भारतीय पंखा बाजार में 2010 के दशक की शुरुआत में क्रॉम्पटन, उषा, हेवेल्स, ओरिएंट और बजाज जैसे पारंपरिक ब्रांडों का दबदबा था। अधिकांश पंखे पारंपरिक इंडक्शन मोटर का उपयोग करते थे, जो अक्षम, शोरगुल वाले और अधिक बिजली की खपत वाले थे।
एटमबर्ग ने BLDC (ब्रशलेस डायरेक्ट करंट) मोटर तकनीक पेश करके इस स्थिर श्रेणी में बदलाव किया। कंपनी ने स्मार्ट सुविधाओं जैसे रिमोट कंट्रोल, IoT कनेक्टिविटी और मोशन सेंसर के साथ ऊर्जा-कुशल पंखे पेश किए, जो 65% तक कम बिजली खपत करते हैं।
कंपनी ने शुरुआत में ऑनलाइन बिक्री पर ध्यान केंद्रित किया और अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से अपनी उपस्थिति बनाई। बाद में क्रोमा, विजय सेल्स, रिलायंस डिजिटल जैसे आधुनिक रिटेल और ऑफलाइन डीलरों के माध्यम से विस्तार किया।
एटमबर्ग ने '₹1 प्रति दिन बिजली खपत' जैसे संदेश के साथ डिजिटल मार्केटिंग पर जोर दिया। 2021 से टीवी, आउटडोर और IPL प्रायोजन जैसे ATL अभियान शुरू किए। कंपनी का अनुमानित FY24 राजस्व ₹600-700 करोड़ है और ई-कॉमर्स पंखा बिक्री में 50% से अधिक हिस्सेदारी है।
एटमबर्ग ने अपनी 'व्हाई नॉट' टैगलाइन के साथ चुनौतीपूर्ण मानसिकता को अपनाया और 'व्हाट ए फैन!' जैसे अभियानों से ब्रांड पहचान बनाई। कंपनी ने मिक्सर ग्राइंडर, एग्जॉस्ट फैन, पेडेस्टल फैन और स्मार्ट लॉक जैसे उत्पादों में विस्तार किया है।
स्रोत: afaqs.com



