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भारत ने रूस के Su-57E लड़ाकू विमान की पेशकश ठुकराई, AMCA और Su-30MKI पर दांव लगाया

भारत ने रूस के Su-57E स्टील्थ लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि नई दिल्ली अपने Su-30MKI बेड़े के आधुनिकीकरण और स्वदेशी AMCA कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करेगा।

मुख्य तथ्य

निर्णय
भारत ने रूस के Su-57E लड़ाकू विमान की पेशकश ठुकराई
विकल्प
Su-30MKI बेड़े का आधुनिकीकरण और AMCA कार्यक्रम
Su-30MKI बेड़ा
लगभग 260 विमान
नया ऑर्डर
12 अतिरिक्त Su-30MKI, लागत लगभग 135 अरब रुपये (लगभग 1.42 अरब डॉलर)
2010 अनुबंध
295 मिलियन डॉलर का डिजाइन अनुबंध
एकमात्र निर्यात ग्राहक
अल्जीरिया (सार्वजनिक रूप से पहचाना गया)

पृष्ठभूमि

भारत और रूस के बीच पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान संयुक्त कार्यक्रम की शुरुआत दिसंबर 2010 में हुई थी, जब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रूस की रोसोबोरोनेक्सपोर्ट ने 295 मिलियन डॉलर का डिजाइन अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। यह जानकारी एयरोस्पेस ग्लोबल न्यूज के हवाले से दी गई है।

हालांकि, 2018 में भारत ने इस संयुक्त कार्यक्रम से हटने का फैसला किया। इसके पीछे विमान की स्टील्थ क्षमता, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और प्रौद्योगिकी साझा करने के दायरे को लेकर चिंताएं थीं, साथ ही बढ़ती लागत और देरी भी वजह बनीं।

वर्तमान स्थिति

भारत ने रूस के Su-57E पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। भारतीय रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि नई दिल्ली अपने स्वदेशी उत्पादित Su-30MKI लड़ाकू विमानों के उन्नयन और स्वदेशी एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह जानकारी यूनाइटेड24मीडिया के हवाले से दी गई है।

सिंह ने सीधे तौर पर Su-57 का नाम नहीं लिया, लेकिन कहा कि देश के पास 'सुखोई का नया संस्करण' हासिल करने की कोई योजना नहीं है। यह टिप्पणी इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार है, जिसे एयरोस्पेस ग्लोबल न्यूज ने उद्धृत किया है।

मॉस्को ने भारत को Su-57E के साथ लाइसेंस प्राप्त घरेलू उत्पादन और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की पेशकश की थी, लेकिन नई दिल्ली ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यूनाइटेड24मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय दोनों देशों के संयुक्त पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के पहले विफल होने के बाद आया है।

भारत-रूस लड़ाकू विमान कार्यक्रम: प्रमुख आंकड़े
विवरण मान
2010 डिजाइन अनुबंध (मिलियन डॉलर)295
सेवारत Su-30MKI विमानों की संख्या260
अतिरिक्त Su-30MKI ऑर्डर12
ऑर्डर लागत (अरब रुपये)135
ऑर्डर लागत (अरब डॉलर)1.42
सभी आंकड़े स्रोत से सीधे लिए गए हैं।

प्रभाव

इस फैसले से अल्जीरिया Su-57E का एकमात्र सार्वजनिक रूप से पहचाना जाने वाला निर्यात ग्राहक बन गया है, हालांकि रूस का दावा है कि उसने अन्य अज्ञात खरीदारों के साथ समझौते किए हैं।

भारत अब अपने वायुसेना में सेवारत लगभग 260 Su-30MKI विमानों के आधुनिकीकरण पर संसाधन केंद्रित कर रहा है। एयरोस्पेस ग्लोबल न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, नई दिल्ली इन विमानों के लिए 'सुपर सुखोई' उन्नयन की तैयारी कर रही है, जिसमें नए एवियोनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, हथियार और अतिरिक्त नेविगेशन उपकरण शामिल होंगे।

भारत के रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से 12 अतिरिक्त Su-30MKI विमानों का ऑर्डर भी दिया है, जिसकी लागत लगभग 135 अरब रुपये (लगभग 1.42 अरब डॉलर) है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यह निर्णय मॉस्को के साथ सीधे संबंध विच्छेद का संकेत नहीं देता है। भारत अभी भी रूसी निर्मित विमानों, पनडुब्बियों, टैंकों और अन्य वायु रक्षा प्रणालियों का बड़ा भंडार रखता है, और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे संयुक्त कार्यक्रम जारी रखे हुए है।

विश्लेषकों का कहना है कि रूस की चीन पर बढ़ती आर्थिक निर्भरता, जो भारत का रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी है, ने नई दिल्ली की भविष्य की रक्षा जरूरतों के लिए मॉस्को पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सतर्कता बढ़ा दी है।

यदि भारत AMCA कार्यक्रम को समय पर पूरा करने में सफल रहता है, तो यह उसकी रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत कर सकता है। हालांकि, यदि कार्यक्रम में देरी होती है, तो भारत को अपने वायुसेना बेड़े की क्षमता बनाए रखने के लिए अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।

स्रोत: kyivpost.com

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तुलना

भारत-रूस लड़ाकू विमान कार्यक्रम: प्रमुख आंकड़े

मान
295221.25147.573.750295260121351.422010 डिजाइन अनुबंध (मिलियन डॉलर)2010 डिजाइन अनु…सेवारत Su-30MKI विमानों की संख्यासेवारत Su-30MKI…अतिरिक्त Su-30MKI ऑर्डरअतिरिक्त Su-30M…ऑर्डर लागत (अरब रुपये)ऑर्डर लागत (अरब…ऑर्डर लागत (अरब डॉलर)ऑर्डर लागत (अरब…
2010 डिजाइन अनुबंध (मिलियन डॉलर)295
सेवारत Su-30MKI विमानों की संख्या260
अतिरिक्त Su-30MKI ऑर्डर12
ऑर्डर लागत (अरब रुपये)135
ऑर्डर लागत (अरब डॉलर)1.42

ऑर्डर लागत (अरब डॉलर)1.42

सटीक आंकड़े देखें
श्रेणीमान
2010 डिजाइन अनुबंध (मिलियन डॉलर)295
सेवारत Su-30MKI विमानों की संख्या260
अतिरिक्त Su-30MKI ऑर्डर12
ऑर्डर लागत (अरब रुपये)135
ऑर्डर लागत (अरब डॉलर)1.42

स्रोत:kyivpost.com स्रोत-समर्थित

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