अमेरिका में पिछले कुछ दशकों में धार्मिकता में गिरावट आई है, लेकिन जेन जेड पीढ़ी इस प्रवृत्ति से हटकर अधिक धार्मिक होती दिख रही है। डेली यूटा क्रॉनिकल में प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, यह पीढ़ी कैथोलिक और ऑर्थोडॉक्स चर्च जैसे पारंपरिक धार्मिक संस्थानों में रुचि दिखा रही है।
लेख में कहा गया है कि संस्थानों में विश्वास समाज की नींव है, लेकिन वर्तमान में अमेरिकियों का सरकार, मीडिया और न्याय व्यवस्था जैसी संस्थाओं में भरोसा बेहद कम है। इससे आपसी विश्वास भी प्रभावित हुआ है। जेन जेड का धार्मिक संस्थानों की ओर झुकाव विनम्रता और आत्म-चिंतन की क्षमता का संकेत माना जा रहा है।
जेन जेड को सबसे अकेली पीढ़ी बताया गया है, जिसमें दो-तिहाई से अधिक युवा अकेलापन महसूस करते हैं। लेख के अनुसार, धार्मिक लोगों में समुदाय से जुड़ाव की भावना अधिक पाई जाती है, और नियमित चर्च जाने से सामाजिक संपर्क बढ़ते हैं। यह अकेलेपन से निपटने में मददगार हो सकता है।
लेखक, जो स्वयं रोमन कैथोलिक हैं, ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि धर्म ने उन्हें अकेलेपन और अपराधबोध से उबरने में मदद की। ईसाई धर्म में क्षमा का संदेश युवाओं को निराशा और असहायता से लड़ने की शक्ति देता है। लेख में कहा गया है कि कॉलेज के दौरान मिली स्वतंत्रता और जिम्मेदारी के बीच धर्म युवाओं को एक आधार प्रदान कर सकता है।
स्रोत: dailyutahchronicle.com



