मुख्य तथ्य
- एफसीसी वोट
- 29 जून को एटीएंडटी की याचिका मंजूर
- प्रभावित घर
- 184,000 घर
- प्रभावित व्यवसाय
- 15,000 व्यवसाय
- एटीएंडटी का कॉपर उपयोग
- केवल 3% घर
- रखरखाव लागत
- 1 अरब डॉलर प्रति वर्ष
- एटीएंडटी का योगदान
- ट्रंप के उद्घाटन समितियों को 3 मिलियन डॉलर
पृष्ठभूमि
अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने 29 जून को एटीएंडटी की उस याचिका को मंजूरी दे दी, जिसके तहत कंपनी अगले साल कैलिफोर्निया में लगभग 184,000 घरों और 15,000 व्यवसायों को लैंडलाइन सेवा बंद कर देगी। यह सेवा आग-प्रवण क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए पुरानी लेकिन भरोसेमंद तकनीक है, जहां मोबाइल सेवा अविश्वसनीय है।
एटीएंडटी का कहना है कि कैलिफोर्निया में उसके द्वारा सेवा दिए जाने वाले केवल 3% घर कॉपर सिस्टम का उपयोग करते हैं, जिसके रखरखाव पर सालाना 1 अरब डॉलर खर्च होता है। कंपनी का तर्क है कि लैंडलाइन बंद करने से वह अधिक घरों को उन्नत फाइबर और वायरलेस तकनीक उपलब्ध करा सकेगी।
कैलिफोर्निया ने वर्षों से एटीएंडटी के कॉपर लैंडलाइन काटने के प्रयास का विरोध किया है। ग्रामीण क्षेत्रों की वकालत करने वाले संगठनों, जैसे रूरल काउंटी रिप्रेजेंटेटिव्स ऑफ कैलिफोर्निया और कैलिफोर्निया स्टेट एसोसिएशन ऑफ काउंटीज, ने तर्क दिया है कि तकनीक विकसित होने पर ग्रामीण निवासियों को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
वर्तमान स्थिति
सुपरवाइजर सू होएक ने अपने ग्रामीण मतदाताओं के बचाव में कहा कि काउंटी में सेल फोन सेवा अविश्वसनीय है, और यह सार्वजनिक सुरक्षा का मुद्दा है, क्योंकि 'जंगल की आग बड़ी, तेज और अधिक अप्रत्याशित होती जा रही है'। उन्होंने कहा कि निवासी निकासी चेतावनी प्राप्त करने, आपात स्थिति की सूचना देने और प्रियजनों से जुड़े रहने के लिए फोन पर निर्भर हैं। आपदाओं के दौरान सेलुलर नेटवर्क ओवरलोड हो सकते हैं या बिजली खो सकते हैं।
ट्रंप समर्थित गवर्नर पद के उम्मीदवार स्टीव हिल्टन ने एफसीसी अध्यक्ष ब्रेंडन कैर को पत्र लिखकर लैंडलाइन सेवा बंद करने का विरोध किया, जिसे उन्होंने 'वाशिंगटन नौकरशाहों' द्वारा संचालित बताया। हिल्टन ने कहा कि राज्य खुद तय करने में सक्षम है कि निवासियों को सार्वजनिक सुरक्षा बैकस्टॉप के रूप में लैंडलाइन की आवश्यकता है या नहीं। हालांकि, उन्होंने कैर को दोष देने से परहेज किया, जिन्हें ट्रंप का वफादार माना जाता है।
लेखक जॉर्ज बोर्डमैन के अनुसार, हिल्टन और होएक की टिप्पणियां 'प्रदर्शनकारी राजनीति' हैं, क्योंकि हिल्टन को जीतने के लिए डेमोक्रेटिक और निर्दलीय वोट चाहिए, और होएक को दिखाना है कि वह परवाह करती हैं। इसके विपरीत, कांग्रेस के रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब टकर इस मुद्दे पर चुप हैं, और अपना ध्यान डेमोक्रेटिक पार्टी में 'समाजवादी लहर' पर केंद्रित कर रहे हैं।
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| घर | 184,000 |
| व्यवसाय | 15,000 |
| कॉपर उपयोग करने वाले घर | 3% |
| वार्षिक रखरखाव लागत | $1 बिलियन |
प्रभाव
इस फैसले का सीधा असर कैलिफोर्निया के ग्रामीण निवासियों पर पड़ेगा, जो आपात स्थिति में लैंडलाइन पर निर्भर हैं। आग और अन्य आपदाओं के दौरान सेलुलर नेटवर्क के विफल होने की स्थिति में लैंडलाइन ही एकमात्र संचार साधन हो सकता है।
लेखक ने कहा है कि यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस नीति के अनुरूप है जिसमें ग्रामीण निवासियों को खर्च में कटौती का अधिक बोझ उठाना पड़ता है। ट्रंप के 'वन, बिग, ब्यूटीफुल बिल' से ग्रामीण निवासियों को गहरे मेडिकेड कटौती का सामना करना पड़ेगा, और 20 लाख से अधिक लोग कवरेज खो सकते हैं। फूड स्टैम्प कार्यक्रम में भी कटौती की जा रही है।
ग्रामीण अस्पतालों पर भी खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि उन्हें संघीय 'क्रिटिकल एक्सेस हॉस्पिटल' का दर्जा खोने का खतरा है। ग्लेन काउंटी का एकमात्र अस्पताल विलोज़ में बंद हो सकता है, और पांच अन्य कैलिफोर्निया काउंटियों को भी इसी तरह का खतरा है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि एटीएंडटी लैंडलाइन सेवा बंद करता है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन संचार की विश्वसनीयता कम हो सकती है, जब तक कि वैकल्पिक तकनीक उपलब्ध न हो। हालांकि, कंपनी का तर्क है कि फाइबर और वायरलेस तकनीक से अधिक घरों को सेवा मिल सकेगी, लेकिन इसका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक कब पहुंचेगा, यह स्पष्ट नहीं है।
यदि राजनीतिक दबाव बढ़ता है, तो एफसीसी अपने फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है, लेकिन वर्तमान प्रशासन में इसकी संभावना कम लगती है। हिल्टन जैसे उम्मीदवारों के विरोध के बावजूद, ट्रंप प्रशासन की नीतियों के तहत यह फैसला बरकरार रह सकता है।
आगामी चुनावों में यह मुद्दा ग्रामीण मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह चुनावी नतीजों को बदलने के लिए पर्याप्त है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि इस फैसले के खिलाफ कोई ठोस कानूनी चुनौती दी जाएगी या नहीं।
स्रोत: theunion.com



