पृष्ठभूमि
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (पीएसआईडीसी) के कार्यालय उद्योग भवन में तलाशी अभियान चलाया। ईडी की जालंधर इकाई की टीम सुबह करीब 10 बजे उद्योग भवन पहुंची और जांच शुरू की।
यह कार्रवाई पूर्व उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद हुई है। संजीव अरोड़ा को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कथित 100 करोड़ रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने उनकी चिकित्सा आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
वर्तमान स्थिति
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम पीएसआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और लेखा विभाग के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। तलाशी के दौरान परिसर को घेर लिया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
अधिकारियों ने चल रही जांच के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। इस घटनाक्रम से निगम और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में चिंता पैदा हो गई है। वर्तमान में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा हैं, जिन्होंने कैबिनेट फेरबदल के बाद पदभार संभाला है।
प्रभाव
इस तलाशी से पीएसआईडीसी के कामकाज पर असर पड़ सकता है, क्योंकि वरिष्ठ अधिकारियों और लेखा विभाग के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। इससे निगम के दैनिक कार्यों में बाधा आने की संभावना है।
यह कार्रवाई पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, ईडी ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इस घटनाक्रम से राज्य के औद्योगिक विकास से जुड़े क्षेत्रों में चिंता बढ़ सकती है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि ईडी की जांच में पीएसआईडीसी से जुड़े और सबूत मिलते हैं, तो आगे और पूछताछ या गिरफ्तारी हो सकती है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि तलाशी का दायरा कितना व्यापक है।
संजीव अरोड़ा के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत खारिज किए जाने के बाद, ईडी की जांच जारी रहने की संभावना है। यदि जांच में और वित्तीय अनियमितताएं सामने आती हैं, तो इसका असर राज्य की औद्योगिक नीतियों पर पड़ सकता है। फिलहाल, मामले की आगे की दिशा ईडी की जांच पर निर्भर करेगी।
स्रोत: tribuneindia.com



