मुख्य तथ्य
- आयु
- 69 वर्ष
- स्थान
- ईस्टवुड, दक्षिण एसेक्स
- घटना
- मालदीव में स्कूबा डाइविंग के दौरान बीमार
- उपचार
- नई दिल्ली के अस्पताल में भर्ती, डायलिसिस जारी
- फंड जुटाना
- £14,000 के लक्ष्य में से £12,000 से अधिक जुटाए गए
पृष्ठभूमि
ईस्टवुड की 69 वर्षीय एंजेला मुनरो, जो एक अनुभवी डाइवर हैं, मालदीव में स्कूबा डाइविंग अभियान के दौरान बीमार पड़ गईं। उन्हें 22 जुलाई को कृत्रिम कोमा में डाल दिया गया और बाद में नई दिल्ली के एक विशेषज्ञ अस्पताल में हवाई मार्ग से ले जाया गया।
एंजेला ने पिछले 26 वर्षों में लगभग 3,000 डाइव पूरी की हैं और वार्षिक डाइविंग मेडिकल जांच पास करती रही हैं। वह एक पेशेवर डाइविंग प्रशिक्षक और पुरस्कार विजेता अंडरवाटर फोटोग्राफर और वीडियोग्राफर भी हैं।
वर्तमान स्थिति
एंजेला की हालत इतनी गंभीर थी कि गंभीर डीकंप्रेशन बीमारी के लिए हाइपरबेरिक चैंबर उपचार में आठ दिनों की देरी हुई, क्योंकि डॉक्टर उन्हें स्थिर करने में लगे रहे। भारत में भर्ती होने के बाद से उन्हें गुर्दे की विफलता के कारण लगातार डायलिसिस की आवश्यकता पड़ रही है।
उनकी बेटी निकोला मुनरो ने बताया कि परिवार तबाह है और डॉक्टर अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि बीमारी का कारण क्या है। एंजेला की डाइविंग बडी, जो एक प्रशिक्षक भी है, ने वही डाइव और सेफ्टी स्टॉप किए और वह पूरी तरह ठीक है।
| विवरण | राशि |
|---|---|
| जुटाई गई राशि | £12,000 से अधिक |
| लक्ष्य | £14,000 |
प्रभाव
एंजेला की बेटियां निकोला और करेन रेले में रहती हैं, जबकि बेटी जोएन और बेटा मैथ्यू भारत में रहते हैं। जोएन ने आपातकालीन वीजा प्राप्त कर नई दिल्ली के लिए उड़ान भरी, क्योंकि अस्पताल ने एंजेला के भर्ती होने के लिए परिवार के सदस्य की उपस्थिति आवश्यक बताई थी।
एंजेला बेनफ्लीट के एक केयर होम में काम करती हैं और सात पोते-पोतियों की दादी हैं। उनके इलाज और रिकवरी के खर्चों के लिए शुरू किया गया फंड जुटाने का अभियान £14,000 के लक्ष्य के मुकाबले £12,000 से अधिक जुटा चुका है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
एंजेला की दीर्घकालिक स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। यदि डॉक्टर उनकी बीमारी का कारण निर्धारित कर लेते हैं, तो उपचार अधिक लक्षित हो सकता है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह पूरी तरह ठीक हो पाएंगी या नहीं।
यदि फंड जुटाने का लक्ष्य पूरा हो जाता है, तो परिवार को चिकित्सा खर्चों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, अगर उनकी हालत में सुधार नहीं होता है, तो उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है और अधिक खर्च हो सकता है।
स्रोत: echo-news.co.uk



