मुख्य तथ्य
- बैंक का नाम
- द पुसाद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुसाद, जिला यवतमाल, महाराष्ट्र
- निर्देश जारी करने की तिथि
- 6 नवंबर 2025
- पिछली विस्तार तिथि
- 30 अप्रैल 2026
- वर्तमान विस्तार अवधि
- 7 अगस्त 2026 से 7 नवंबर 2026 (तीन माह)
- कानूनी प्रावधान
- बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए और धारा 56
- विस्तार का आधार
- सार्वजनिक हित
पृष्ठभूमि
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए और धारा 56 के तहत पुसाद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, पुसाद, जिला यवतमाल, महाराष्ट्र के लिए निर्देश जारी किए थे। ये निर्देश 6 नवंबर 2025 को जारी किए गए थे और इनकी अवधि छह माह यानी 7 मई 2026 तक थी।
इसके बाद 30 अप्रैल 2026 को जारी एक अन्य निर्देश के जरिए इनकी अवधि बढ़ाकर 7 अगस्त 2026 कर दी गई थी। अब आरबीआई ने सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए इन निर्देशों की अवधि को और बढ़ाने का फैसला किया है।
वर्तमान स्थिति
आरबीआई ने 4 अगस्त 2026 को जारी विज्ञप्ति में कहा कि वह संतुष्ट है कि सार्वजनिक हित में 7 अगस्त 2026 के बाद भी निर्देशों की अवधि बढ़ाना आवश्यक है। इसलिए, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 35ए की उपधारा (1) और धारा 56 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्देशों की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है।
यह विस्तार 7 अगस्त 2026 के कारोबार समाप्ति से 7 नवंबर 2026 के कारोबार समाप्ति तक प्रभावी रहेगा। यह विस्तार समीक्षा के अधीन है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इस विस्तार या संशोधन का यह अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए कि आरबीआई बैंक की वित्तीय स्थिति से संतुष्ट है।
प्रभाव
इस विस्तार से पुसाद अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों और जमाकर्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। बैंक पर लागू निर्देशों की शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी, जिससे बैंक की कार्यप्रणाली पर पहले जैसी ही पाबंदियां बनी रहेंगी।
बैंक के संचालन पर निगरानी जारी रहेगी और आरबीआई की ओर से समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। जमाकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे बैंक की स्थिति पर नजर रखें और आरबीआई के निर्देशों का पालन करें।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो आरबीआई निर्देशों की अवधि को और बढ़ा सकता है या अन्य कदम उठा सकता है। समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बैंक की स्थिति में कितना सुधार हुआ है।
संभावना है कि यदि बैंक अपनी वित्तीय सेहत सुधारने में सफल रहता है, तो आरबीआई निर्देशों में ढील दे सकता है। हालांकि, फिलहाल यह अनिश्चित है कि 7 नवंबर 2026 के बाद क्या स्थिति होगी।
स्रोत: भारतीय रिजर्व बैंक
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निर्देशों की समय-सीमा
- 01
निर्देश जारी
आरबीआई ने बैंक के लिए निर्देश जारी किए, जो छह माह के लिए प्रभावी थे।
- 02
पहला विस्तार
निर्देशों की अवधि बढ़ाकर 7 अगस्त 2026 की गई।
- 03
दूसरा विस्तार
आरबीआई ने निर्देशों की अवधि तीन माह और बढ़ाकर 7 नवंबर 2026 कर दी।
स्रोत:भारतीय रिजर्व बैंक की विज्ञप्ति से स्रोत-समर्थित



