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सेबी ने REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने का प्रस्ताव रखा

सेबी ने REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है, जिससे वैश्विक निवेशकों के लिए निवेश के रास्ते खुल सकते हैं।

सेबी ने REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने का प्रस्ताव रखा
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

नियामक
सेबी
प्रस्ताव
REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करना
उद्देश्य
वैश्विक निवेशकों के लिए निवेश के रास्ते खोलना
स्थिति
प्रस्ताव चरण में, सार्वजनिक टिप्पणियाँ आमंत्रित

पृष्ठभूमि

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (REIT) और बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (InvIT) की इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव वैश्विक निवेशकों के लिए इन वाहनों में निवेश के मार्ग को आसान बना सकता है।

सेबी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारतीय बाजार में REIT और InvIT जैसे वैकल्पिक निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। डिपॉजिटरी रसीदें विदेशी निवेशकों को स्थानीय शेयर बाजार में सीधे कारोबार किए बिना भारतीय परिसंपत्तियों में निवेश करने का अवसर प्रदान करती हैं।

वर्तमान स्थिति

सेबी ने यह प्रस्ताव एक परामर्श पत्र के माध्यम से रखा है, जिसमें बाजार सहभागियों से टिप्पणियाँ आमंत्रित की गई हैं। प्रस्ताव के अनुसार, REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने की अनुमति दी जा सकती है, जिससे इन वाहनों की तरलता और वैश्विक पहुंच बढ़ सकती है।

यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है और इसे लागू करने से पहले सार्वजनिक टिप्पणियों और सेबी के अंतिम निर्णय की आवश्यकता होगी। फिलहाल, REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी करने की कोई मौजूदा व्यवस्था नहीं है।

प्रभाव

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे REIT और InvIT में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को लाभ हो सकता है, क्योंकि उन्हें सीधे भारतीय बाजार में प्रवेश किए बिना निवेश का अवसर मिलेगा। इससे इन वाहनों में निवेश प्रवाह बढ़ सकता है और बुनियादी ढांचा तथा रियल एस्टेट क्षेत्रों को वित्तपोषण मिल सकता है।

घरेलू निवेशकों पर प्रभाव स्पष्ट नहीं है, लेकिन संभावना है कि इससे बाजार में गहराई आएगी और REIT/InvIT इकाइयों की कीमतों में स्थिरता आ सकती है। हालांकि, यह भी संभव है कि वैश्विक बाजार की अस्थिरता का असर इन वाहनों पर बढ़ सकता है।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि सेबी इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देता है, तो REIT और InvIT इकाइयों के विरुद्ध डिपॉजिटरी रसीदें जारी हो सकती हैं, जिससे वैश्विक निवेशकों के लिए निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव कब लागू होगा और इसके लिए किन नियामकीय मंजूरियों की आवश्यकता होगी।

यदि बाजार सहभागियों की टिप्पणियों में चिंताएँ उठती हैं, तो सेबी प्रस्ताव में संशोधन कर सकता है या इसे लागू करने में देरी हो सकती है। वैकल्पिक रूप से, यदि प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिलता है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार के वैश्वीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

स्रोत: indiatimes.com

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