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भ्रष्टाचार रिपोर्ट: डैनियल एंड्रयूज सरकार पर आरोप, विक्टोरिया की नई सरकार के लिए सिरदर्द

ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (IBAC) ने पूर्व प्रीमियर डैनियल एंड्रयूज के कार्यकाल में फायरफाइटर्स यूनियन के साथ बातचीत में वरिष्ठ अधिकारियों के 'गंभीर और चिंताजनक' आचरण का खुलासा किया है। हालांकि भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं मिला, लेकिन गोपनीय बैठकों और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए हैं।

भ्रष्टाचार रिपोर्ट: डैनियल एंड्रयूज सरकार पर आरोप, विक्टोरिया की नई सरकार के लिए सिरदर्द
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

जांच एजेंसी
IBAC (स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग)
जांच की शुरुआत
नवंबर 2018
आरोप
पीटर मार्शल ने डैनियल एंड्रयूज को ब्लैकमेल किया
निष्कर्ष
भ्रष्ट आचरण का कोई सबूत नहीं, लेकिन 'गंभीर और चिंताजनक' आचरण
सिफारिशें
तीन, जिनमें मंत्रियों के लिए अखंडता मानक शामिल
वर्तमान प्रीमियर
बेन कैरोल

पृष्ठभूमि

विक्टोरिया की स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (IBAC) ने बुधवार को राज्य संसद में अपनी विशेष रिपोर्ट पेश की, जिसमें 2016 में एंड्रयूज सरकार और यूनाइटेड फायरफाइटर्स यूनियन (UFU) के बीच हुए उद्यम समझौते (enterprise bargaining agreement) की बातचीत में वरिष्ठ अधिकारियों के आचरण की जांच की गई।

यह जांच नवंबर 2018 में शुरू हुई थी, जब शिकायतें मिलीं कि यूनियन के सचिव पीटर मार्शल ने तत्कालीन प्रीमियर डैनियल एंड्रयूज को समझौते पर अपना रुख बदलने के लिए ब्लैकमेल किया या समझौता किया। आयोग ने इन आरोपों का समर्थन करने वाला कोई सबूत नहीं पाया।

वर्तमान स्थिति

IBAC की रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और सार्वजनिक सेवकों ने सरकारी नीतियों, प्रक्रियाओं और परंपराओं के विपरीत काम किया, जिससे भ्रष्ट आचरण का खतरा बढ़ा। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति ने IBAC अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण नहीं किया।

रिपोर्ट में एक मामले का विवरण दिया गया है, जिसमें पूर्व विशेष राज्य मंत्री गेविन जेनिंग्स और पीटर मार्शल के बीच 2016 में चार दिनों की गोपनीय बातचीत हुई थी। ये बैठकें एंड्रयूज द्वारा अधिकृत थीं, लेकिन तत्कालीन जिम्मेदार मंत्री जेन गैरेट, कंट्री फायर अथॉरिटी (CFA) और सरकारी एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं थी। बैठकें किराए के स्थानों और एक होटल में हुईं, और इन्हें गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए थे।

IBAC ने पाया कि यह गोपनीय समझौता हाथ मिलाने के साथ संपन्न हुआ, और बाद में सरकार ने इसे कैबिनेट के सामने 'UFU प्रस्ताव' के रूप में पेश किया, बिना फायर एजेंसियों या सरकार के सदस्यों को पिछली बातचीत की जानकारी दिए। आयोग ने कहा कि इस गोपनीय सौदे ने सरकार की सौदेबाजी की स्थिति को कमजोर किया और मार्शल को बातचीत पर 'असाधारण प्रभाव' डालने का मौका दिया।

मुख्य घटनाएं और निष्कर्ष
वर्ष घटना/निष्कर्ष
2016एंड्रयूज सरकार और UFU के बीच उद्यम समझौता वार्ता
2016गेविन जेनिंग्स और पीटर मार्शल के बीच चार दिनों की गोपनीय बैठकें
2018IBAC ने जांच शुरू की
2019ग्रेग स्वॉर्ड ने मार्शल के साथ गोपनीय जानकारी साझा की
2020फायर रेस्क्यू विक्टोरिया का गठन
2026IBAC ने विशेष रिपोर्ट पेश की
सभी तिथियां स्रोत से ली गई हैं।

प्रभाव

इस रिपोर्ट से विक्टोरिया के नए प्रीमियर बेन कैरोल के लिए सिरदर्द पैदा हो गया है, जो 2017 से लेबर सरकार में मंत्री रहे हैं। कैरोल ने कहा कि उन्होंने अभी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, लेकिन वे इसकी सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, 'मैं पूर्व प्रीमियर या पूर्व मंत्रियों के लिए जवाब नहीं दे सकता। मैं इस बात का जवाब दे सकता हूं कि हम यहां से क्या करते हैं।'

रिपोर्ट में पीटर मार्शल को वरिष्ठ मंत्रियों तक विशेष पहुंच दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है, जो अन्य हितधारकों को उपलब्ध नहीं थी। इसके अलावा, जांच में CFA और मेट्रोपॉलिटन फायर ब्रिगेड के विलय की भी जांच की गई, जिसके परिणामस्वरूप 2020 में फायर रेस्क्यू विक्टोरिया का गठन हुआ। आयोग ने पाया कि मार्शल ने राज्य के पहले फायर रेस्क्यू कमिश्नर की नियुक्ति को प्रभावित करने की कोशिश की, और MFB बोर्ड सदस्य ग्रेग स्वॉर्ड ने 2019 में मार्शल के साथ गोपनीय जानकारी साझा की, जो उनके पेशेवर दायित्वों का उल्लंघन था।

IBAC ने तीन सिफारिशें की हैं, जिनमें मंत्रियों के लिए अखंडता मानकों को मजबूत करना, एक मंत्रिस्तरीय पुस्तिका शुरू करना और मंत्रियों के दायित्वों पर प्रशिक्षण में सुधार करना शामिल है। आयुक्त विक्टोरिया इलियट ने कहा कि रिपोर्ट दिखाती है कि जब नेता अखंडता के साथ कार्य नहीं करते हैं तो वे जवाबदेही को कैसे कमजोर कर सकते हैं।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि नई सरकार IBAC की सिफारिशों को लागू करती है, तो मंत्रियों और सार्वजनिक सेवकों के लिए आचरण के मानकों में सुधार हो सकता है, जिससे भविष्य में इस तरह की गोपनीय बातचीत और नियमों के उल्लंघन की संभावना कम हो सकती है।

हालांकि, यदि सिफारिशों को लागू करने में देरी होती है या राजनीतिक विरोध होता है, तो सार्वजनिक विश्वास को और नुकसान हो सकता है। यह भी संभावना है कि विपक्षी दल इस रिपोर्ट का इस्तेमाल सरकार पर राजनीतिक हमले के लिए करें, जिससे कैरोल सरकार के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पूर्व प्रीमियर एंड्रयूज या अन्य अधिकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई होगी, क्योंकि IBAC ने भ्रष्ट आचरण का कोई सबूत नहीं पाया है। आगे की कार्रवाई सरकार की प्रतिक्रिया और जनता के दबाव पर निर्भर करेगी।

स्रोत: dailymail.com

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