मुख्य तथ्य
- संगठन
- फ्री स्पीच यूनियन
- अध्यक्ष
- स्टीफन फ्रैंक्स
- कानून
- हानिकारक डिजिटल संचार अधिनियम
- रुख
- कानून खराब है, सुधार आवश्यक
- स्रोत
- स्टफ रिपोर्ट
पृष्ठभूमि
फ्री स्पीच यूनियन ने हानिकारक डिजिटल संचार अधिनियम (Harmful Digital Communications Act) के प्रति अपने रुख को दोहराते हुए कहा है कि यह कानून खराब है। संगठन का कहना है कि यह कानून भले ही अच्छे इरादे से बनाया गया था, लेकिन यह भोला है। संगठन ने वर्षों से यह बात कही है और उसका यह मत नहीं बदला है।
फ्री स्पीच यूनियन के अध्यक्ष स्टीफन फ्रैंक्स ने कहा कि स्टफ की एक रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि संगठन इस कानून से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को होने वाले खतरों के प्रति उदासीन है। उन्होंने इस धारणा को खारिज करते हुए कहा कि संगठन इस कानून को खराब मानता है और उसने वर्षों से यह बात कही है।
वर्तमान स्थिति
स्टीफन फ्रैंक्स ने कहा कि स्टफ की रिपोर्ट के अनुसार श्री ब्रैडबरी अब संगठन की चिंताओं से सहमत दिखते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ब्रैडबरी को लगता है कि उन्हें गलत तरीके से चुप कराया गया है, तो उन्हें संगठन से संपर्क करना चाहिए। फ्रैंक्स ने स्वीकार किया कि ब्रैडबरी की फ्री स्पीच यूनियन के प्रति लंबे समय से शत्रुता के कारण यह मुश्किल हो सकता है, लेकिन संगठन नियमित रूप से उन लोगों का बचाव करता है जिनसे वह असहमत है।
फ्रैंक्स ने कहा कि यह कानून अदालतों को ऐसी शक्तियाँ देता है जिनका इस्तेमाल आसानी से वैध अभिव्यक्ति को बंद करने के लिए किया जा सकता है, जिसमें शक्तिशाली लोगों के बारे में बोलना भी शामिल है, जिसे सुनने का जनता को अधिकार है। फ्री स्पीच यूनियन वर्षों से इस कानून में सुधार के लिए लड़ रही है और वह रुकेगी नहीं।
प्रभाव
फ्रैंक्स ने कहा कि किसी कानून में सुधार की चाहत रखने का मतलब यह नहीं है कि जब तक वह कानून किताबों में मौजूद है, तब तक उसे निष्क्रिय रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर नागरिक संसद द्वारा बनाए गए संरक्षणों का उपयोग कर सकता है, चाहे उनमें से कोई भी उनके बारे में कुछ भी सोचे।
उन्होंने कहा कि वकील हर दिन ऐसा करते हैं, अपने मुवक्किलों के लिए उन नियमों को लागू करते हैं जिन्हें वे कल समाप्त होते देखना चाहते हैं। यह पाखंड नहीं है, बल्कि कानून का सामान्य उपयोग है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि खराब कानून को लागू रखना बहुत खतरनाक है, क्योंकि खराब कानून चुपचाप नहीं बैठता, उसका उपयोग होता है।
भविष्य की संभावनाएँ
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
फ्री स्पीच यूनियन का रुख स्पष्ट है कि हानिकारक डिजिटल संचार अधिनियम खराब कानून है और इसमें पर्याप्त सुधार किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा है कि वह यह बात स्पष्ट रूप से कहता रहेगा जब तक संसद कार्रवाई नहीं करती।
यदि संसद इस कानून में संशोधन करती है, तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध कम हो सकते हैं। यदि कानून में कोई बदलाव नहीं होता है, तो यह कानून लागू होता रहेगा और इसके दुरुपयोग की संभावना बनी रहेगी। यह स्पष्ट नहीं है कि संसद कब या कैसे कार्रवाई करेगी।
स्रोत: thedailyblog.co.nz



