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प्रोफेसर नबील बेनामार: इंटरनेट गवर्नेंस और सुरक्षा में योगदान

मौलाय इस्माइल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नबील बेनामार ने सर्किलआईडी पर प्रोफाइल बनाई है, जिसमें उन्होंने आईईटीएफ, अरबी आईडीएन और यूएएसजी में अपनी भूमिकाओं का उल्लेख किया है।

प्रोफेसर नबील बेनामार: इंटरनेट गवर्नेंस और सुरक्षा में योगदान
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

प्रोफ़ाइल प्रकाशन तिथि
4 अगस्त 2026
संस्थान
मौलाय इस्माइल विश्वविद्यालय, मेकनेस
विशेषज्ञता
पायथन, कंप्यूटर नेटवर्क, एज एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा
पूर्व भूमिकाएँ
अरबी आईडीएन टास्क फोर्स के अध्यक्ष, यूएएसजी मापन कार्य समूह के अध्यक्ष
वर्तमान भूमिका
एसएसएसी के सदस्य
कुल पोस्ट दृश्य
150

पृष्ठभूमि

मोरक्को के मौलाय इस्माइल विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान के प्रोफेसर नबील बेनामार ने 4 अगस्त 2026 को सर्किलआईडी पर अपनी प्रोफाइल प्रकाशित की है। प्रोफाइल के अनुसार, वे पायथन प्रोग्रामिंग, कंप्यूटर नेटवर्क, एज एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा में शिक्षण और शोध में संलग्न हैं।

बेनामार ने इंटरनेट इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (आईईटीएफ) के मानकीकरण कार्यों में योगदान दिया है, जो वैश्विक इंटरनेट अवसंरचना के लिए तकनीकी विनिर्देशों के विकास से संबंधित है। वे अरबी लिपि के अंतर्राष्ट्रीयकृत डोमेन नाम (आईडीएन) के लिए टास्क फोर्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

वर्तमान स्थिति

प्रोफेसर बेनामार वर्तमान में सुरक्षा और स्थिरता सलाहकार समिति (एसएसएसी) के सदस्य हैं, जो वैश्विक इंटरनेट के अद्वितीय पहचानकर्ता प्रणालियों की सुरक्षा, स्थिरता और लचीलापन पर चर्चा में योगदान देते हैं।

उन्होंने यूनिवर्सल एक्सेप्टेंस स्टीयरिंग ग्रुप (यूएएसजी) के मापन कार्य समूह की अध्यक्षता भी की है, जो सभी डोमेन नामों और ईमेल पतों की सार्वभौमिक स्वीकृति को बढ़ावा देने से जुड़ा है। इसके अलावा, वे प्रौद्योगिकी, डिजिटल नीति और समाज पर लेखन के लिए समाचार पत्रों और मीडिया आउटलेट्स में योगदान देते हैं।

प्रोफ़ाइल सारांश
विवरण मान
प्रोफ़ाइल दृश्य150
प्रकाशन तिथि2026-08-04
स्रोतcircleid.com
स्रोत से सीधे लिए गए आंकड़े।

प्रभाव

बेनामार की प्रोफाइल में 'फैंटम स्क्वाटिंग' नामक एक लेख का उल्लेख है, जो बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) के मतिभ्रम से उत्पन्न डोमेन नामों के दुरुपयोग पर केंद्रित है। यह साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक नए प्रकार के डीएनएस दुरुपयोग की ओर संकेत करता है, जिसमें हमलावर काल्पनिक डोमेन नामों को विश्वसनीय हमले के वैक्टर में बदल सकते हैं।

यह स्थिति इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, डोमेन पंजीयकों और साइबर सुरक्षा पेशेवरों को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि पारंपरिक समाधान केवल मतिभ्रम को समाप्त करने पर केंद्रित हैं, जो इस समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है।

भविष्य की संभावनाएँ

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि फैंटम स्क्वाटिंग जैसे हमले बढ़ते हैं, तो डीएनएस सुरक्षा प्रणालियों को नए प्रकार के दुरुपयोग का पता लगाने के लिए अधिक उन्नत तकनीकों की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस दिशा में ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

बेनामार की एसएसएसी और आईईटीएफ में भागीदारी के आधार पर, वे इन मुद्दों पर नीति निर्माण में योगदान दे सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और जानकारी आवश्यक है। यदि वे इस विषय पर अधिक शोध प्रकाशित करते हैं, तो साइबर सुरक्षा समुदाय को नए दृष्टिकोण मिल सकते हैं।

स्रोत: circleid.com

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