मुख्य तथ्य
- जांच एजेंसी
- IBAC (स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग)
- ऑपरेशन
- ऑपरेशन रिचमंड
- जांच का विषय
- 2016 में एंड्रयूज सरकार और UFU के बीच एंटरप्राइज बार्गेनिंग समझौता
- जांच शुरू
- नवंबर 2018
- मुख्य निष्कर्ष
- भ्रष्ट आचरण का कोई सबूत नहीं, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का आचरण गंभीर और चिंताजनक
- सिफारिशें
- तीन सिफारिशें, जिनमें मंत्रियों के लिए अखंडता मानकों को मजबूत करना शामिल
पृष्ठभूमि
विक्टोरिया की स्वतंत्र भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (IBAC) ने अपनी ऑपरेशन रिचमंड विशेष रिपोर्ट बुधवार को राज्य संसद में पेश की। यह रिपोर्ट 2016 में एंड्रयूज सरकार और यूनाइटेड फायरफाइटर्स यूनियन (UFU) के बीच एंटरप्राइज बार्गेनिंग समझौते की वार्ता के दौरान कथित भ्रष्ट आचरण की जांच से संबंधित है।
IBAC ने नवंबर 2018 में यह जांच शुरू की थी, जब शिकायतें मिलीं कि यूनियन के सचिव पीटर मार्शल ने तत्कालीन प्रीमियर डैनियल एंड्रयूज को समझौते पर अपना रुख बदलने के लिए ब्लैकमेल किया या समझौता किया।
वर्तमान स्थिति
IBAC ने पाया कि भ्रष्टाचार के आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं है, और विक्टोरियन कानून के तहत किसी भी भ्रष्ट आचरण का कोई सबूत नहीं मिला। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों और सिविल सेवकों ने सरकार की नीतियों, प्रक्रियाओं और परंपराओं के विपरीत कार्य किया, जिससे भ्रष्ट आचरण का खतरा बढ़ गया।
रिपोर्ट में एक उदाहरण 2016 में तत्कालीन विशेष मंत्री गेविन जेनिंग्स और श्री मार्शल के बीच चार दिनों की गोपनीय बैठकों का है। ये बैठकें एंड्रयूज द्वारा अधिकृत थीं, लेकिन तत्कालीन जिम्मेदार मंत्री जेन गैरेट, कंट्री फायर अथॉरिटी (CFA) या सरकारी एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं थी। बैठकें किराए के मीटिंग स्थलों और एक होटल में हुईं, और इन्हें गोपनीय रखने के निर्देश दिए गए थे।
IBAC ने पाया कि सरकार ने बाद में इस समझौते को कैबिनेट के सामने 'UFU प्रस्ताव' के रूप में पेश किया, बिना फायर एजेंसियों या सरकार के सदस्यों को पिछली वार्ता की जानकारी दिए। वॉचडॉग ने दावा किया कि इस गुप्त समझौते ने सरकार की सौदेबाजी की स्थिति को कमजोर किया, और श्री मार्शल ने समझौते का सम्मान किए जाने की उम्मीद की, किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव का विरोध किया और औद्योगिक कार्रवाई या गोपनीय वार्ता के सार्वजनिक खुलासे की धमकी दी।
| वर्ष | घटना/निष्कर्ष |
|---|---|
| 2016 | गेविन जेनिंग्स और पीटर मार्शल के बीच चार दिनों की गोपनीय बैठकें |
| 2016 | एंड्रयूज सरकार और UFU के बीच एंटरप्राइज बार्गेनिंग समझौता |
| 2018 | IBAC ने जांच शुरू की |
| 2019 | MFB बोर्ड सदस्य ग्रेग स्वॉर्ड ने मार्शल के साथ गोपनीय जानकारी साझा की |
| 2020 | फायर रेस्क्यू विक्टोरिया का गठन |
| 2026 | IBAC ने विशेष रिपोर्ट संसद में पेश की |
प्रभाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रीमियर, मंत्री जेनिंग्स और तत्कालीन विभाग के उप सचिव टोनी बेट्स के कार्य सरकार की नीति, प्रक्रियाओं, परंपरा और उनके आचार संहिता के विपरीत थे। इससे श्री मार्शल को वार्ता पर असाधारण प्रभाव डालने की स्थिति मिली।
IBAC ने यह भी पाया कि श्री मार्शल को वरिष्ठ मंत्रियों तक विशेष पहुंच दी गई, जो अन्य हितधारकों को उपलब्ध नहीं थी। जांच में CFA और मेट्रोपॉलिटन फायर ब्रिगेड के विलय की भी जांच की गई, जिससे 2020 में फायर रेस्क्यू विक्टोरिया का गठन हुआ। हालांकि भ्रष्ट आचरण के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन पाया गया कि श्री मार्शल ने राज्य के पहले फायर रेस्क्यू कमिश्नर की नियुक्ति को प्रभावित करने की कोशिश की।
रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि MFB बोर्ड के सदस्य ग्रेग स्वॉर्ड ने 2019 में श्री मार्शल के साथ गोपनीय जानकारी साझा की, जो उनके पेशेवर दायित्वों का उल्लंघन था। IBAC ने तीन सिफारिशें कीं, जिनमें मंत्रियों के लिए अखंडता मानकों को मजबूत करना, एक मंत्रिस्तरीय हैंडबुक पेश करना और मंत्रियों के दायित्वों पर प्रशिक्षण में सुधार करना शामिल है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
आयुक्त विक्टोरिया इलियट ने कहा कि रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे नेता जवाबदेही को कमजोर कर सकते हैं जब वे अखंडता के साथ कार्य नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन रिचमंड में जांचे गए मामले कुछ समय पहले हुए हो सकते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के जोखिम और कमजोरियां गंभीर हैं और विक्टोरिया के सार्वजनिक क्षेत्र में बनी हुई हैं।
प्रीमियर बेन कैरोल, जो 2017 से राज्य सरकार के कैबिनेट में हैं, ने कहा कि उन्होंने अभी तक रिपोर्ट नहीं पढ़ी है, लेकिन उन्होंने इसकी सिफारिशों को लागू करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, 'ये सिफारिशें अखंडता से संबंधित हैं, मैंने कहा था कि अखंडता पर बातचीत नहीं हो सकती।' उन्होंने यह भी कहा कि वे पूर्व प्रीमियर या पूर्व मंत्रियों के लिए जवाबदेह नहीं हो सकते, लेकिन आगे की कार्रवाई के लिए जवाबदेह हैं।
यदि सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो मंत्रियों के लिए अखंडता मानकों में सुधार हो सकता है और भविष्य में इस तरह की गोपनीय बातचीत पर अंकुश लग सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सिफारिशों को कब और कैसे लागू किया जाएगा, और इसका असर आने वाले समय में ही देखा जा सकता है।
स्रोत: muswellbrookchronicle.com.au



