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घाना ने बुनियादी शिक्षा में एआई और कोडिंग को किया शामिल

घाना ने किंडरगार्टन से जूनियर हाई स्कूल तक के पाठ्यक्रम में एआई, कोडिंग और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग को शामिल किया है। शिक्षा मंत्री हारुना इद्द्रिसु ने इसे 'स्मार्ट स्टार्ट पाठ्यक्रम' बताया। विशेषज्ञों ने सफलता के लिए बिजली, इंटरनेट और शिक्षक प्रशिक्षण में निवेश की आवश्यकता पर जोर दिया है।

मुख्य तथ्य

देश
घाना
शिक्षा मंत्री
हारुना इद्द्रिसु
पाठ्यक्रम में शामिल विषय
एआई, कोडिंग, कंप्यूटर प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, TVET, नैतिकता और नागरिक शिक्षा
लागू होने की अवधि
किंडरगार्टन से जूनियर हाई स्कूल
विशेषज्ञ की चेतावनी
बिजली, इंटरनेट, डिजिटल उपकरण और शिक्षक प्रशिक्षण में निवेश आवश्यक

पृष्ठभूमि

घाना सरकार ने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कोडिंग और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग को शामिल करने की घोषणा की है। यह सुधार किंडरगार्टन से जूनियर हाई स्कूल तक के विद्यार्थियों के लिए है, जिससे घाना उन कुछ अफ्रीकी देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने इन विषयों को बुनियादी शिक्षा में शामिल किया है।

शिक्षा मंत्री हारुना इद्द्रिसु ने इस पहल की शुरुआत की। यह सुधार घाना की शिक्षा प्रणाली के व्यापक बदलाव का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से डिजिटल कौशल से लैस करना और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) शिक्षा को मजबूत करना है।

वर्तमान स्थिति

संशोधित पाठ्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET), साथ ही नैतिकता और नागरिक शिक्षा भी शामिल होगी। मंत्री ने कहा कि पाठ्यक्रम को 'स्मार्ट स्टार्ट पाठ्यक्रम' के रूप में फिर से डिजाइन किया गया है, जिसमें प्रौद्योगिकी, विज्ञान, इंजीनियरिंग और गणित का एकीकरण किया गया है।

मंत्री ने कहा, 'हमने बुनियादी शिक्षा पाठ्यक्रम में कोडिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और TVET को शामिल करने का वादा किया है। यह नया जोड़ होगा।' उन्होंने कहा कि सुधार का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रौद्योगिकी-संचालित दुनिया के लिए तैयार करना है और अफ्रीका को डिजिटल क्रांति में पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

मंपोंग-अकुआपेम में ऑरेंज स्टार रोमन कैथोलिक बेसिक स्कूल कॉम्प्लेक्स की छात्रा न्हीराबा असिदुआ असिदु ओत्चेरे ने कहा कि एआई और कोडिंग से विद्यार्थियों को पाठ बेहतर ढंग से समझने और स्वतंत्र अध्ययन में सुधार करने में मदद मिलेगी। बोनो क्षेत्र के सुसेक मॉडल स्कूल के छात्र आइजैक सियाव ने कहा कि इससे नई तकनीक सीखने, समस्या-समाधान कौशल में सुधार और भविष्य की नौकरियों की तैयारी में मदद मिलेगी।

प्रभाव

शिक्षा विशेषज्ञों ने इस सुधार का स्वागत किया है, लेकिन चेतावनी दी है कि इसकी सफलता पर्याप्त निवेश पर निर्भर करेगी। इंस्टीट्यूट फॉर एजुकेशन स्टडीज (IFEST) के कार्यकारी निदेशक पीटर एंटी ने इसे समयोचित और वैश्विक शिक्षा रुझानों के अनुरूप बताया।

एंटी ने कहा कि पाठ्यक्रम सुधार अकेले सफलता की गारंटी नहीं देगा। बिजली, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल उपकरण और शिक्षक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण निवेश आवश्यक होगा ताकि देश भर के विद्यार्थियों को समान लाभ मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इन निवेशों के बिना, ग्रामीण और वंचित समुदायों के स्कूल शहरी समकक्षों से और पीछे रह सकते हैं, जिससे शैक्षिक असमानताएं बढ़ सकती हैं।

भविष्य का परिदृश्य

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि सरकार बिजली, इंटरनेट और डिजिटल उपकरणों में पर्याप्त निवेश करती है, तो यह पहल घाना के बच्चों को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने में सफल हो सकती है। हालांकि, यदि निवेश अपर्याप्त रहता है, तो ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के स्कूल पिछड़ सकते हैं, जिससे शैक्षिक असमानताएं बढ़ सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल वैश्विक शिक्षा रुझानों के अनुरूप है, लेकिन इसकी सफलता कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। यदि शिक्षक प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जाता है, तो यह घाना को डिजिटल शिक्षा में अग्रणी बना सकता है। अन्यथा, यह केवल कागजी घोषणा बनकर रह सकता है।

स्रोत: allafrica.com

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