मुख्य तथ्य
- रेड अलर्ट जारी
- कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड, कासरगोड
- ऑरेंज अलर्ट जारी
- मलप्पुरम, पालक्काड
- राहत शिविर
- 32 शिविर, 365 परिवार, 900+ लोग
- कोझिकोड तालुक में
- 15 शिविर, 260 परिवार, 701 लोग
- शैक्षणिक संस्थान
- दूसरे दिन बंद
पृष्ठभूमि
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को उत्तरी केरल के जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। पिछले तीन दिनों से इस क्षेत्र के छह जिलों में भारी बारिश हुई थी।
मंगलवार सुबह कोझिकोड सहित कई जिलों में मौसम साफ और धूप खिली रही। हालांकि, दोपहर एक बजे आईएमडी ने कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया, जबकि मलप्पुरम और पालक्काड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
वर्तमान स्थिति
कोझिकोड जिले के विभिन्न तालुकों में राहत शिविरों में ठहरे लोगों की संख्या 900 से अधिक है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि शाम तक यह संख्या घट सकती है। फिलहाल 32 शिविर संचालित हैं, जिनमें 365 परिवारों के 376 पुरुष, 418 महिलाएं और 170 बच्चे रह रहे हैं।
सबसे अधिक लोग कोझिकोड तालुक में हैं, जहां 15 शिविरों में 260 परिवारों के 701 लोग ठहरे हैं, जिनमें 283 पुरुष, 312 महिलाएं और 106 बच्चे शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, कोझिकोड के मावूर, कन्नाडिक्कल और परंबिल कडवु जैसे निचले इलाकों में जलभराव अभी भी एक बड़ी समस्या है। कन्नूर में जल स्तर घट रहा है। क्षेत्र के सभी जिलों में शैक्षणिक संस्थान लगातार दूसरे दिन बंद हैं।
| विवरण | पुरुष | महिलाएं | बच्चे | कुल |
|---|---|---|---|---|
| कोझिकोड तालुक | 283 | 312 | 106 | 701 |
| अन्य तालुक | 93 | 106 | 64 | 263 |
| कुल | 376 | 418 | 170 | 964 |
प्रभाव
लगातार बारिश और जलभराव के कारण कोझिकोड के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। शिविरों में ठहरे लोगों की संख्या 900 से अधिक है, जिससे प्रशासन पर अस्थायी आवास और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का दबाव है।
शैक्षणिक संस्थानों के बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। जलभराव से आवागमन और दैनिक जीवन में बाधा उत्पन्न हो रही है। हालांकि, कन्नूर में जल स्तर घटने से वहां स्थिति में सुधार के संकेत हैं।
आगे की संभावना
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
आईएमडी के अनुसार, बुधवार को वर्षा में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है, और हल्की से मध्यम बारिश (2.5 मिमी से 64.4 मिमी) हो सकती है, जिससे सभी छह जिलों में ग्रीन स्टेटस आ सकता है। यदि ऐसा होता है, तो राहत शिविरों में ठहरे लोगों की संख्या में कमी आ सकती है।
हालांकि, यदि रेड अलर्ट वाले जिलों में भारी बारिश जारी रहती है, तो जलभराव और बढ़ सकता है और राहत शिविरों की अवधि बढ़ सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शैक्षणिक संस्थान कब खुलेंगे, यह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
स्रोत: thehindu.com
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राहत शिविरों में लोगों की संख्या
अन्य तालुक106 लोग
सटीक आंकड़े देखें
| श्रेणी | महिलाएं |
|---|---|
| कोझिकोड तालुक | 312 लोग |
| अन्य तालुक | 106 लोग |
स्रोत:स्रोत: द हिंदू स्रोत-समर्थित



