मुख्य तथ्य
- OFS शुरू
- मंगलवार को गैर-खुदरा निवेशकों के लिए, खुदरा के लिए बुधवार को
- फ्लोर प्राइस
- 382 रुपये प्रति शेयर
- संस्थागत अभिदान
- आधार आकार का 3.32 गुना
- ग्रीन शू विकल्प
- सरकार ने उपयोग करने का निर्णय लिया
- शेयर बंद भाव
- 391 रुपये प्रति शेयर (NSE, मंगलवार)
पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए मंगलवार को गैर-खुदरा निवेशकों के लिए Offer For Sale (OFS) शुरू किया। खुदरा निवेशकों के लिए बोली बुधवार को खुलेगी। यह OFS सरकार के व्यापक विनिवेश कार्यक्रम का हिस्सा है और मई 2022 में LIC की सूचीबद्धता के बाद सरकार की ओर से पहली हिस्सेदारी बिक्री है।
OFS के तहत, सूचीबद्ध कंपनी के प्रमोटर, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के मामले में सरकार भी शामिल है, स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से शेयर बेच सकते हैं। यह तंत्र सरकार को अपनी हिस्सेदारी घटाने में सक्षम बनाता है, साथ ही संस्थागत और खुदरा निवेशकों को हिस्सेदारी बिक्री में भाग लेने का अवसर प्रदान करता है।
वर्तमान स्थिति
सरकार ने OFS के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है। संस्थागत निवेशकों से मिली मजबूत प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने अतिरिक्त ग्रीन शू विकल्प का उपयोग करने का निर्णय लिया है। ग्रीन शू विकल्प विक्रेता को मांग मजबूत होने पर आधार आकार से अधिक शेयर पेश करने की अनुमति देता है।
सरकार के एक अधिकारी चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "LIC में Offer For Sale को संस्थागत निवेशकों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली और यह अपने आधार आकार से 3.32 गुना अभिदानित हुआ। यह उत्साही भागीदारी मजबूत निवेशक विश्वास और भारत के पूंजी बाजार की गहराई को दर्शाती है। असाधारण मांग को देखते हुए, सरकार ने ग्रीन शू विकल्प का उपयोग करने का निर्णय लिया है।"
चावला ने खुदरा निवेशकों से भी आग्रह किया कि जब बुधवार को उनके लिए बोली खुले तो वे इस पेशकश में भाग लें।
| विवरण | मान |
|---|---|
| फ्लोर प्राइस | 382 रुपये प्रति शेयर |
| संस्थागत अभिदान (आधार आकार का गुना) | 3.32 |
| शेयर बंद भाव (NSE) | 391 रुपये प्रति शेयर |
| गिरावट (प्रतिशत) | लगभग 9 |
प्रभाव
LIC में हिस्सेदारी बिक्री का उद्देश्य सरकार को न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (MPS) आवश्यकताओं को समय से पहले पूरा करने में मदद करना है। सरकार ने पहले कहा था कि यह लेनदेन LIC में सार्वजनिक स्वामित्व बढ़ाने और निर्धारित सार्वजनिक शेयरधारिता मील का पत्थर हासिल करने में सक्षम बनाएगा।
ग्रीन शू विकल्प निवेशकों की मांग के आधार पर बिक्री का आकार बढ़ाने की सुविधा प्रदान करता है। संस्थागत निवेशकों द्वारा आधार पेशकश के 3.32 गुना अभिदान के साथ, सरकार ने अब इस प्रावधान का उपयोग करने का निर्णय लिया है।
भविष्य का परिदृश्य
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि खुदरा निवेशक भी मजबूत मांग दिखाते हैं, तो सरकार ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त शेयर बेच सकती है, जिससे कुल विनिवेश आधार आकार से अधिक हो सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अंतिम बिक्री कितने शेयरों की होगी।
यदि बाजार की स्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो यह OFS सरकार के विनिवेश लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे सकता है। हालांकि, यदि बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तो बिक्री की गति प्रभावित हो सकती है।
LIC के शेयर मंगलवार को NSE पर 391 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जो लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। आगे की दिशा निवेशकों की भागीदारी और बाजार की धारणा पर निर्भर करेगी।
स्रोत: webindia123.com



