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स्मृति खन्ना ने बताया, 'दे चोज़ रॉन्ग एनिमी' में उन्हें किस बात ने आकर्षित किया

अभिनेत्री स्मृति खन्ना ने माइक्रो-ड्रामा सीरीज़ 'दे चोज़ रॉन्ग एनिमी' में शामिल होने की वजह बताई। पहली बार तलवारबाजी के दृश्य करने की चुनौती ने उन्हें प्रेरित किया। यह सीरीज़ कुकू टीवी पर प्रसारित होगी।

मुख्य तथ्य

अभिनेत्री
स्मृति खन्ना
सीरीज़ का नाम
दे चोज़ रॉन्ग एनिमी
निर्माता
गामा प्रोडक्शंस
प्रसारण मंच
कुकू टीवी
एपिसोड की अवधि
दो मिनट
पहली बार तलवारबाजी
हाँ

पृष्ठभूमि

टेलीविजन अभिनेत्री स्मृति खन्ना अपनी आगामी माइक्रो-ड्रामा सीरीज़ 'दे चोज़ रॉन्ग एनिमी' के साथ एक नई चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह सीरीज़ गामा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित है और कुकू टीवी पर प्रसारित होगी।

स्मृति खन्ना 'तेरे इश्क में घायल', 'घर की लक्ष्मी बेटियां' और 'गणेश लीला' जैसे शो में अपनी भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। इस नई सीरीज़ में वह एक अलग लुक में नज़र आएंगी।

वर्तमान स्थिति

आईएएनएस के साथ एक विशेष बातचीत में, स्मृति खन्ना ने बताया कि इस परियोजना का हिस्सा बनने के पीछे सबसे बड़ा कारण पहली बार तलवारबाजी के दृश्य करने का अवसर था। उन्होंने कहा कि एक फाइट मास्टर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना और एक एक्शन-पैक भूमिका में कदम रखना उनके लिए रोमांचक और यादगार अनुभव रहा।

स्मृति ने कहा, 'दे चोज़ द रॉन्ग एनिमी' में एआई-संचालित तत्व और उन्नत युद्ध तकनीकें हैं, जो इसे अपने समय से आगे बनाती हैं। यह एक अत्यधिक सफल चीनी ड्रामा का रूपांतरण भी है, इसलिए कहानी रोचक और तेज़ गति वाली है। सबसे अधिक उत्साहित करने वाली बात पहली बार तलवारबाजी के दृश्य करने का अवसर था।'

अपने किरदार के बारे में उन्होंने बताया कि वह ब्रह्मशिला नामक प्रतिष्ठित गुरुकुल से एक बहादुर और कुशल योद्धा की भूमिका निभा रही हैं, जहां असाधारण योद्धाओं को प्रशिक्षित किया जाता है। उनका लुक एक आधुनिक योद्धा की व्याख्या है, जिसमें शक्तिशाली और स्टाइलिश पोशाक है।

प्रभाव

स्मृति ने तलवारबाजी के दृश्यों को सबसे चुनौतीपूर्ण बताया, क्योंकि उन्होंने पहले कभी तलवारबाजी नहीं की थी और तलवार काफी भारी थी। उन्होंने कहा कि फाइट मास्टर ने उनका पूरा समर्थन किया और सही शारीरिक मुद्रा, गतिविधियों और युद्ध तकनीकों को सीखने में मदद की।

हर दृश्य को विभिन्न कैमरा कोणों से दोहराया गया, जिससे यह शारीरिक रूप से कठिन लेकिन सीखने का शानदार अनुभव रहा। उन्होंने बताया कि चोटों से बचने के लिए सतर्क रहना आवश्यक था।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

स्मृति खन्ना का मानना है कि दर्शकों की ध्यान अवधि कम हो गई है और माइक्रो ड्रामा उनकी जीवनशैली में पूरी तरह फिट बैठते हैं। प्रत्येक एपिसोड केवल दो मिनट लंबा है, जिससे इसे कभी भी, कहीं भी देखना आसान हो जाता है।

यदि दर्शकों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रहती है, तो इस तरह की सीरीज़ का चलन बढ़ सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह सीरीज़ कितनी सफल होगी, लेकिन अगर यह दर्शकों को पसंद आती है, तो भविष्य में और अधिक माइक्रो ड्रामा बनाए जा सकते हैं।

स्रोत: ianslive.in

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