मुख्य तथ्य
- वक्ता
- सीनेटर एंजेला ऑल्सोब्रूक्स (डी-एमडी)
- मंच
- एमएसएनबीसी का 'द बीट'
- आरोप
- राष्ट्रपति ट्रंप देश की 'स्मैश-एंड-ग्रैब' कर रहे हैं
- युद्ध समाप्त करने के लिए मतदान
- 13 बार
- लाभार्थी
- केवल अरबपति
- प्रभावित
- मेहनतकश लोग, बच्चे, घायल
पृष्ठभूमि
अमेरिकी सीनेटर एंजेला ऑल्सोब्रूक्स (डेमोक्रेट-मैरीलैंड) ने सोमवार को एमएसएनबीसी के कार्यक्रम 'द बीट' में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ट्रंप देश की 'स्मैश-एंड-ग्रैब' (लूट-पाट) में लगे हुए हैं।
ऑल्सोब्रूक्स ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अमेरिका एक युद्ध में उलझा हुआ है, जिसके बारे में उनका कहना है कि उसका कोई रणनीतिक उद्देश्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति को युद्ध से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं पता है।
वर्तमान स्थिति
ऑल्सोब्रूक्स ने कहा, "सच्चाई यह है कि इस राष्ट्रपति ने हमारे देश को बिना किसी रणनीतिक लक्ष्य के युद्ध में झोंक दिया। उन्हें नहीं पता था कि इस युद्ध से देश को कैसे बाहर निकाला जाए।" उन्होंने बताया कि उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए 13 बार मतदान किया।
उन्होंने कहा कि जब युद्ध जारी है, तब अमेरिकी बच्चे मर रहे हैं, जबकि राष्ट्रपति के बच्चे अमीर हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध की लागत देश के मेहनतकश लोगों पर पड़ रही है, जिनमें मारे गए और घायल हुए लोग भी शामिल हैं। उन्होंने गैस, बिजली और किराने की बढ़ती कीमतों का भी जिक्र किया।
| विवरण | मान |
|---|---|
| युद्ध समाप्त करने के लिए मतदान | 13 बार |
| लाभार्थी | अरबपति |
| प्रभावित समूह | मेहनतकश लोग, बच्चे, घायल |
प्रभाव
ऑल्सोब्रूक्स ने कहा कि युद्ध की लागत मेहनतकश लोगों पर पड़ रही है, जिससे उनकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गैस, बिजली और किराने की कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों की जेब पर बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस 'स्मैश-एंड-ग्रैब' से केवल अरबपतियों को फायदा हुआ है। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि लोग अपने हित में वोट करने के लिए बाहर आएंगे।" उन्होंने कहा कि लोग ऐसे लोगों को सत्ता में देखना चाहते हैं जो अपनी जेब नहीं भर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
ऑल्सोब्रूक्स ने कहा, "कोई भी यथास्थिति नहीं चाहता। मुझे लगता है कि हर कोई अभी जबरदस्त बदलाव के लिए भूखा है।" उन्होंने संकेत दिया कि आगामी चुनावों में मतदाता बदलाव चाहते हैं।
यदि युद्ध जारी रहता है और आर्थिक दबाव बढ़ता है, तो मतदाताओं में असंतोष और बढ़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ेगा। यदि प्रशासन युद्ध समाप्त करने या आर्थिक राहत देने में विफल रहता है, तो विपक्ष को राजनीतिक लाभ हो सकता है।
स्रोत: breitbart.com



