नाइजीरिया की राष्ट्रीय पेंशन आयोग (पेनकॉम) ने अनिवार्य पेंशन योगदान को मौजूदा 18 प्रतिशत से बढ़ाकर 21 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें नियोक्ताओं का योगदान तीन प्रतिशत अंक बढ़ाने का प्रावधान है। संगठित निजी क्षेत्र (ओपीएस) ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है, क्योंकि व्यवसाय पहले से ही उच्च ऊर्जा लागत, ब्याज दरों और कमजोर मांग से जूझ रहे हैं।
पेनकॉम का तर्क है कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा और मुद्रास्फीति के मद्देनजर यह समीक्षा आवश्यक है। हालांकि, निर्माता संघ का कहना है कि कई कंपनियां पतले मार्जिन पर चल रही हैं और अतिरिक्त वित्तीय बोझ से वे भर्ती स्थगित कर सकती हैं, वेतन समीक्षा टाल सकती हैं, या कर्मचारियों की संख्या घटा सकती हैं। छोटे व्यवसायों के अनौपचारिक क्षेत्र में जाने का भी खतरा है, जिससे पेंशन आधार सिकुड़ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय तुलना में नाइजीरिया की वर्तमान योगदान दर 18 प्रतिशत ओईसीडी औसत के अनुरूप है। ब्रिटेन में न्यूनतम योगदान आठ प्रतिशत है, जबकि अमेरिका में 401(के) योजनाओं में योगदान स्वैच्छिक है। दक्षिण अफ्रीका में औसत योगदान लगभग 15 प्रतिशत है। ऐसे में नाइजीरिया की दर कम नहीं है, बल्कि असली चुनौती कम मजदूरी और उच्च मुद्रास्फीति है, जो श्रमिकों की क्रय शक्ति को कम कर रही है।
पेनकॉम से आग्रह किया गया है कि वह बदलाव से पहले व्यापक एक्चुअरीय साक्ष्य प्रस्तुत करे और रोजगार, वेतन तथा निवेश पर प्रभाव का स्वतंत्र आकलन कराए। ओपीएस का कहना है कि सुधार सरकार, श्रमिक संगठनों और नियोक्ताओं के बीच त्रिपक्षीय वार्ता से ही होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन को मजबूत करने के लिए उद्यमों को कमजोर करना उल्टा कदम होगा।
स्रोत: punchng.com



