मुख्य तथ्य
- कुल छात्रवृत्ति
- 541
- सुवर्ण जयंती छात्रवृत्ति
- 500
- लता मंगेशकर छात्रवृत्ति
- 38
- क्वाड छात्रवृत्ति
- 3
- कुल आवेदन
- 7700+
- ढाका से उपस्थित छात्र
- 120+
पृष्ठभूमि
भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) छात्रवृत्ति भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जो योग्य बांग्लादेशी नागरिकों को भारत के शीर्ष संस्थानों में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी पाठ्यक्रमों में अध्ययन का अवसर प्रदान करता है। यह छात्रवृत्ति इंजीनियरिंग, विज्ञान, साहित्य, मानविकी और ललित कला सहित विभिन्न विषयों में प्रदान की जाती है।
यह पूर्ण रूप से वित्तपोषित छात्रवृत्ति छात्रों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), दिल्ली विश्वविद्यालय, विश्व भारती विश्वविद्यालय, मुंबई विश्वविद्यालय, अन्ना विश्वविद्यालय जैसे विश्व स्तरीय संस्थानों में अध्ययन का अवसर देती है। छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं को कोई ट्यूशन शुल्क या अन्य विश्वविद्यालय शुल्क नहीं देना पड़ता है, और इसके अलावा, उन्हें दैनिक खर्चों को पूरा करने के लिए आईसीसीआर से मासिक छात्रवृत्ति मिलती है।
वर्तमान स्थिति
भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने 04.08.2026 को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग परिसर में आयोजित 'सेंड-ऑफ' समारोह में आईसीसीआर छात्रवृत्ति प्राप्त छात्रों को संबोधित किया। इस अवसर पर ढाका से 120 से अधिक छात्र उपस्थित थे, जो जल्द ही भारत में इंजीनियरिंग से लेकर ललित कला, फार्मेसी से लेकर संगीत तक के पाठ्यक्रमों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट की पढ़ाई करने जाएंगे।
इस वर्ष बांग्लादेश भर से 541 छात्रों को आईसीसीआर छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इनमें से 500 छात्रों को प्रतिष्ठित सुवर्ण जयंती छात्रवृत्ति मिली है, जो स्टेम और गैर-स्टेम दोनों क्षेत्रों में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रमों के लिए है। 38 छात्रों को लता मंगेशकर नृत्य और संगीत छात्रवृत्ति प्रदान की गई है, जिसके तहत वे भारत में नृत्य, संगीत और संस्कृति से संबंधित पाठ्यक्रम करेंगे। तीन छात्रों को आईसीसीआर की क्वाड छात्रवृत्ति से सम्मानित किया गया है, जिससे वे भारत में स्नातक स्टेम पाठ्यक्रम कर सकेंगे।
इस वर्ष बांग्लादेश भर से आईसीसीआर छात्रवृत्ति के लिए 7700 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 541 छात्रों का चयन भारतीय उच्चायोग, ढाका और बांग्लादेश में भारत के अन्य सहायक उच्चायोग कार्यालयों द्वारा आयोजित दक्षता परीक्षण और साक्षात्कार के बाद किया गया।
| छात्रवृत्ति प्रकार | संख्या |
|---|---|
| सुवर्ण जयंती | 500 |
| लता मंगेशकर | 38 |
| क्वाड | 3 |
| कुल | 541 |
प्रभाव
उच्चायुक्त त्रिवेदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आवेदन करने वालों में से केवल 6% ही आईसीसीआर छात्रवृत्ति प्राप्त कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इन विद्वानों का खुले दिल से स्वागत कर रहा है और भारत में अध्ययन उन्हें भारत की विविधता का आनंद लेने का अद्भुत अवसर देगा।
उच्चायुक्त ने छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ताओं के माता-पिता को धन्यवाद दिया, जिन्होंने इन प्रतिभाशाली दिमागों को पोषित किया और उच्च शिक्षा के लिए भारत पर भरोसा जताया। उन्होंने युवा विद्वानों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का उपयोग न केवल अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए करें, बल्कि भारत का अन्वेषण करें, स्थायी मित्रता बनाएं और बांग्लादेश और भारत के बीच सेतु का काम करें।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि ये छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद बांग्लादेश लौटते हैं, तो वे दोनों देशों के बीच शैक्षिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत कर सकते हैं। उनके अनुभव और नेटवर्क से दोनों देशों के बीच आदान-प्रदान बढ़ने की संभावना है।
आईसीसीआर छात्रवृत्ति कार्यक्रम के विस्तार से भविष्य में और अधिक बांग्लादेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अगले वर्षों में छात्रवृत्ति की संख्या में वृद्धि होगी या नहीं।
यदि छात्रवृत्ति प्राप्त छात्र भारत में रहकर शोध या अध्ययन जारी रखते हैं, तो वे भारत के शैक्षणिक और अनुसंधान क्षेत्रों में योगदान दे सकते हैं। लेकिन यह उनकी व्यक्तिगत पसंद और अवसरों पर निर्भर करेगा।
स्रोत: indiagazette.com
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आईसीसीआर छात्रवृत्ति वितरण (2026-2027)
कुल541
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| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| सुवर्ण जयंती | 500 |
| लता मंगेशकर | 38 |
| क्वाड | 3 |
| कुल | 541 |
स्रोत:indiagazette.com स्रोत-समर्थित



