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दिल्ली: तीन करोड़ रुपये की संपत्ति ऋण धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने लक्ष्मी नगर से तीन करोड़ रुपये की संपत्ति ऋण धोखाधड़ी में वित्तपोषक और ऋण सुविधाकर्ता मनीष कुमार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने जाली दस्तावेजों और शेल कंपनियों के जरिए प्रोटियम फाइनेंस से ऋण हासिल किया।

दिल्ली: तीन करोड़ रुपये की संपत्ति ऋण धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

गिरफ्तार व्यक्ति
मनीष कुमार (59), लक्ष्मी नगर निवासी
धोखाधड़ी की राशि
लगभग 3 करोड़ रुपये
पीड़ित कंपनी
प्रोटियम फाइनेंस लिमिटेड
प्राथमिकी संख्या
78/25, पुलिस स्टेशन ईओडब्ल्यू, नई दिल्ली
धाराएं
419, 420, 467, 468, 471, 120-बी आईपीसी
गिरफ्तारी की तारीख
14 जुलाई (पुलिस के अनुसार)

पृष्ठभूमि

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया है, जो वित्तपोषक और ऋण सुविधाकर्ता के रूप में काम करता था। उस पर एक वित्त कंपनी के खिलाफ तीन करोड़ रुपये की संपत्ति ऋण धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है।

गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान मनीष कुमार (59) के रूप में हुई है, जो लक्ष्मी नगर का निवासी है। उसे उसके कार्यालय से हिरासत में लिया गया। आर्थिक अपराध शाखा के अपराध पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला प्रोटियम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़ा है।

वर्तमान स्थिति

पुलिस के अनुसार, मनीष कुमार को 14 जुलाई को दर्ज प्राथमिकी संख्या 78/25 के तहत गिरफ्तार किया गया है। यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 419, 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत दर्ज की गई है।

प्रोटियम फाइनेंस के अधिकृत प्रतिनिधि लवलीन मंचंदा ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आनंद विहार के डी-ब्लॉक में एक संपत्ति की खरीद के लिए तीन करोड़ रुपये का आवास ऋण धोखाधड़ी से हासिल किया गया। जांच में पता चला कि 9 नवंबर 2022 की बिक्री विलेख जाली दस्तावेजों के आधार पर निष्पादित की गई थी, जिसमें एक महिला (अब मृत) ने असली मालिक होने का दिखावा किया था।

पुलिस ने बताया कि उसी संपत्ति के लिए 25 दिनों के भीतर दो जाली बिक्री विलेख निष्पादित किए गए, जिससे आरोपियों को वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करने में मदद मिली। मनीष कुमार ने खुद को वास्तविक खरीदार बताया था, लेकिन जांच में वह साजिश का सक्रिय सदस्य पाया गया।

धोखाधड़ी से जुड़े प्रमुख विवरण
विवरण जानकारी
बिक्री विलेख की तारीख9 नवंबर 2022
संपत्ति का स्थानडी-ब्लॉक, आनंद विहार, दिल्ली
दो जाली बिक्री विलेखों के बीच अंतर25 दिन
शिकायतकर्तालवलीन मंचंदा (प्रोटियम फाइनेंस के अधिकृत प्रतिनिधि)
बरामद सामानमोबाइल फोन, सिम कार्ड, डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र, चेकबुक, पीओएस मशीन
सभी आंकड़े पुलिस द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर आधारित हैं।

प्रभाव

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने न केवल जाली शीर्षक दस्तावेजों और प्रतिरूपण का इस्तेमाल किया, बल्कि ऋण राशि को हड़पने के लिए शेल कंपनियां और फर्म भी बनाईं। मनीष कुमार ने अपनी असली पत्नी से अलग एक अन्य महिला (अब मृत) को अपनी पत्नी और सह-आवेदक के रूप में दिखाया।

तकनीकी निगरानी के दौरान पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार अपना निवास बदल रहा था। लगातार निगरानी के बाद उसे लक्ष्मी नगर के एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र, विभिन्न बैंकों के चेकबुक, पीओएस मशीन और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं।

पुलिस ने संपत्ति मालिकों और वित्त कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अपराध पुलिस उपायुक्त ने कहा कि संपत्ति मालिकों को अपनी संपत्ति को लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए और नियमित रूप से उसकी सुरक्षा की जांच करनी चाहिए। बैंकों और वित्तीय संस्थानों को लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों के खिलाफ ऋण वितरित करते समय उचित सावधानी बरतनी चाहिए।

आगे की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

पुलिस ने कहा है कि अन्य आरोपियों की भूमिका और अपराध से अर्जित धन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। यदि जांच में अन्य लोगों के शामिल होने का पता चलता है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी से वित्तीय संस्थानों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यदि बैंक और वित्त कंपनियां संपत्ति के दस्तावेजों की पड़ताल और सत्यापन को और सख्त बनाती हैं, तो भविष्य में इस तरह के मामलों में कमी आ सकती है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद क्या कानूनी परिणाम होंगे। यदि अदालत में आरोप सिद्ध होते हैं, तो उसे दंड का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं की जा सकती।

स्रोत: prokerala.com

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