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असम में नए स्कूल प्रबंधन समिति गठन के निर्देश जारी

असम के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी और प्रांतीयकृत स्कूलों में एक माह के भीतर नई स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) गठित करने का निर्देश जारी किया है। यह समिति पुरानी SMDC की जगह लेगी और NEP 2020 के तहत काम करेगी।

असम में नए स्कूल प्रबंधन समिति गठन के निर्देश जारी
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

जारी करने वाला विभाग
असम स्कूल शिक्षा विभाग
नई समिति
स्कूल प्रबंधन समिति (SMC)
पुरानी समिति
स्कूल प्रबंधन विकास समिति (SMDC)
गठन की समय सीमा
शैक्षणिक वर्ष शुरू होने के एक माह के भीतर
कानूनी आधार
RTE अधिनियम 2009 की धारा 21
लागू स्कूल
सभी सरकारी और प्रांतीयकृत स्कूल (कक्षा 12 तक)

पृष्ठभूमि

असम के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी और प्रांतीयकृत स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) गठित करने का नया निर्देश जारी किया है। यह निर्देश राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप है और पुरानी स्कूल प्रबंधन विकास समिति (SMDC) की जगह लेगा।

विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में निचले प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए SMC के गठन, भूमिका और जिम्मेदारियों के मानदंड निर्धारित किए गए हैं। यह आदेश पहले जारी सभी संबंधित सरकारी अधिसूचनाओं, निर्देशों और दिशानिर्देशों को निरस्त करता है।

वर्तमान स्थिति

अधिसूचना के अनुसार, सभी स्कूलों में कक्षा 12 तक के लिए SMC का गठन किया जाएगा। पहले माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत SMDC का अब गठन नहीं होगा। यह आदेश बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 की धारा 21 के तहत जारी किया गया है, जिसमें NEP 2020 और समग्र शिक्षा 2.0 के प्रावधान शामिल हैं।

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कदम स्कूली शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। SMC स्कूली शिक्षा के विकेंद्रीकृत प्रशासन के लिए प्राथमिक संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करेगी, जिसमें स्थानीय समुदाय योजना, निगरानी और शैक्षिक परिणामों में सुधार में शामिल होंगे।

छात्र संख्या के अनुसार SMC सदस्यों की संख्या
छात्र संख्या सदस्यों की संख्या
100 तक12-15
100-50015-20
500 से अधिक20-25
आंकड़े अधिसूचना से लिए गए हैं।

प्रभाव

नई समिति में सरकारी अधिकारी, छात्रों के माता-पिता या अभिभावक, स्थानीय प्राधिकरणों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, विषय विशेषज्ञ, पूर्व छात्र और वंचित समूहों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति का आकार छात्र संख्या पर निर्भर करेगा।

100 तक छात्रों वाले स्कूलों में 12 से 15 सदस्य, 100 से 500 छात्रों वाले स्कूलों में 15 से 20 सदस्य, और 500 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में 20 से 25 सदस्यों की समिति गठित होगी। इससे स्कूल प्रबंधन में स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि सभी स्कूल एक माह के भीतर नई SMC गठित कर लेते हैं, तो राज्य में स्कूल प्रबंधन की एक समान संरचना लागू हो सकती है। इससे शिक्षा के विकेंद्रीकरण और सामुदायिक भागीदारी को बल मिल सकता है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि नई समितियों के गठन में कितना समय लगेगा और क्या सभी स्कूल निर्धारित समय सीमा का पालन कर पाएंगे। यदि समय पर गठन नहीं होता है, तो विभाग को अतिरिक्त निर्देश जारी करने पड़ सकते हैं।

आने वाले समय में SMC के कामकाज का असर स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता पर देखा जा सकता है, लेकिन इसका मूल्यांकन अभी संभव नहीं है।

स्रोत: prokerala.com

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