मुख्य तथ्य
- प्रजाति का नाम
- अरेबियन स्लेंडर कैटशार्क
- खोज का स्थान
- भारत के तट से 400-650 मीटर गहराई
- पहली बार देखा गया
- 2022
- लंबाई
- लगभग 40 सेंटीमीटर
- विशेषता
- पूरी तरह काला शरीर, सफेद आंखें
- आहार
- छोटी मछलियां, स्क्विड, क्रस्टेशियंस
पृष्ठभूमि
समुद्री जीवविज्ञानियों ने समुद्र की सतह से सैकड़ों मीटर नीचे शार्क की एक नई प्रजाति की खोज की है, जो अपने पूरी तरह से काले शरीर के कारण अंधेरे आवास में छिपी रहती है। इस प्रजाति का नाम अरेबियन स्लेंडर कैटशार्क रखा गया है।
यह शार्क भारत के तट से 400 से 650 मीटर की गहराई में पाई गई। शोधकर्ताओं ने इसे 'पतला शरीर' और पतले, थूथन जैसे नथुने वाला बताया है। इसका पूरा शरीर काला है, जबकि इसकी आंखें चमकदार सफेद हैं।
यह शार्क पहली बार 2022 में देखी गई थी, लेकिन हाल ही में इसे नई प्रजाति के रूप में पुष्टि की गई है। यह लगभग 40 सेंटीमीटर लंबी है और इसके दांत छोटे, आरी जैसे या बहु-शिखर वाले हैं, जिनसे यह छोटी मछलियों, स्क्विड और क्रस्टेशियंस को पकड़ती है।
वर्तमान स्थिति
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह प्रजाति अब तक क्यों नहीं देखी गई, इसका कारण यह है कि यह मछली पकड़ने वाली नावों से दूर समुद्र के हिस्सों में रहती है। शोध पत्र में कहा गया है, 'पिछले तीन-चार वर्षों में ही जब मछुआरों ने अपनी मछली पकड़ने की गहराई बढ़ाई है, तब यह प्रजाति दिखना शुरू हुई है।'
यह खोज ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिनों पहले समुद्री जीवविज्ञानियों ने चेतावनी दी थी कि विशाल सफेद शार्क ब्रिटेन के तटों पर तैर सकती हैं। शोध संगठन OCEARCH के वैज्ञानिकों ने कनाडा के न्यूफाउंडलैंड के उत्तरी तट पर दो सफेद शार्क को ट्रैक किया है, जिनमें एक 9 फुट का नर 'क्विंट' और एक 10 फुट की मादा 'बेला' शामिल हैं।
समुद्री विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म होते समुद्र के कारण शार्क अपने शिकार क्षेत्र बदल रही हैं। समुद्री वैज्ञानिक टॉम 'द ब्लोफिश' हर्ड ने कहा, 'जैसे-जैसे समुद्र गर्म होता है, चीजें पलायन करने लगती हैं। जो शार्क एक निश्चित अक्षांश पर रहती थी, वह अब वहां नहीं रह सकती क्योंकि वहां बहुत गर्मी है। इसलिए उन्हें ठंडे स्थानों पर जाना पड़ता है, जो अब उनके पसंदीदा तापमान तक गर्म हो गए हैं।'
| विवरण | अरेबियन स्लेंडर कैटशार्क | सफेद शार्क (क्विंट) | सफेद शार्क (बेला) |
|---|---|---|---|
| लंबाई | 40 सेमी | 9 फीट | 10 फीट |
| गहराई | 400-650 मीटर | सतह के पास | सतह के पास |
| रंग | काला | सफेद | सफेद |
प्रभाव
नई प्रजाति की खोज से समुद्री जैव विविधता की समझ बढ़ी है, लेकिन इसका सीधा प्रभाव मछली पकड़ने वाले समुदायों पर पड़ सकता है, क्योंकि गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की बढ़ती गतिविधियों से यह प्रजाति अब सामने आई है।
गर्म होते समुद्र के कारण शार्क प्रजातियों के स्थानांतरण से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव आ सकता है, जिससे मछली पकड़ने के उद्योग और तटीय क्षेत्रों में मानव-शार्क संपर्क बढ़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसका कितना प्रभाव होगा।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि समुद्र का तापमान बढ़ता रहा, तो शार्क प्रजातियां और अधिक उत्तरी क्षेत्रों की ओर पलायन कर सकती हैं, जिससे ब्रिटेन जैसे तटीय क्षेत्रों में उनकी उपस्थिति बढ़ सकती है। हालांकि, यह केवल एक संभावना है, निश्चित नहीं।
नई खोजी गई अरेबियन स्लेंडर कैटशार्क के संरक्षण के लिए गहरे समुद्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों पर निगरानी की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस योजना अभी सामने नहीं आई है।
यदि मछुआरे गहरे समुद्र में मछली पकड़ना जारी रखते हैं, तो इस प्रजाति के बारे में और अधिक जानकारी मिल सकती है, लेकिन इससे प्रजाति को खतरा भी हो सकता है। यह देखना होगा कि आगे क्या होता है।
स्रोत: dailystar.co.uk
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खोज की समयरेखा
- 01
पहली बार देखा गया
शार्क को पहली बार देखा गया, लेकिन नई प्रजाति के रूप में पुष्टि नहीं हुई थी।
- 02
नई प्रजाति के रूप में पुष्टि
वैज्ञानिकों ने इसे नई प्रजाति के रूप में पुष्टि की।
स्रोत:स्रोत: dailystar.co.uk स्रोत-समर्थित



