मुख्य तथ्य
- मतदान की तिथि
- इस सप्ताह (2026-08-05 के आसपास)
- समिति
- अमेरिकी सीनेट वाणिज्य समिति
- विधेयक
- KOSA, SCREEN Act, Youth AI Privacy Act, CHATBOT Act
- EFF का रुख
- विधेयकों का विरोध, आयु-गेटिंग पर चिंता
- EFF की सिफारिश
- राष्ट्रीय उपभोक्ता गोपनीयता विधेयक या व्यवहारिक विज्ञापन पर प्रतिबंध
पृष्ठभूमि
अमेरिकी सीनेट की वाणिज्य समिति इस सप्ताह चार इंटरनेट विधेयकों पर मतदान करने जा रही है, जिनमें किड्स ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट (KOSA), SCREEN एक्ट, यूथ एआई प्राइवेसी एक्ट और CHATBOT एक्ट शामिल हैं। ये सभी विधेयक बच्चों और किशोरों को ऑनलाइन खतरों से बचाने का दावा करते हैं।
हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन (EFF) का कहना है कि इन विधेयकों में प्रस्तावित समाधान बच्चों को सुरक्षित नहीं बनाएंगे, बल्कि नई गोपनीयता और डेटा सुरक्षा समस्याएं पैदा करेंगे। EFF ने समिति को एक पत्र भेजकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।
वर्तमान स्थिति
EFF के अनुसार, ये विधेयक इंटरनेट पर आयु-गेटिंग (age-gating) को बढ़ावा देंगे, जिससे युवाओं के लिए कानूनी भाषण तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही, ये प्लेटफार्मों को वयस्कों और किशोरों दोनों के लिए असंवैधानिक प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर करेंगे।
EFF का कहना है कि इन विधेयकों के बजाय समिति को एक राष्ट्रीय उपभोक्ता गोपनीयता विधेयक पर ध्यान देना चाहिए जो सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा करे, या व्यवहारिक विज्ञापन पर प्रतिबंध लगाए जो वेब पर उपयोगकर्ताओं को ट्रैक करता है।
| विधेयक का नाम | मुख्य चिंता |
|---|---|
| KOSA | आयु-गेटिंग और सेंसरशिप |
| SCREEN Act | आयु-गेटिंग और सेंसरशिप |
| Youth AI Privacy Act | गोपनीयता और डेटा सुरक्षा |
| CHATBOT Act | गोपनीयता और डेटा सुरक्षा |
प्रभाव
यदि ये विधेयक पारित होते हैं, तो इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की निजता पर गंभीर असर पड़ सकता है। EFF का कहना है कि इन विधेयकों से अधिक जानकारी एकत्र होगी, अधिक निगरानी होगी और सभी उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए गोपनीयता कम होगी।
विशेष रूप से, युवा उपयोगकर्ताओं को कानूनी भाषण तक पहुंचने में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, और प्लेटफार्मों को सामग्री पर सेंसरशिप लागू करनी पड़ सकती है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए भी खतरा है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि समिति इन विधेयकों को मंजूरी देती है, तो वे आगे की प्रक्रिया में जा सकते हैं, लेकिन उन्हें पूर्ण सीनेट और प्रतिनिधि सभा में पारित होना होगा। संभावना है कि इन विधेयकों में संशोधन हो सकते हैं या वे अटक सकते हैं।
EFF ने समिति के साथ काम करने की इच्छा जताई है ताकि एक ऐसा रास्ता निकाला जा सके जो सभी उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा करे। यदि समिति EFF की सिफारिशों पर ध्यान देती है, तो विधेयकों की दिशा बदल सकती है। अन्यथा, यदि वे पारित होते हैं, तो इंटरनेट पर निजता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
स्रोत: eff.org



