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मेसोथेलियोमा विशेषज्ञ डॉ. कैरी ली ने क्लिनिकल ट्रायल और इम्यूनोथेरेपी पर दिए सुझाव

UNC लाइनबर्गर के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. कैरी ली ने मेसोथेलियोमा के इलाज में इम्यूनोथेरेपी को बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने क्लिनिकल ट्रायल को अंतिम विकल्प न मानने, ट्यूमर टेस्टिंग और बहु-विषयक देखभाल पर जोर दिया।

मेसोथेलियोमा विशेषज्ञ डॉ. कैरी ली ने क्लिनिकल ट्रायल और इम्यूनोथेरेपी पर दिए सुझाव
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मुख्य तथ्य

साक्षात्कार प्रकाशन तिथि
4 अगस्त 2026
विशेषज्ञ
डॉ. कैरी बी. ली, UNC लाइनबर्गर
अनुभव
दो दशक से अधिक
मुख्य सिफारिशें
क्लिनिकल ट्रायल जल्दी, ट्यूमर टेस्टिंग, बहु-विषयक देखभाल
संपर्क
(866) 608-8933

पृष्ठभूमि

मेसोथेलियोमा होप, एक ऑनलाइन संसाधन जो मेसोथेलियोमा रोगियों को शिक्षा और सहायता प्रदान करता है, ने UNC लाइनबर्गर कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. कैरी बी. ली के साथ एक साक्षात्कार प्रकाशित किया है। डॉ. ली UNC स्कूल ऑफ मेडिसिन में प्रोफेसर हैं और दो दशकों से अधिक समय से मेसोथेलियोमा और फेफड़ों के कैंसर के रोगियों का इलाज कर रही हैं।

साक्षात्कार में डॉ. ली ने बताया कि जब उन्होंने इस क्षेत्र में काम शुरू किया था, तब उन्नत चरण के मेसोथेलियोमा रोगियों को अनिवार्य रूप से लाइलाज माना जाता था। उन्होंने इम्यूनोथेरेपी के उद्भव को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया, जिससे अब कुछ उन्नत रोगी दीर्घकालिक उत्तरजीविता प्राप्त कर रहे हैं।

वर्तमान स्थिति

डॉ. ली ने जोर देकर कहा कि क्लिनिकल ट्रायल केवल अंतिम विकल्प नहीं हैं, बल्कि प्रारंभिक निदान के समय भी उपयुक्त हो सकते हैं। उन्होंने रोगियों को सलाह दी कि वे अपने डॉक्टरों से जल्दी ट्रायल के बारे में पूछें और रोगी वकालत संगठनों से संपर्क करें जो सक्रिय अध्ययनों से मिलान करने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने व्यापक ट्यूमर परीक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें डीएनए और आरएनए अनुक्रमण शामिल है, जो आनुवंशिक उत्परिवर्तन का पता लगा सकता है और लक्षित उपचारों या क्लिनिकल ट्रायल के द्वार खोल सकता है। साथ ही, उन्होंने बहु-विषयक देखभाल की सिफारिश की, जिसमें मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और सर्जन ट्यूमर बोर्ड में सहयोग करते हैं।

साक्षात्कार में उल्लिखित प्रमुख बिंदु
विषय विवरण
क्लिनिकल ट्रायलप्रारंभिक निदान पर उपयुक्त, अंतिम विकल्प नहीं
ट्यूमर टेस्टिंगडीएनए/आरएनए अनुक्रमण से आनुवंशिक उत्परिवर्तन का पता चलता है
बहु-विषयक देखभालविभिन्न विशेषज्ञों का सहयोग
दूसरी रायअनुभवी शैक्षणिक केंद्र से लें
आशापरिस्थिति के अनुसार बदलती है
सभी जानकारी स्रोत से सीधे ली गई है।

प्रभाव

डॉ. ली ने कहा कि मेसोथेलियोमा दुर्लभ होने के कारण, रोगियों को कम से कम एक बार किसी शैक्षणिक कैंसर केंद्र से राय लेनी चाहिए जो इस बीमारी के इलाज में अनुभवी हो, भले ही आगे का उपचार घर के पास ही क्यों न हो। इससे रोगियों को विशेषज्ञ देखभाल मिल सकती है।

उन्होंने उपचार के दौरान आशा को फिर से परिभाषित करने की बात कही, जो प्रारंभिक चरण में इलाज की कोशिश से लेकर उन्नत मामलों में जीवन की गुणवत्ता और आराम को प्राथमिकता देने तक भिन्न होती है। डॉ. ली ने कहा, 'यहां तक कि सबसे गंभीर परिस्थितियों में भी, मैं कभी भी सारी आशा नहीं छीनना चाहती।'

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि इम्यूनोथेरेपी और लक्षित उपचारों में प्रगति जारी रहती है, तो उन्नत मेसोथेलियोमा रोगियों के लिए दीर्घकालिक उत्तरजीविता की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उपचार सभी रोगियों पर समान रूप से प्रभावी होंगे।

यदि क्लिनिकल ट्रायल को प्रारंभिक चरण में ही अपनाया जाता है, तो रोगियों को नए उपचारों तक पहले पहुंच मिल सकती है। लेकिन ट्रायल की उपलब्धता और रोगी की पात्रता जैसे कारकों के आधार पर परिणाम भिन्न हो सकते हैं। भविष्य में बहु-विषयक देखभाल और व्यापक ट्यूमर परीक्षण को और अधिक मानक बनाए जाने की संभावना है।

स्रोत: tennesseedaily.com

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