मुख्य तथ्य
- धारावाहिक
- 'तू ही रे दिल में'
- चैनल
- ज़ी टीवी
- कलाकार
- सिमरन रावल (स्वाति), प्रियांशी यादव (वृंदा), अभरार काज़ी
- मुख्य विषय
- महिला प्रतिद्वंद्विता की रूढ़ि को तोड़ती दोस्ती
- प्रसारण
- रोज़ाना
पृष्ठभूमि
मुंबई, 4 अगस्त (आईएएनएस)। अभिनेत्री सिमरन रावल ने ज़ी टीवी के धारावाहिक 'तू ही रे दिल में' में अपने और प्रियांशी यादव के किरदारों के बीच के रिश्ते पर बात की है। शो में सिमरन स्वाति और प्रियांशी वृंदा का किरदार निभा रही हैं।
यह धारावाहिक दो महिला मुख्य पात्रों के बीच बढ़ती दोस्ती को दिखाता है। शो में अभरार काज़ी भी मुख्य भूमिका में हैं। 'तू ही रे दिल में' रोज़ाना ज़ी टीवी पर प्रसारित होता है।
वर्तमान स्थिति
सिमरन रावल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कहानी महिलाओं को प्रतिद्वंद्वी के रूप में दिखाने की रूढ़िगत धारणा से हटकर है। उन्होंने कहा, "स्वाति और वृंदा की दोस्ती सबसे खूबसूरत चीजों में से एक है जिसे हम अभी शो में दिखा रहे हैं। दोनों सच्चे दिल की अच्छी इंसान हैं, और उनका बंधन इतना स्वाभाविक और तुरंत बना है कि यह बहुत शुद्ध हो गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "आम तौर पर, जब हम किसी शो में दो महिलाओं को देखते हैं जो एक ही पुरुष से जुड़ी होती हैं, तो उम्मीद होती है कि उन्हें एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जाएगा, वे दुश्मन बन जाएंगी या लगातार संघर्ष में रहेंगी। लेकिन 'तू ही रे दिल में' के साथ, हम एक अलग दृष्टिकोण पेश करने की कोशिश कर रहे हैं, हर दो महिलाओं के बीच का रिश्ता प्रतिद्वंद्विता या नफरत से परिभाषित नहीं होना चाहिए। स्वाति और वृंदा की दोस्ती समझ, दयालुता और एक-दूसरे के लिए मौजूद रहने के बारे में है, और मुझे उनके रिश्ते का यह पहलू बहुत पसंद है।"
प्रभाव
प्रियांशी यादव ने भी इस रिश्ते पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "वृंदा और स्वाति का बंधन बहुत खास है, और मुझे लगता है कि यह उन सबसे खूबसूरत रिश्तों में से एक है जो हम 'तू ही रे दिल में' में दिखा रहे हैं। उनकी दोस्ती लगभग तुरंत हुई, लेकिन यह कभी जबरदस्ती नहीं लगती; जिस तरह से वे एक-दूसरे को समझते और समर्थन करते हैं, उसमें एक वास्तविक शुद्धता और गर्मजोशी है।"
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि दर्शक अक्सर ऐसी स्थिति में दो महिलाओं से प्रतिद्वंद्वी बनने की उम्मीद करते हैं, खासकर जब उनके जीवन में कोई पुरुष जुड़ा हो, लेकिन हमारा शो उनके रिश्ते को अलग तरह से देखना चुन रहा है। दो महिलाओं का एक मजबूत, खूबसूरत दोस्ती हो सकती है बिना एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हुए, और मुझे अच्छा लगता है कि हम उनके रिश्ते के इस पहलू को दिखा पा रहे हैं।"
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि शो में स्वाति और वृंदा की दोस्ती को इसी तरह आगे बढ़ाया जाता है, तो यह दर्शकों के बीच महिला मित्रता की धारणा को बदलने में योगदान कर सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आने वाले एपिसोड में यह रिश्ता किस दिशा में विकसित होगा।
अगर कहानी में कोई नया मोड़ आता है, तो दोस्ती में तनाव आ सकता है, लेकिन फिलहाल निर्माताओं का इरादा एक अलग दृष्टिकोण दिखाने का है। यह देखना बाकी है कि दर्शक इस बदलाव को कैसे स्वीकार करते हैं और क्या यह अन्य शो के लिए एक मिसाल बन सकता है।
स्रोत: ianslive.in



