मुख्य तथ्य
- निफ्टी 50
- 24,614 (0.64% गिरावट)
- सेंसेक्स
- 78,428 (0.27% गिरावट)
- LIC में गिरावट
- 8.7% (₹391)
- डाबर इंडिया में गिरावट
- लगभग 4% (₹410)
- एथर एनर्जी में तेजी
- 14%
- निफ्टी रियल्टी इंडेक्स
- 2.15% गिरावट
पृष्ठभूमि
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें निफ्टी 50 0.64% गिरकर 24,614 पर और सेंसेक्स 0.27% गिरकर 78,428 पर बंद हुआ। यह गिरावट सोमवार को हुई तेजी के उलट है। बाजार में रियल्टी, FMCG और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में कमजोरी रही, जबकि मेटल शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
बाजार में यह गिरावट नए शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के प्रभाव के कारण भी देखी गई। सोमवार से लागू इस प्रणाली में नियमित कारोबार समाप्त होने के बाद सभी खरीद और बिक्री के ऑर्डर को एक साथ पूल किया जाता है और एक ही कीमत तय की जाती है, जिस पर अधिकतम शेयरों का मिलान हो सके। इसी कीमत को पात्र शेयरों की आधिकारिक क्लोजिंग कीमत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
वर्तमान स्थिति
बाजार की शुरुआत सपाट रही, लेकिन कुछ समय बाद खरीदारी देखी गई, जिसके बाद मुनाफावसूली शुरू हो गई और पूरे सत्र में यह बढ़ती रही। रियल एस्टेट, FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में बिकवाली गहराई, जिससे निफ्टी रियल्टी और निफ्टी FMCG इंडेक्स क्रमशः 2.15% और 1.60% गिरे। निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी IT, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी सीमेंट इंडेक्स में भी 1% से अधिक की गिरावट आई।
एलआईसी (LIC) सबसे बड़ी गिरावट वाला शेयर रहा, जो 8.7% गिरकर ₹391 पर बंद हुआ। यह चार महीनों में इसकी सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट है। सरकार की 2.5% ऑफर फॉर सेल (OFS) गैर-खुदरा निवेशकों के लिए खुली है। इसके अलावा, जैन रिसोर्स रिसाइक्लिंग, सी.ई. इंफो सिस्टम्स, यूपीएल, प्रेस्टीज एस्टेट्स, ओबेरॉय रियल्टी और मदरसन सुमी वायरिंग में भी 4.2% से 7.7% के बीच गिरावट आई।
डाबर इंडिया में लगभग 4% की गिरावट आई और यह ₹410 के स्तर पर बंद हुआ। FSSAI ने कंपनी को '100%' दावों वाले कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। FMCG सेक्टर में इमामी, कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में क्रमशः 3.5%, 3.2% और 2.6% की गिरावट आई। नई पीढ़ी के टेक शेयरों में पीबी फिनटेक और अर्बन कंपनी में 3.2% और 2.7% की गिरावट रही।
| प्रतीक | परिवर्तन (%) |
|---|---|
| निफ्टी 50 | -0.64 |
| सेंसेक्स | -0.27 |
| निफ्टी मिडकैप 100 | -0.62 |
| निफ्टी स्मॉलकैप 100 | +0.20 |
| निफ्टी रियल्टी | -2.15 |
| निफ्टी FMCG | -1.60 |
| निफ्टी मीडिया | +2.00 |
| निफ्टी मेटल | +0.50 |
| LIC | -8.7 |
| डाबर इंडिया | -4.0 |
| एथर एनर्जी | +14.0 |
| केईआई इंडस्ट्रीज | +9.5 |
प्रभाव
बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। एलआईसी जैसे बड़े शेयरों में गिरावट से खुदरा निवेशकों को नुकसान हुआ है, क्योंकि यह सरकारी कंपनी है और कई निवेशकों के पोर्टफोलियो में शामिल है। इसके अलावा, FMCG और रियल्टी सेक्टर में गिरावट से इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों के शेयरधारकों पर असर पड़ा है।
दूसरी ओर, बेहतर तिमाही नतीजों के चलते कुछ शेयरों में तेजी देखी गई। एथर एनर्जी, केईआई इंडस्ट्रीज, ग्रेफाइट इंडिया और सारेगामा इंडिया में क्रमशः 14%, 9.5%, 7.9% और 5.5% की बढ़त रही। इससे पता चलता है कि निवेशक अच्छे नतीजों वाली कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं, जबकि कमजोर क्षेत्रों से बाहर निकल रहे हैं।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
आगे चलकर बाजार की दिशा कई कारकों पर निर्भर करेगी। यदि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के कारण अस्थिरता बनी रहती है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसके अलावा, वैश्विक व्यापक आर्थिक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर भी बाजार पर देखा जा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि मुनाफावसूली जारी रहती है, तो निफ्टी में और गिरावट आ सकती है। हालांकि, अगर कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बाजार में सुधार की संभावना है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही निवेश निर्णय लें।
स्रोत: livemint.com
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| श्रेणी | परिवर्तन (%) |
|---|---|
| निफ्टी 50 | -0.64 |
| सेंसेक्स | -0.27 |
| निफ्टी मिडकैप 100 | -0.62 |
| निफ्टी स्मॉलकैप 100 | 0.2 |
| निफ्टी रियल्टी | -2.15 |
| निफ्टी FMCG | -1.6 |
| निफ्टी मीडिया | 2 |
| निफ्टी मेटल | 0.5 |
स्रोत:livemint.com स्रोत-समर्थित



