मुख्य तथ्य
- अधिकतम निवेश
- 500,000,000 यूरो
- अधिकतम शेयर संख्या
- 37,500,000 शेयर
- आरंभ तिथि
- 3 अगस्त 2026
- समाप्ति तिथि
- 29 अक्टूबर 2026
- उद्देश्य
- पूंजी कटौती के लिए शेयरों का रद्दीकरण
पृष्ठभूमि
रेप्सोल (REP) ने राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार आयोग (CNMV) को सूचित किया है कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा दिए गए अधिकारों के अनुसार, शेयर बाय-बैक कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति दी है। यह कार्यक्रम आम बैठक द्वारा दिए गए प्राधिकरण के तहत संचालित किया जाएगा।
बाय-बैक कार्यक्रम का एकमात्र उद्देश्य कंपनी के स्वयं के शेयरों को खरीदना है, जिन्हें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा तय पूंजी कटौती के हिस्से के रूप में रद्द किया जाएगा। यह निर्णय आम बैठक के प्रस्ताव के अनुसार लिया गया है।
वर्तमान स्थिति
कार्यक्रम के तहत अधिकतम शुद्ध निवेश 500,000,000 यूरो होगा। अधिकतम निवेश की गणना में केवल शेयरों की खरीद मूल्य को शामिल किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत खरीदे जाने वाले शेयरों की अधिकतम संख्या खरीद के औसत मूल्य पर निर्भर करेगी, लेकिन यह 37,500,000 शेयरों से अधिक नहीं होगी।
शेयरों की खरीद बाजार मूल्य पर की जाएगी, जो डेलीगेटेड रेगुलेशन के अनुच्छेद 3 में निर्धारित मूल्य और मात्रा की शर्तों के अनुसार होगी। मूल्य के संबंध में, रेप्सोल उस मूल्य से अधिक पर शेयर नहीं खरीदेगा जो निम्न में से अधिक हो: (i) सबसे हालिया स्वतंत्र लेनदेन का मूल्य, या (ii) उस समय उस ट्रेडिंग स्थल पर सबसे अधिक स्वतंत्र बोली।
व्यापारिक मात्रा के संबंध में, रेप्सोल उस ट्रेडिंग स्थल पर रेप्सोल शेयरों की औसत दैनिक कारोबार मात्रा के 25 प्रतिशत से अधिक नहीं खरीदेगा। इस गणना के लिए कंपनी के शेयरों की औसत दैनिक कारोबार मात्रा प्रत्येक खरीद की तारीख से पहले के 20 कारोबारी दिनों की औसत दैनिक कारोबार मात्रा पर आधारित होगी।
| विवरण | मान |
|---|---|
| अधिकतम शुद्ध निवेश | 500,000,000 यूरो |
| अधिकतम शेयर संख्या | 37,500,000 शेयर |
| आरंभ तिथि | 3 अगस्त 2026 |
| समाप्ति तिथि | 29 अक्टूबर 2026 |
| मूल्य शर्त | नवीनतम स्वतंत्र लेनदेन या उच्चतम स्वतंत्र बोली से अधिक नहीं |
| मात्रा शर्त | औसत दैनिक कारोबार मात्रा का 25 प्रतिशत से अधिक नहीं |
प्रभाव
इस कार्यक्रम से कंपनी की पूंजी संरचना पर प्रभाव पड़ेगा, क्योंकि खरीदे गए शेयरों को रद्द कर दिया जाएगा, जिससे बाजार में उपलब्ध शेयरों की संख्या कम हो जाएगी। इससे मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में वृद्धि हो सकती है।
कार्यक्रम की अवधि 3 अगस्त 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक है। इस दौरान कंपनी शेयर बाजार में अपने शेयरों की खरीद करेगी, जिससे शेयर की कीमत पर अस्थायी प्रभाव पड़ सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि बाय-बैक कार्यक्रम सफल रहता है और सभी शेयर खरीदे जाते हैं, तो कंपनी की पूंजी में कटौती होगी और प्रति शेयर आय में वृद्धि हो सकती है। हालांकि, यह बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।
यदि बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो कंपनी अपनी खरीद सीमा को पूरा नहीं कर पाएगी, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव सीमित रह सकता है। यह भी संभावना है कि कंपनी कार्यक्रम को समय से पहले समाप्त कर दे, यदि परिस्थितियां बदलती हैं।
स्रोत: thecorner.eu



