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ब्रिटेन में सर्कस में जंगली जानवरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के लिए सांसदों से संपर्क का आह्वान

ब्रिटेन में गुरुवार को सांसद जंगली जानवरों को सर्कस में रखने पर प्रतिबंध के पक्ष में मतदान करेंगे। पशु कल्याण संगठनों ने जनता से अपने सांसदों को पत्र लिखकर प्रतिबंध का समर्थन करने का आग्रह किया है।

पृष्ठभूमि

ब्रिटेन में जंगली जानवरों को सर्कस में रखने और प्रदर्शन कराने की प्रथा लंबे समय से विवादों में रही है। पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि इससे जानवरों को अनावश्यक पीड़ा होती है। बाघ, शेर और ज़ेबरा जैसे जंगली जानवरों को ट्रेलरों में इधर-उधर ले जाया जाता है, छोटे पिंजरों में अकेला रखा जाता है और प्रदर्शन के लिए मजबूर किया जाता है।

रॉयल सोसाइटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (RSPCA) और ब्रिटिश वेटरनरी एसोसिएशन जैसे पशु कल्याण विशेषज्ञ सर्कस में जंगली जानवरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध का समर्थन करते हैं। इस साल अप्रैल में ब्रिटिश सरकार ने इस दिशा में कार्रवाई की योजना अचानक छोड़ दी थी, हालांकि जनमत सर्वेक्षणों में 10 में से 7 लोगों ने इस प्रतिबंध का समर्थन किया था।

वर्तमान स्थिति

इस गुरुवार को ब्रिटिश संसद में सांसद इस बात पर मतदान करेंगे कि सर्कस में जंगली जानवरों के क्रूर उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए या नहीं। यह मतदान उन कुछ सर्कसों पर लगाम लगाने का अवसर है जो अभी भी जंगली जानवरों का शोषण करते हैं। कई अच्छे सर्कस पहले ही इस प्रथा को छोड़ चुके हैं और अपने दर्शकों का मनोरंजन कलाबाजों और जोकरों से करते हैं।

38 Degrees नामक एक अभियान समूह ने लोगों से अपने सांसदों को संदेश भेजने का आह्वान किया है ताकि वे प्रतिबंध के पक्ष में मतदान करें। समूह का कहना है कि पिछले साल जनता के दबाव के कारण एक विशाल 'मेगा-डेयरी' की योजना को रोका गया था, जहां गायों को साल भर घर के अंदर रखा जाना था। अब वे इसी तरह के जनसमर्थन से सर्कस में जंगली जानवरों पर प्रतिबंध लगवाना चाहते हैं।

प्रभाव

यदि प्रतिबंध लागू होता है, तो ब्रिटेन में सर्कसों को जंगली जानवरों को रखने और प्रदर्शन कराने की अनुमति नहीं होगी। इसका सीधा असर उन सर्कसों पर पड़ेगा जो अभी भी जानवरों का उपयोग करते हैं। उन्हें अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना होगा या जानवरों को छोड़ना होगा।

इसका लाभ जानवरों को होगा, क्योंकि उन्हें क्रूर व्यवहार और खराब रहने की स्थिति से मुक्ति मिलेगी। पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि सर्कस में जानवरों के साथ अक्सर जानबूझकर दुर्व्यवहार किया जाता है। उदाहरण के लिए, इस साल की शुरुआत में एनिमल डिफेंडर्स इंटरनेशनल ने एक बुजुर्ग हाथी एनी को धातु के पिचफोर्क से पीटे जाने का फुटेज जारी किया था। बाद में जनता के दबाव के बाद एनी को बचा लिया गया था।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि गुरुवार को संसद में प्रतिबंध के पक्ष में मतदान होता है, तो ब्रिटेन में जंगली जानवरों के सर्कस में इस्तेमाल पर रोक लग सकती है। यह पशु कल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।

हालांकि, यदि मतदान प्रतिबंध के विपक्ष में जाता है, तो सर्कस में जानवरों का शोषण जारी रह सकता है। अभियान समूहों को उम्मीद है कि जनता के दबाव से सांसदों का रुख बदल सकता है। यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाएगी, लेकिन पशु कल्याण संगठनों का कहना है कि जनता का समर्थन मिलने पर प्रतिबंध की संभावना बढ़ जाती है।

स्रोत: serbiananimalsvoice.com

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