ग्वाटेमाला की आपदा प्रबंधन एजेंसी कोनरेड ने फ्यूगो ज्वालामुखी के फटने के बाद राष्ट्रव्यापी ‘खतरा’ (नारंगी) अलर्ट जारी किया। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राजधानी ग्वाटेमाला सिटी से 35 किलोमीटर दूर स्थित ज्वालामुखी के निकट दो गांवों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्कूलों में पढ़ाई स्थगित कर दी है और देश के दक्षिणी हिस्से को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल एंटीगुआ शहर से जोड़ने वाली सड़क को बंद कर दिया है। यह क्षेत्र प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में आता है, जहां भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं।
पिछले साल फ्यूगो से गैस और राख निकलने के बाद अधिकारियों ने 500 से अधिक लोगों को विस्थापित किया था। 2023 में 3,763 मीटर ऊंचे इस ज्वालामुखी के फटने से लगभग 1,200 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे।
2018 में फ्यूगो से निकले लावा ने एक गांव को तबाह कर दिया था, जिसमें 215 लोगों की मौत हुई थी और इतने ही लोग लापता हो गए थे। हाल के वर्षों में फ्यूगो के फटने के कारण कई बार बड़े पैमाने पर निकासी करनी पड़ी है।
स्रोत: freemalaysiatoday.com



