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CBDT का RCASP ढांचा: क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नई रिपोर्टिंग नियम लागू

CBDT ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए RCASP ढांचा जारी किया, जिससे वार्षिक रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी और कर चोरी पर लगाम लगेगी।

CBDT का RCASP ढांचा: क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए नई रिपोर्टिंग नियम लागू
Graphic: Amrit Khabar NewsroomImage rights policy

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए रिपोर्टिंग क्रिप्टो-एसेट सर्विस प्रोवाइडर (RCASP) ढांचा जारी किया है। यह ढांचा आयकर अधिनियम 2025 की धारा 509 और आयकर नियम 2026 के नियम 241-244 के तहत लागू किया गया है। इसका उद्देश्य क्रिप्टो लेनदेन की सटीक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना और कर चोरी के अवसर कम करना है।

नए ढांचे के तहत क्रिप्टो एक्सचेंजों को हर साल अपने उपयोगकर्ताओं की पहचान, कर निवास और रिपोर्टेबल क्रिप्टो लेनदेन की जानकारी फॉर्म 167 में जमा करनी होगी। पहली रिपोर्ट 2026 कैलेंडर वर्ष के लिए 2027 में दाखिल की जाएगी। यह प्रणाली वैश्विक क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क (CARF) के अनुरूप है।

एक्सचेंजों को अब मौजूदा उपयोगकर्ताओं के KYC और कर निवास की जानकारी को भी समय-समय पर सत्यापित करना होगा। कोइनएक्स के संस्थापक पुनीत अग्रवाल के अनुसार, यह सबसे बड़ा बदलाव है, क्योंकि पहले केवल नए ग्राहकों के लिए KYC होता था।

नियमों का पालन न करने पर एक्सचेंजों पर प्रतिदिन 200 रुपये का जुर्माना लग सकता है, जबकि गलत या अधूरी रिपोर्ट पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। निवेशकों के लिए कोई नई फाइलिंग अनिवार्य नहीं है, लेकिन उन्हें अपने एक्सचेंज स्टेटमेंट और TDS प्रमाणपत्रों को AIS से मिलान करने की सलाह दी गई है।

स्रोत: businesstoday.in

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