मुख्य तथ्य
- मुकदमा
- समाचार मीडिया संगठनों ने UNC के खिलाफ अप्रैल में मुकदमा दायर किया
- रिपोर्ट की लागत
- $1.2 मिलियन
- रिपोर्ट के पृष्ठ
- 400 से अधिक
- जांच एजेंसी
- K&L गेट्स
- सुनवाई की तारीख
- मंगलवार (4 अगस्त 2026)
- न्यायाधीश
- जॉन मॉरिस
पृष्ठभूमि
उत्तरी कैरोलिना के चैपल हिल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना (UNC) के विवादास्पद स्कूल ऑफ सिविक लाइफ एंड लीडरशिप (SCiLL) की आंतरिक जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर समाचार मीडिया संगठनों और विश्वविद्यालय के बीच कानूनी लड़ाई जारी है। यह मामला ऑरेंज काउंटी की अदालत में विचाराधीन है।
SCiLL की स्थापना 2023 में हुई थी। तभी से यह कार्यक्रम अपने उच्च शिक्षक कारोबार दर, रूढ़िवादी विद्वानों से संबंध और UNC बोर्ड ऑफ ट्रस्टी तथा विधायिका द्वारा जल्दबाजी में की गई पुष्टि के कारण आलोचना का सामना कर रहा है।
शिक्षकों के कारोबार को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सितंबर 2025 में बाहरी फर्म K&L गेट्स को SCiLL की 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' समीक्षा का जिम्मा सौंपा था। K&L गेट्स ने 6 मार्च को अपनी समीक्षा पूरी की, लेकिन UNC ने रिपोर्ट या उसका सारांश जारी करने से इनकार कर दिया।
वर्तमान स्थिति
मंगलवार को हुई सुनवाई में सुपीरियर कोर्ट के न्यायाधीश जॉन मॉरिस ने तुरंत कोई फैसला नहीं सुनाया। उन्होंने कहा कि वे मुकदमे को समाप्त करने या मामले को आगे बढ़ाने का निर्णय लेने से पहले आंतरिक जांच रिपोर्ट की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करेंगे।
समाचार मीडिया संगठनों का तर्क है कि यह रिपोर्ट राज्य के सार्वजनिक रिकॉर्ड कानून के तहत सार्वजनिक रिकॉर्ड है क्योंकि इसे करदाताओं के पैसे से तैयार किया गया है। UNC का कहना है कि रिपोर्ट की सामग्री मुकदमे की तैयारी से जुड़ी है और इसलिए उसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
UNC के वकील वेस कैमडेन ने कहा कि रिपोर्ट के हर पृष्ठ पर K&L गेट्स ने 'अटॉर्नी वर्क प्रोडक्ट' का ठप्पा लगाया था। वहीं, मीडिया संगठनों के वकील माइक टैडिच ने कहा कि सार्वजनिक रिकॉर्ड कानून की धारा G.S. 132-1.9 के तहत यदि किसी रिकॉर्ड को मुकदमे की तैयारी सामग्री बताकर अस्वीकार किया जाता है, तो उसका लिखित औचित्य दिया जाना चाहिए, जो अभी तक नहीं दिया गया है।
| घटना | तिथि |
|---|---|
| SCiLL की स्थापना | 2023 |
| K&L गेट्स को समीक्षा का जिम्मा | सितंबर 2025 |
| K&L गेट्स ने समीक्षा पूरी की | 6 मार्च |
| फैकल्टी काउंसिल के प्रस्ताव | 17 अप्रैल |
| मुकदमा दायर | अप्रैल |
| सुनवाई | 4 अगस्त 2026 |
प्रभाव
इस मामले का सीधा असर UNC प्रशासन, SCiLL कार्यक्रम से जुड़े शिक्षकों और छात्रों तथा समाचार मीडिया संगठनों पर पड़ सकता है। यदि अदालत रिपोर्ट जारी करने का आदेश देती है, तो विश्वविद्यालय को 400 पेज से अधिक की रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होगी, जिससे कार्यक्रम की पारदर्शिता बढ़ेगी।
UNC फैकल्टी काउंसिल ने 17 अप्रैल को दो प्रस्ताव पारित कर रिपोर्ट जारी करने की मांग की थी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर कुछ हिस्सों को हटाकर रिपोर्ट जारी करने का सुझाव भी शामिल था। छात्रों ने भी 'SCiLL फाइलें जारी करो' के नारे लगाए थे।
यदि अदालत UNC के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो रिपोर्ट गोपनीय रहेगी, जिससे पारदर्शिता की मांग को झटका लगेगा। वहीं, यदि मामला मुकदमे तक जाता है, तो इससे विश्वविद्यालय पर और अधिक कानूनी दबाव बढ़ सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
न्यायाधीश मॉरिस ने कहा कि रिपोर्ट की समीक्षा एक गहन कानूनी जांच होगी, जिसे वे इस अदालती सत्र में पूरा नहीं कर पाएंगे। यदि वे रिपोर्ट की समीक्षा के बाद UNC का पक्ष स्वीकार करते हैं, तो मुकदमा समाप्त हो सकता है और रिपोर्ट गोपनीय रहेगी।
यदि न्यायाधीश मीडिया संगठनों के पक्ष में फैसला सुनाते हैं, तो मामला मुकदमे के लिए आगे बढ़ सकता है, जिसमें रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक किया जा सकता है या पूरी रिपोर्ट जारी हो सकती है। टैडिच ने कहा कि न्यायाधीश कई निष्कर्षों पर पहुंच सकते हैं, जैसे पूरी रिपोर्ट गोपनीय रहे या केवल कुछ हिस्सों को हटाया जाए।
फिलहाल, रिपोर्ट का एक भी पृष्ठ या सूची जारी नहीं की गई है। यदि अदालत रिपोर्ट जारी करने का आदेश देती है, तो UNC को कानूनी दायित्व के तहत रिपोर्ट को संशोधित करके जारी करना पड़ सकता है, हालांकि टैडिच ने कहा कि 400 पेज की रिपोर्ट को काला करके जारी करना विश्वविद्यालय के लिए अच्छा नहीं लगेगा।
स्रोत: carolinapublicpress.org



