मुख्य तथ्य
- सुनवाई की तारीख
- 5 अगस्त 2026, सुबह 10 बजे
- आरोपी
- उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते
- मुख्य आरोप
- ओवीपी द्वारा 11 दिनों में 125 मिलियन पेसो खर्च
- अभियोजन पक्ष का बयान
- 'स्कैम' कहा गया
- ऑडिटर की गवाही
- 'मैरी ग्रेस पियातोस' को 70,000 पेसो की दवा 'इनाम' में मिली
- अन्य आरोप
- ओवीपी कर्मचारियों ने कोआ रिपोर्ट को कमजोर करने की कोशिश की
पृष्ठभूमि
फिलीपींस की सीनेट में उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के खिलाफ महाभियोग मुकदमे की सुनवाई 5 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे फिर शुरू हुई। यह मुकदमा पिछले दिनों से चल रहा है, और इस दौरान कई आरोप सामने आए हैं। फिलीपीन स्टार की लाइव कवरेज के अनुसार, सीनेट इस मामले की सुनवाई वास्तविक समय में कर रही है।
मुकदमे से जुड़े पिछले सत्रों में सुरक्षित घरों (सेफहाउस), हस्ताक्षरों और सेंसर किए गए 'एस' शब्द जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। 4 अगस्त के सत्र का सारांश इन्हीं विषयों पर केंद्रित था। इसके अलावा, आरोप लगाया गया कि उपराष्ट्रपति कार्यालय (ओवीपी) के कर्मचारियों ने कोआ (आयोग ऑफ ऑडिट) की रिपोर्ट को कमजोर करने के लिए पैरवी की।
वर्तमान स्थिति
5 अगस्त की सुनवाई में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि उपराष्ट्रपति कार्यालय द्वारा 11 दिनों में 125 मिलियन पेसो खर्च करना गैरकानूनी नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष के वकील कापुनन ने कथित धन के दुरुपयोग को 'घोटाला' बताते हुए कहा कि यह 'स्कैम' है।
इसके अलावा, एक ऑडिटर ने गवाही दी कि 'मैरी ग्रेस पियातोस' नाम की एक व्यक्ति को 'इनाम' के रूप में 70,000 पेसो की दवा मिली। यह मामला ओवीपी के खर्चों से जुड़ा है। सीनेट की कार्यवाही जारी है, और दोनों पक्षों के बीच बहस तेज है।
| विवरण | राशि/संख्या |
|---|---|
| 11 दिनों में खर्च | 125 मिलियन पेसो |
| दवा की राशि | 70,000 पेसो |
प्रभाव
इस मुकदमे का सीधा असर फिलीपींस की राजनीति पर पड़ रहा है। उपराष्ट्रपति के खिलाफ चल रही यह कार्यवाही सरकार की छवि और प्रशासनिक विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो इससे ओवीपी के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठेंगे।
इसके अलावा, इस मामले में कोआ (आयोग ऑफ ऑडिट) की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि ओवीपी कर्मचारियों ने ऑडिट रिपोर्ट को कमजोर करने की कोशिश की, जिससे संस्थागत निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है। आम जनता और नागरिक समाज इस पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
आगे की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि सीनेट को आरोपों के पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते को पद से हटाया जा सकता है। हालांकि, यह तभी संभव है जब सीनेट में दो-तिहाई बहुमत से महाभियोग का प्रस्ताव पारित हो। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सीनेट में कितने सदस्य इस पक्ष में हैं।
अगर बचाव पक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने में सफल रहता है, तो मुकदमा लंबा खिंच सकता है और राजनीतिक गतिरोध बना रह सकता है। संभावना है कि आने वाले सत्रों में और गवाह पेश होंगे और नए सबूत सामने आएंगे। यदि अभियोजन पक्ष ठोस सबूत पेश करने में विफल रहता है, तो आरोप खारिज हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं की जा सकती।
स्रोत: philstar.com



