मुख्य तथ्य
- जम्मू-कश्मीर को स्वीकृत परियोजनाएं
- पिछले पांच वित्त वर्षों में शून्य
- लद्दाख को स्वीकृत राशि
- 4.35 करोड़ रुपये (435.04 लाख रुपये)
- लद्दाख में परियोजना
- देस्किद सांस्कृतिक और कल्याण सोसाइटी, लेह द्वारा नया संग्रहालय
- जारी राशि (2022-23)
- 108.76 लाख रुपये
- जारी राशि (2025-26)
- 87.01 लाख रुपये
- डोगरा आर्ट म्यूजियम की वार्षिक आगंतुक संख्या
- कुछ हजार (आवश्यक: एक लाख)
पृष्ठभूमि
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की म्यूजियम ग्रांट स्कीम देश में संग्रहालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र की प्रमुख योजना है। इसके तहत नए संग्रहालयों की स्थापना, मौजूदा संग्रहालयों के विकास और आधुनिकीकरण, संग्रहों के डिजिटलीकरण, वर्चुअल संग्रहालयों के निर्माण और संग्रहालय पेशेवरों के प्रशिक्षण के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
इस योजना के तहत पात्र श्रेणी-एक परियोजनाओं के लिए 15 करोड़ रुपये तक की केंद्रीय सहायता दी जा सकती है, जिसमें नए संग्रहालय शामिल हैं। अन्य श्रेणियों के लिए 10 करोड़ और 5 करोड़ रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। मौजूदा संग्रहालयों को श्रेणी के आधार पर 8 करोड़ या 4 करोड़ रुपये तक की अनुदान राशि मिल सकती है। डिजिटलीकरण और अन्य संग्रहालय विकास गतिविधियों के लिए भी अलग से सहायता उपलब्ध है।
वर्तमान स्थिति
संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पिछले पांच वित्त वर्षों के दौरान म्यूजियम ग्रांट स्कीम के तहत जम्मू-कश्मीर के लिए एक भी परियोजना स्वीकृत नहीं की गई। इसके विपरीत, पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को नया संग्रहालय स्थापित करने के लिए 4.35 करोड़ रुपये की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिली।
मंत्रालय की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार सूची में जम्मू-कश्मीर का कोई भी संग्रहालय शामिल नहीं है। इसके विपरीत, लेह की देस्किद सांस्कृतिक और कल्याण सोसाइटी (एनजीओ) को नया संग्रहालय स्थापित करने के लिए 435.04 लाख रुपये (4.35 करोड़ रुपये) स्वीकृत किए गए। उत्तर के अनुसार, 2022-23 के दौरान 108.76 लाख रुपये और 2025-26 के दौरान 87.01 लाख रुपये जारी किए गए, जिनमें से पर्याप्त उपयोग की सूचना दी गई है।
| केंद्र शासित प्रदेश | स्वीकृत परियोजनाएं | स्वीकृत राशि (लाख रुपये) |
|---|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 0 | 0 |
| लद्दाख | 1 | 435.04 |
प्रभाव
जम्मू-कश्मीर से किसी भी परियोजना के स्वीकृत न होने का असर यह हुआ है कि डोगरा आर्ट म्यूजियम सहित क्षेत्र के समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संग्रहालय केंद्रीय वित्त पोषण से वंचित रह गए हैं। डोगरा आर्ट म्यूजियम, जो पहले डोगरा आर्ट गैलरी के नाम से जाना जाता था, को 18 अप्रैल 1954 को जम्मू के गांधी भवन में भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा उद्घाटित किया गया था। 1992 में इसे पूर्ण संग्रहालय का दर्जा दिया गया और तत्कालीन राज्यपाल जी. सी. सक्सेना द्वारा ऐतिहासिक मुबारक मंडी परिसर के पिंक हॉल में स्थानांतरित किया गया।
2020 में, मुबारक मंडी परिसर में जीर्णोद्धार कार्य की सुविधा के लिए संग्रहालय को अस्थायी रूप से उसी परिसर के आर्मी हेडक्वार्टर भवन में स्थानांतरित कर दिया गया। उस समय, आर्मी हेडक्वार्टर भवन में उचित प्रदर्शन के लिए जगह की कमी के कारण बड़ी संख्या में कलाकृतियों को बैगों में पैक करके रखा गया था, और तब से स्थिति अपरिवर्तित बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने अतिरिक्त स्थान की व्यवस्था करने या संग्रहालय को अधिक उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया है।
अपर्याप्त प्रदर्शन स्थान और वर्तमान स्थान के कारण डोगरा आर्ट म्यूजियम में आगंतुकों की संख्या बहुत कम रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, योजना दिशानिर्देशों में प्रति वर्ष एक लाख आगंतुकों की अनिवार्य न्यूनतम संख्या निर्धारित है, जबकि डोगरा आर्ट म्यूजियम में प्रति वर्ष केवल कुछ हजार आगंतुक ही आते हैं। इसके परिणामस्वरूप, संग्रहालय म्यूजियम ग्रांट स्कीम का लाभ उठाने में असमर्थ रहा है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि डोगरा आर्ट म्यूजियम की कलाकृतियों को उचित रूप से प्रदर्शित किया जाता है, तो वे बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित कर सकती हैं, जैसा कि आधिकारिक सूत्रों ने स्वीकार किया है। इससे संग्रहालय की आगंतुक संख्या में वृद्धि हो सकती है और यह योजना की पात्रता मानदंडों को पूरा करने में सक्षम हो सकता है।
हालांकि, यह तभी संभव हो सकता है जब संबंधित अधिकारी अतिरिक्त स्थान की व्यवस्था करें या संग्रहालय को किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करें। यदि ऐसा नहीं होता है, तो जम्मू-कश्मीर को म्यूजियम ग्रांट स्कीम के तहत वित्तीय सहायता मिलने की संभावना कम ही रहेगी। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगा या नहीं।
स्रोत: dailyexcelsior.com
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म्यूजियम ग्रांट स्कीम के तहत स्वीकृत परियोजनाएं (पिछले पांच वर्ष)
लद्दाख1
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | स्वीकृत परियोजनाएं | स्वीकृत राशि (लाख रुपये) |
|---|---|---|
| जम्मू-कश्मीर | 0 | 0 |
| लद्दाख | 1 | 435.04 |
स्रोत:dailyexcelsior.com स्रोत-समर्थित



