि 'सम्मान वैकल्पिक नहीं है' और 'साझा ज्ञान ही बढ़ता है', कार्यस्थल पर सकारात्मक संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
शंकर मुरली ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि अगला अध्याय क्या होगा, लेकिन उनकी जिज्ञासा और कुछ अलग करने की आदत और तेज होगी। यदि वे इसी तरह सीखते और बदलाव को अपनाते रहे, तो वे गूगल में और अधिक योगदान दे सकते हैं।
उनके अनुभव से यह संभावना है कि वे आने वाले वर्षों में नई चुनौतियों का सामना करेंगे और अपनी टीमों को प्रेरित करते रहेंगे। यदि वे अपनी वर्तमान भूमिका में बने रहते हैं, तो वे क्लाउड और वर्कस्पेस समाधानों में और सुधार ला सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस दिशा में आगे बढ़ेंगे, लेकिन उनकी सीख आने वाले समय में भी प्रासंगिक बनी रह सकती है।
स्रोत: livemint.com



