मुख्य तथ्य
- अध्ययन प्रकार
- मेटा-विश्लेषण
- प्रतिभागी
- 114,592
- RCT की संख्या
- 35
- कम खुराक सीमा
- 1,500 मिलीग्राम/दिन से कम EPA+DHA
- पत्रिका
- Circulation: Arrhythmia and Electrophysiology
- प्रकाशन तिथि
- 2026-08-04
पृष्ठभूमि
हाल के वर्षों में कई मेटा-विश्लेषणों ने सुझाव दिया था कि ओमेगा-3 सप्लीमेंट आलिंद फिब्रिलेशन (AF) के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इनमें से एक अध्ययन ने 25% बढ़े हुए जोखिम का संकेत दिया था। हालांकि, शोधकर्ताओं ने बताया कि इन रिपोर्टों में आठ से अधिक यादृच्छिक परीक्षण शामिल नहीं थे और मुख्य रूप से हृदय संबंधी परिणामों पर केंद्रित थे।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इन अध्ययनों में कई पात्र परीक्षणों को शामिल नहीं किया गया जहां AF डेटा उपलब्ध था लेकिन अप्रकाशित था। पिछले 40 वर्षों में ओमेगा-3 फैटी एसिड से जुड़े 3,900 से अधिक यादृच्छिक नियंत्रित परीक्षण (RCT) प्रकाशित हुए हैं, जिससे व्यापक साक्ष्य आधार पर इस मुद्दे की फिर से जांच की संभावना पैदा हुई है।
वर्तमान स्थिति
फैटी एसिड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FARI) के शोधकर्ताओं ने 'Circulation: Arrhythmia and Electrophysiology' पत्रिका में प्रकाशित एक नए मेटा-विश्लेषण में 35 RCT और 114,592 प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इस विश्लेषण में 15 ऐसे परीक्षण शामिल थे जिनमें पहले अप्रकाशित AF डेटा था, साथ ही उन अध्ययनों को भी शामिल किया गया जिनमें AF की कोई घटना नहीं बताई गई थी।
अध्ययन में पाया गया कि कम खुराक वाले ओमेगा-3 सप्लीमेंटेशन (1,500 मिलीग्राम/दिन से कम EPA+DHA) से AF का जोखिम नहीं बढ़ता, यहां तक कि उच्च हृदय जोखिम वाले व्यक्तियों में भी नहीं। हालांकि, उच्च खुराक वाले ओमेगा-3 थेरेपी उच्च जोखिम वाले रोगियों में AF का मामूली जोखिम बढ़ा सकती हैं।
| विवरण | मान |
|---|---|
| शामिल RCT | 35 |
| कुल प्रतिभागी | 114,592 |
| अप्रकाशित AF डेटा वाले परीक्षण | 15 |
| कम खुराक सीमा | <1,500 मिलीग्राम/दिन |
| उच्च खुराक सीमा | >2,000 मिलीग्राम/दिन |
प्रभाव
अध्ययन के वरिष्ठ लेखक विलियम एस. हैरिस ने कहा कि पोषण संबंधी खुराक लेने वाले अधिकांश लोगों के लिए ये आंकड़े आश्वस्त करने वाले हैं कि AF जोखिम में कोई सार्थक वृद्धि नहीं होती। उन्होंने कहा कि ओमेगा-3 सप्लीमेंट लेने या बंद करने का निर्णय रोगी और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के बीच चर्चा का विषय होना चाहिए।
अध्ययन से जुड़े नहीं होने के बावजूद, डॉ. चिप लावी ने कहा कि 35 RCT और लगभग 115,000 प्रतिभागियों का यह अत्यंत मजबूत सबूत है कि 1,500 मिलीग्राम से कम खुराक AF जोखिम को नहीं बढ़ाती। उन्होंने कहा कि 2,000 मिलीग्राम से अधिक खुराक AF जोखिम बढ़ा सकती है, लेकिन इसे ओमेगा-3 के लाभों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि भविष्य के अध्ययन इस निष्कर्ष की पुष्टि करते हैं, तो चिकित्सक उच्च खुराक वाले ओमेगा-3 थेरेपी का उपयोग करने वाले रोगियों की अधिक बारीकी से निगरानी कर सकते हैं, जबकि कम खुराक लेने वालों को आश्वस्त किया जा सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये निष्कर्ष नैदानिक दिशानिर्देशों को कितनी जल्दी प्रभावित करेंगे।
यदि उच्च खुराक के लाभ (जैसे हृदयाघात और स्ट्रोक में कमी) AF के छोटे जोखिम से अधिक हैं, तो डॉक्टर उच्च जोखिम वाले रोगियों के लिए उच्च खुराक की सिफारिश जारी रख सकते हैं। वैकल्पिक रूप से, यदि आगे के शोध कम खुराक के सुरक्षा प्रोफाइल की पुष्टि करते हैं, तो सामान्य आबादी में ओमेगा-3 की खपत बढ़ सकती है।
स्रोत: nutraingredients.com



