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RBI ने जारी किए डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण निर्देश, 2026

RBI ने वाणिज्यिक बैंकों के लिए डिजिटल भुगतान सुरक्षा निर्देश जारी किए, जो तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। इनमें बोर्ड स्तरीय नीतियों से लेकर इंटरनेट, मोबाइल और कार्ड भुगतान सुरक्षा तक के प्रावधान शामिल हैं।

मुख्य तथ्य

जारी करने की तिथि
31 जुलाई 2026
प्रभावी तिथि
तुरंत प्रभाव से
लागू होने वाली संस्थाएँ
वाणिज्यिक बैंक (स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक, लोकल एरिया बैंक को छोड़कर)
कानूनी आधार
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949; भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007
दायरा
डिजिटल भुगतान उत्पाद और सेवाएँ, जिनमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन शामिल हैं

पृष्ठभूमि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 31 जुलाई 2026 को 'रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (वाणिज्यिक बैंक – डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण) निर्देश, 2026' जारी किए। ये निर्देश बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 की धाराओं के तहत जारी किए गए हैं।

निर्देशों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान उत्पादों और सेवाओं में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है। ये वाणिज्यिक बैंकों पर लागू होंगे, जिनमें बैंकिंग कंपनियाँ (स्मॉल फाइनेंस बैंक, पेमेंट्स बैंक और लोकल एरिया बैंक को छोड़कर), संवाददाता नए बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं।

निर्देशों में डिजिटल भुगतान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जैसे बोर्ड की भूमिका, सामान्य नियंत्रण, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल भुगतान ऐप और कार्ड भुगतान सुरक्षा। ये निर्देश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे।

वर्तमान स्थिति

निर्देशों के अनुसार, ये वाणिज्यिक बैंकों द्वारा प्रदान किए जाने वाले सभी डिजिटल भुगतान उत्पादों और सेवाओं पर लागू होंगे, जिनमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन जैसे बैलेंस पूछताछ, पिन सेट/बदलना, मोबाइल बैंकिंग पंजीकरण, ओटीपी जनरेशन, मिनी-स्टेटमेंट, लेनदेन की स्थिति जांच और शिकायत दर्ज करने की सुविधा शामिल है।

ये निर्देश बैंक द्वारा सीधे या RBI या RBI द्वारा अधिकृत भुगतान प्रणाली संचालकों (PSOs) के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं पर लागू होंगे। साथ ही, इनसे जुड़े आईटी संसाधनों (एप्लिकेशन, सिस्टम, इंफ्रास्ट्रक्चर) को भी दायरे में रखा गया है।

निर्देशों में साइबर सुरक्षा से जुड़ी परिभाषाएँ भी दी गई हैं, जो मुख्य रूप से वित्तीय स्थिरता बोर्ड (FSB) साइबर लेक्सिकन से ली गई हैं। इनमें उपलब्धता, गोपनीयता, अखंडता, साइबर हमला, डीडीओएस, मैलवेयर, फ़िशिंग आदि शामिल हैं।

निर्देशों में शामिल मुख्य अध्याय
अध्याय विवरण
अध्याय Iप्रारंभिक
अध्याय IIबोर्ड की भूमिका
अध्याय IIIसामान्य नियंत्रण
अध्याय IVइंटरनेट बैंकिंग सुरक्षा नियंत्रण
अध्याय Vमोबाइल भुगतान एप्लिकेशन सुरक्षा नियंत्रण
अध्याय VIकार्ड भुगतान सुरक्षा नियंत्रण
अध्याय VIIनिरसन और अन्य प्रावधान
स्रोत: RBI निर्देश, 2026

प्रभाव

इन निर्देशों का सीधा असर वाणिज्यिक बैंकों पर पड़ेगा, जिन्हें अपनी डिजिटल भुगतान प्रणालियों में सुरक्षा नियंत्रण लागू करने होंगे। बैंकों को बोर्ड स्तरीय नीतियाँ बनानी होंगी और सुरक्षा जोखिमों के प्रबंधन के लिए एक मजबूत ढाँचा स्थापित करना होगा।

ग्राहकों को अधिक सुरक्षित डिजिटल भुगतान अनुभव मिलने की संभावना है, क्योंकि निर्देशों में धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन, सुलह तंत्र और ग्राहक संरक्षण पर जोर दिया गया है। हालांकि, बैंकों को नए मानकों को लागू करने में समय और संसाधनों का निवेश करना पड़ सकता है।

इन निर्देशों से डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में सुरक्षा मानकों में वृद्धि हो सकती है, जिससे साइबर हमलों और धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आ सकती है। हालांकि, इसका पूरा प्रभाव तभी स्पष्ट होगा जब बैंक इन्हें लागू करेंगे।

भविष्य का परिदृश्य

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि बैंक इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो डिजिटल भुगतान प्रणाली अधिक सुरक्षित हो सकती है और ग्राहकों का विश्वास बढ़ सकता है। इससे डिजिटल लेनदेन में वृद्धि हो सकती है।

हालांकि, यदि बैंकों को नए मानकों को लागू करने में कठिनाई होती है, तो उन्हें अनुपालन के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता हो सकती है। RBI द्वारा आगे स्पष्टीकरण या संशोधन जारी किए जाने की संभावना है।

आने वाले समय में, इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से साइबर सुरक्षा घटनाओं में कमी आ सकती है, लेकिन यह तभी संभव है जब बैंक नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट और पैठ परीक्षण करें।

स्रोत: Reserve Bank of India

AMRIT EXPLAINER

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निर्देशों के अध्यायों की संख्या

अनुभागों की संख्या
75.253.51.7501171113अध्याय Iअध्याय Iअध्याय IIअध्याय IIअध्याय IIIअध्याय IIIअध्याय IVअध्याय IVअध्याय Vअध्याय Vअध्याय VIअध्याय VIअध्याय VIIअध्याय VIIइकाई: अध्याय
अध्याय I1 अध्याय
अध्याय II1 अध्याय
अध्याय III7 अध्याय
अध्याय IV1 अध्याय
अध्याय V1 अध्याय
अध्याय VI1 अध्याय
अध्याय VII3 अध्याय

अध्याय VII3 अध्याय

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श्रेणीअनुभागों की संख्या
अध्याय I1 अध्याय
अध्याय II1 अध्याय
अध्याय III7 अध्याय
अध्याय IV1 अध्याय
अध्याय V1 अध्याय
अध्याय VI1 अध्याय
अध्याय VII3 अध्याय

स्रोत:स्रोत: RBI निर्देश, 2026 स्रोत-समर्थित

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