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NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने पर विचार, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि NEET-UG को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने पर सभी हितधारकों के साथ विचार चल रहा है। अंतिम फैसला नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स की सिफारिशों के बाद होगा।

NEET-UG को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने पर विचार, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

मुख्य तथ्य

हलफनामा दाखिल
4 अगस्त 2026
पंजीकृत उम्मीदवार
22 लाख से अधिक
टास्क फोर्स अध्यक्ष
नंदन नीलेकणी
विचाराधीन मोड
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
पूर्व शिक्षा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान (इस्तीफा)

पृष्ठभूमि

शिक्षा मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि NEET-UG परीक्षा को पेन-पेपर मोड से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने पर 'सभी हितधारकों द्वारा सक्रिय विचार' चल रहा है। यह हलफनामा 4 अगस्त 2026 को दायर किया गया और मंगलवार देर रात पक्षकारों को उपलब्ध कराया गया।

यह हलफनामा NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर पहला हलफनामा है। सरकार ने कहा कि कंप्यूटर आधारित मोड में जाने पर विचार किया जा रहा है, चाहे वह एक चरण में हो या दो चरणों में, जैसा कि जेईई (मेन्स और एडवांस्ड) के पैटर्न में होता है।

वर्तमान स्थिति

मंत्रालय ने कहा कि NEET-UG कई कारणों से एक 'सुई जेनेरिस' परीक्षा है। इसमें 22 लाख से अधिक पंजीकृत उम्मीदवार हैं, जिनमें अधिकांश ग्रामीण उम्मीदवार और महिलाएं हैं। सरकार ने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलाव पर 'अंतिम दृष्टिकोण' इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली नवगठित उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स की सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।

सरकार ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2026 और नीलेकणी के नेतृत्व में टास्क फोर्स के गठन को भविष्य में पेपर लीक के खिलाफ 'ऐतिहासिक कदम' बताया। सरकार ने यह भी कहा कि NEET-UG के डिजाइन में कोई भी संरचनात्मक बदलाव केवल स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के परामर्श और सहमति से ही किया जाएगा।

NEET-UG से जुड़े आंकड़े
विवरण संख्या/तिथि
पंजीकृत उम्मीदवार22 लाख से अधिक
हलफनामा दाखिल4 अगस्त 2026
प्रकाशन तिथि4 अगस्त 2026
स्रोत: द हिंदू

प्रभाव

सरकार ने आश्वासन दिया कि वह परीक्षा के मोड या डिजाइन में किसी भी बदलाव की पर्याप्त अग्रिम सूचना उम्मीदवारों को देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि संक्रमण सुचारू, न्यायसंगत और उम्मीदवारों के लिए अनावश्यक तनाव से मुक्त हो। यह कदम 22 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्रभावित कर सकता है, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला उम्मीदवार शामिल हैं।

सरकार ने कहा कि वह हर सार्वजनिक परीक्षा के बाद अनुभवों से 'संस्थागत स्मृति' बैंक बना रही है। एक औपचारिक 'लर्निंग्स नोट' तैयार किया जाता है जिसमें सामने आई चुनौतियों, उठाए गए कदमों और आगे बढ़ाए जाने वाले अभ्यासों को दर्ज किया जाता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय परीक्षाओं के संचालन के लिए विशेषज्ञ परीक्षण, साइकोमेट्रिक, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और परिचालन विशेषज्ञता सुनिश्चित करने के लिए दस कार्यात्मक वर्टिकल में वरिष्ठ पेशेवर नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की गई है।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि टास्क फोर्स की सिफारिशों के बाद सरकार CBT में बदलाव का फैसला करती है, तो NEET-UG का आयोजन कंप्यूटर आधारित मोड में हो सकता है, संभवतः एक या दो चरणों में। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह बदलाव कब लागू होगा और क्या इसे अगले साल की परीक्षा से लागू किया जाएगा।

यदि स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की सहमति नहीं बनती है, तो मौजूदा पेन-पेपर मोड जारी रह सकता है। सरकार ने उम्मीदवारों को पर्याप्त अग्रिम सूचना देने की बात कही है, इसलिए किसी भी बदलाव की घोषणा परीक्षा की तारीख से काफी पहले की जा सकती है। फिलहाल, यह देखना बाकी है कि टास्क फोर्स की सिफारिशें क्या होंगी और सरकार उन्हें कब लागू करेगी।

स्रोत: thehindu.com

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