शिमला, 4 अगस्त (एएनआई): हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज लगाया और संरक्षित किया गया हर पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत होगा। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से प्रकृति की रक्षा में सक्रिय भागीदारी और नशा मुक्त समाज के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आग्रह किया।
राज्यपाल सोमवार को एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में निश्कम सृजन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित 'हर पेड़, हिमाचल का अभिमान - एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को विद्यार्थियों में स्थापित करके सतत विकास के केंद्र बनना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि पौधरोपण को प्रतीकात्मक अभ्यास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पौधरोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ वृक्ष बनाने में है।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय अभियान 'एक पेड़ माँ के नाम' का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ता है।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री के मिशन लाइफ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) का भी उल्लेख किया और कहा कि जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, ऊर्जा दक्षता और पौधरोपण जैसे पर्यावरण अनुकूल जीवन विकल्प सतत विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनाने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा - विकसित भारत संकल्प अभियान' का स्वागत करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और इसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना स्वस्थ, सशक्त और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवाओं से ही साकार होगा।
स्रोत: bignewsnetwork.com



