मुख्य तथ्य
- आयोजन
- एनआईटी-आंध्र प्रदेश का आठवां दीक्षांत समारोह
- स्थान
- ताडेपल्लीगुडेम, पश्चिम गोदावरी जिला
- मुख्य अतिथि
- आईलैब्स ग्रुप के अध्यक्ष चिंतलापति श्रीनिवास राजू
- प्रदान की गई उपाधियां
- 644 बी.टेक और 53 पीएच.डी.
- बुनियादी ढांचा परियोजना
- 411 करोड़ रुपये की लागत से पहला चरण जारी
- एनआईआरएफ रैंकिंग 2025
- इंजीनियरिंग श्रेणी में 201-300 बैंड
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान आंध्र प्रदेश (एनआईटी-ए.पी.) का आठवां दीक्षांत समारोह पश्चिम गोदावरी जिले के ताडेपल्लीगुडेम में मंगलवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर आईलैब्स ग्रुप के अध्यक्ष चिंतलापति श्रीनिवास राजू ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित किया।
समारोह में आईआईटी तिरुपति के निदेशक के. एन. सत्यनारायण बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। एनआईटी-ए.पी. के कार्यकारी निदेशक एन. वी. रमना राव ने भी इस अवसर पर जानकारी साझा की।
वर्तमान स्थिति
दीक्षांत समारोह में कुल 644 बी.टेक और 53 पीएच.डी. की उपाधियां प्रदान की गईं। आईलैब्स ग्रुप के अध्यक्ष श्रीनिवास राजू ने छात्रों से विनिर्माण क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने और नवाचारी शोध को आगे बढ़ाने का आग्रह किया, ताकि 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकियां तेजी से उभर रही हैं और छात्रों को उनमें महारत हासिल करने के लिए आवश्यक कौशल से खुद को सुसज्जित करना चाहिए। आईआईटी तिरुपति के निदेशक प्रो. सत्यनारायण ने कहा कि ये उपाधियां छात्रों की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और अनुशासन को दर्शाती हैं।
| उपाधि का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| बी.टेक | 644 |
| पीएच.डी. | 53 |
प्रभाव
प्रो. सत्यनारायण ने कहा कि भारत विनिर्माण, अंतरिक्ष, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है, और युवा दिमाग इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे छात्रों को इन क्षेत्रों में योगदान के लिए प्रेरित होने की संभावना है।
एनआईटी-ए.पी. के कार्यकारी निदेशक एन. वी. रमना राव ने संस्थान के एक दशक लंबे सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परिसर में 411 करोड़ रुपये की लागत से बुनियादी ढांचे के विकास का पहला चरण चल रहा है, जिससे शिक्षण और शोध सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि एनआईटी-ए.पी. में आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध केंद्रों की स्थापना के प्रयास सफल रहते हैं, तो संस्थान की शिक्षण और शोध क्षमता में सुधार हो सकता है। इससे छात्रों को उभरती प्रौद्योगिकियों में कौशल हासिल करने में मदद मिल सकती है।
एनआईटी-ए.पी. ने राष्ट्रीय संस्थान रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2025 की इंजीनियरिंग श्रेणी में 201-300 बैंड में स्थान प्राप्त किया है। यदि संस्थान अपने बुनियादी ढांचे और शोध सुविधाओं को बेहतर बनाता है, तो आने वाले वर्षों में उसकी रैंकिंग में सुधार की संभावना हो सकती है।
स्रोत: thehindu.com
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दीक्षांत समारोह में प्रदान की गई उपाधियां
पीएच.डी.53
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| बी.टेक | 644 |
| पीएच.डी. | 53 |
स्रोत:thehindu.com स्रोत-समर्थित



