मुख्य तथ्य
- स्थान
- काटीमारी, नगांव, असम (34 बटालियन CRPF कैंप)
- मृतक
- SI/GD रामनवाल सिंह यादव, हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल, ASI/GD बल्लानी प्रेमबराम (आरोपी)
- घायल
- ASI/माने गोविंद श्रीपुल (171 बटालियन)
- हथियार
- INSAS राइफल
- आरोपी का मूल स्थान
- आंध्र प्रदेश
- जांच
- जारी, मकसद अभी स्थापित नहीं
पृष्ठभूमि
गुवाहाटी, 4 अगस्त: असम के नगांव जिले में स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 34 बटालियन कैंप में मंगलवार को एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) द्वारा की गई फायरिंग में दो जवानों की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। आरोपी ASI ने कथित तौर पर उसी हथियार से खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौत हो गई।
यह घटना काटीमारी स्थित 34 बटालियन CRPF कैंप में हुई, जिससे उच्च सुरक्षा वाले परिसर में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के पीछे का मकसद अभी स्थापित नहीं हो पाया है और जांच शुरू कर दी गई है।
वर्तमान स्थिति
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान ASI/GD बल्लानी प्रेमबराम के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश का निवासी है। वह मुख्य गेट पर ड्यूटी पर तैनात था, जब उसे बिना निर्धारित सेवा हथियार के पाया गया। बाद में वह कैंप के गार्ड रूम में गया, वहां से INSAS राइफल ली और क्वार्टर गार्ड के पीछे की ओर चला गया।
पुलिस के अनुसार, प्रेमबराम ने पहले हेड कांस्टेबल (HV/GD) विष्णु प्रसाद बघेल पर गोली चलाई, जो गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर SI/GD रामनवाल सिंह यादव पर गोली चलाई, जो आधिकारिक दस्तावेज़ सत्यापन के लिए कैंप में आए थे। यादव ने भी दम तोड़ दिया।
आरोपी ने आगे 171 बटालियन के ASI/माने गोविंद श्रीपुल पर गोली चलाई, जो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी को तुरंत देव केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। फायरिंग के बाद प्रेमबराम 171 बटालियन के बैरक में गया और उसी हथियार से खुद को गोली मार ली। वह मौके पर ही मर गया।
| नाम | पद | स्थिति |
|---|---|---|
| रामनवाल सिंह यादव | SI/GD | मृत |
| विष्णु प्रसाद बघेल | हेड कांस्टेबल (HV/GD) | मृत |
| बल्लानी प्रेमबराम | ASI/GD | मृत (आरोपी) |
| माने गोविंद श्रीपुल | ASI | घायल |
प्रभाव
इस घटना में तीन CRPF कर्मियों की मौत हुई है: SI/GD रामनवाल सिंह यादव, हेड कांस्टेबल विष्णु प्रसाद बघेल और आरोपी ASI/GD बल्लानी प्रेमबराम। एक अन्य अधिकारी ASI/माने गोविंद श्रीपुल घायल हैं और अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
इस घटना से कैंप में तैनात जवानों के मनोबल पर असर पड़ सकता है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं। वरिष्ठ CRPF अधिकारी और स्थानीय पुलिस घटना के तुरंत बाद कैंप पहुंच गए। सुरक्षा अधिकारियों ने घटना के क्रम को स्थापित करने, फायरिंग की परिस्थितियों की जांच करने और मकसद का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
जांच अभी जारी है और अधिक विवरण सामने आने की उम्मीद है। यदि जांच में पता चलता है कि यह घटना मानसिक तनाव या किसी व्यक्तिगत कारण से हुई है, तो CRPF अपने जवानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रमों को मजबूत कर सकता है।
यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल में चूक पाई जाती है, तो कैंप में हथियारों की निगरानी और ड्यूटी के दौरान सख्ती बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी ने अपनी सेवा हथियार क्यों नहीं रखा था और उसने INSAS राइफल तक कैसे पहुंच बनाई।
फिलहाल, घटना के मकसद के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है, और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
स्रोत: prokerala.com



