मार्केट

बाज़ार डेटा लोड हो रहा है…

विलंबित भाव
लाइव टीवी
राज्य

जम्मू-कश्मीर में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य चूके, केंद्र ने पीएम-कुसुम आवंटन रद्द किए

केंद्र ने जम्मू-कश्मीर में पीएम-कुसुम के 20 मेगावाट और 4,000 सोलर पंप आवंटन प्रगति न होने पर रद्द किए। पांच साल में ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और बायोएनर्जी कार्यक्रम में कोई परियोजना स्वीकृत नहीं हुई। 85,908 आवेदनों में से 39,160 रूफटॉप सोलर लगे।

जम्मू-कश्मीर में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य चूके, केंद्र ने पीएम-कुसुम आवंटन रद्द किए
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

पीएम-कुसुम आवंटन रद्द
20 मेगावाट (घटक-ए) और 4,000 सोलर पंप (घटक-सी)
रूफटॉप सोलर स्थापनाएं
39,160 पूर्ण, 85,908 आवेदन
ग्रीन हाइड्रोजन/बायोएनर्जी परियोजनाएं
पांच वर्षों में शून्य
केंद्रीय वित्तीय सहायता
312.66 करोड़ रुपये (पांच वर्षों में)
पीएम-कुसुम घटक-बी सोलर पंप
4,876 स्थापित (5,000 आवंटन में से)
सूचना स्रोत
राज्यसभा में मंत्री श्रीपद येस्सो नाईक का उत्तर

पृष्ठभूमि

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि जम्मू-कश्मीर केंद्रीय सौर ऊर्जा योजना पीएम-कुसुम के प्रमुख घटकों में प्रगति नहीं कर पाया है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद येस्सो नाईक ने यह जानकारी सांसद गुलाम अली के अतारांकित प्रश्न के उत्तर में दी।

गुलाम अली ने जम्मू-कश्मीर में पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना, पीएम-कुसुम, ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, बायोएनर्जी कार्यक्रम और लघु जल विद्युत परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी के बारे में विवरण मांगा था।

वर्तमान स्थिति

केंद्र ने खुलासा किया कि जम्मू-कश्मीर का पीएम-कुसुम के घटक-ए के तहत 20 मेगावाट का आवंटन और घटक-सी के तहत 4,000 सोलर पंपों का आवंटन रद्द कर दिया गया, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश ने इन परियोजनाओं पर कोई प्रगति नहीं दर्ज की। सरकार ने पीएम-कुसुम योजना को मार्च 2027 तक बढ़ा दिया है, लेकिन केवल उन परियोजनाओं के लिए जिनके बिजली खरीद समझौते 31 दिसंबर 2025 तक हस्ताक्षरित हो चुके हैं।

संसदीय उत्तर में यह भी बताया गया कि पिछले पांच वर्षों में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन या बायोएनर्जी कार्यक्रम के तहत एक भी परियोजना स्वीकृत नहीं हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान लघु जल विद्युत परियोजनाओं के लिए कोई केंद्रीय वित्तीय सहायता योजना संचालित नहीं थी।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना और पिछले ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के तहत 28 जुलाई 2026 तक केंद्र शासित प्रदेश में प्राप्त 85,908 आवेदनों में से 39,160 रूफटॉप सोलर स्थापनाएं पूरी हुई हैं। इसका मतलब है कि आधे से अधिक आवेदक अभी भी स्थापना की प्रतीक्षा कर रहे हैं, हालांकि यह योजना फरवरी 2024 से संचालित है।

जम्मू-कश्मीर में नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं की स्थिति
योजना आवंटन/आवेदन स्थापित/स्वीकृत स्थिति
पीएम-कुसुम घटक-ए20 मेगावाट0आवंटन रद्द
पीएम-कुसुम घटक-बी5,000 पंप4,876 पंपजारी
पीएम-कुसुम घटक-सी4,000 पंप0आवंटन रद्द
पीएम सूर्य घर/रूफटॉप85,908 आवेदन39,160 स्थापनाएंआधे से अधिक लंबित
ग्रीन हाइड्रोजन मिशन0कोई परियोजना नहीं
बायोएनर्जी कार्यक्रम0कोई परियोजना नहीं
आंकड़े 28 जुलाई 2026 तक; पीएम-कुसुम घटक-ए और सी के आवंटन रद्द होने की सूचना राज्यसभा में दी गई।

प्रभाव

पीएम-कुसुम के तहत आवंटन रद्द होने से जम्मू-कश्मीर में किसानों को सिंचाई के लिए सौर पंपों की स्थापना में बाधा आई है। घटक-सी के तहत 4,000 सोलर पंपों की मंजूरी रद्द होने से कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की योजना प्रभावित हुई है।

रूफटॉप सोलर स्थापनाओं में देरी से घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 85,908 आवेदनों में से केवल 39,160 स्थापनाएं पूरी होने से बाकी आवेदकों को बिजली बिल में राहत का इंतजार है।

ग्रीन हाइड्रोजन मिशन और बायोएनर्जी कार्यक्रम में शून्य परियोजनाओं से जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ ऊर्जा के विविधीकरण में ठहराव आया है। लघु जल विद्युत परियोजनाओं के लिए केंद्रीय सहायता योजना न होने से भी क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार सीमित हुआ है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि जम्मू-कश्मीर प्रशासन पीएम-कुसुम के तहत शेष परियोजनाओं में तेजी लाता है, तो आवंटन रद्द होने से हुए नुकसान की भरपाई संभव हो सकती है। हालांकि, यह तभी संभव है जब बिजली खरीद समझौते समय पर हस्ताक्षरित हों और परियोजनाओं को मार्च 2027 तक पूरा किया जाए।

रूफटॉप सोलर कार्यक्रम में शेष आवेदकों की स्थापना में तेजी आ सकती है यदि मंत्रालय द्वारा बताए गए सुधारात्मक उपाय प्रभावी हों। मंत्रालय ने कहा है कि कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित करने और निष्पादन में तेजी लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

यदि केंद्र भविष्य में लघु जल विद्युत परियोजनाओं के लिए कोई योजना शुरू करता है, तो जम्मू-कश्मीर को नवीकरणीय ऊर्जा के इस क्षेत्र में अवसर मिल सकते हैं। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी कोई योजना कब शुरू होगी।

स्रोत: dailyexcelsior.com

AMRIT EXPLAINER

खबर को बेहतर समझें

आंकड़े, तुलना और घटनाक्रम—एक ही जगह, बिना अनुमान के

स्रोत-समर्थित
तुलना

रूफटॉप सोलर: आवेदन बनाम स्थापनाएं

रूफटॉप सोलर
85,90864,43142,95421,477085,90839,160आवेदनआवेदनस्थापनाएंस्थापनाएंइकाई: संख्या
आवेदन85,908 संख्या
स्थापनाएं39,160 संख्या

स्थापनाएं39,160 संख्या

सटीक आंकड़े देखें
श्रेणीरूफटॉप सोलर
आवेदन85,908 संख्या
स्थापनाएं39,160 संख्या

स्रोत:स्रोत: राज्यसभा में मंत्री का उत्तर, 28 जुलाई 2026 तक स्रोत-समर्थित

तुलना

पीएम-कुसुम घटकों की स्थिति

01घटक-बी
4,876 पंप

5,000 में से 4,876 सोलर पंप स्थापित

02घटक-सी
0 पंप

4,000 सोलर पंप आवंटन रद्द

स्रोत:स्रोत: राज्यसभा में मंत्री का उत्तर स्रोत-समर्थित

इस समाचार को साझा करें