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ESIC वेतन सीमा बढ़ाकर 30,000 रुपये करने पर विचार, 50 लाख और मजदूरों को मिल सकता है लाभ

ESIC की बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने वेतन सीमा 21,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने की मांग की। सरकार विचार कर रही है, जिससे 50 लाख अतिरिक्त मजदूर कवर हो सकते हैं।

ESIC वेतन सीमा बढ़ाकर 30,000 रुपये करने पर विचार, 50 लाख और मजदूरों को मिल सकता है लाभ
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मुख्य तथ्य

वर्तमान वेतन सीमा
₹21,000
प्रस्तावित वेतन सीमा
₹30,000
अतिरिक्त लाभार्थी
50 लाख से अधिक श्रमिक
वर्तमान बीमित
3.8 करोड़ लोग
बैठक की तारीख
4 अगस्त, 2026
बैठक स्थल
नई दिल्ली

पृष्ठभूमि

कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की बैठक मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को नई दिल्ली में हुई। इस बैठक में कर्मचारी प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि ESIC लाभ पाने के लिए वेतन सीमा को मौजूदा 21,000 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 30,000 रुपये किया जाए।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने की। उन्होंने ट्रेड यूनियन सदस्यों को बताया कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर 'विचार' कर रही है और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

वर्तमान स्थिति

बैठक के बाद द हिंदू से बात करते हुए ESIC बोर्ड में भारतीय मजदूर संघ (BMS) के प्रतिनिधि एस. दुरैराज ने कहा कि यदि सरकार वेतन सीमा बढ़ाती है, तो ESIC वर्तमान में बीमित 3.8 करोड़ लोगों के अलावा 50 लाख से अधिक श्रमिकों को कवर कर सकता है।

दुरैराज ने कहा, 'ट्रेड यूनियनों ने एक स्वर में यह मांग की। दो साल पहले श्री मांडविया ने हमें बताया था कि सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है। हमें उम्मीद है कि सरकार इसे जल्द से जल्द लागू करेगी।'

BMS नेता ने कहा कि वेतन संहिता और सामाजिक सुरक्षा संहिता दोनों के तहत मजदूरी की परिभाषा भी ESIC के दायरे को बढ़ाने में मदद करती है। उन्होंने कहा, 'यदि मूल वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य रखरखाव भत्ते 21,000 रुपये से कम रखे जाते हैं, तो कई और श्रमिकों को ESIC कवरेज में जोड़ा जा सकता है।'

वेतन सीमा और कवरेज
विवरण मान
वर्तमान वेतन सीमा₹21,000
प्रस्तावित वेतन सीमा₹30,000
वर्तमान बीमित3.8 करोड़
अतिरिक्त लाभार्थी50 लाख से अधिक
स्रोत: द हिंदू

प्रभाव

दुरैराज ने ESIC के महानिदेशक अशोक कुमार सिंह को पत्र लिखकर मांग की है कि वेतन सीमा में तत्काल संशोधन किया जाए, क्योंकि कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी पहले ही मौजूदा सीमा से अधिक हो चुकी है।

बैठक में ट्रेड यूनियन नेताओं ने बीमित श्रमिकों के इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) के साथ अनुबंध करने के ESIC प्रस्ताव पर सवाल उठाए। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने तर्क दिया कि PHC राज्यों में आम जनता के लिए हमेशा उपलब्ध हैं, और ESIC और केंद्र को बीमित श्रमिकों के लिए बुनियादी ढांचे के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए।

बैठक में इस प्रस्ताव पर निर्णय स्थगित करने का निर्णय लिया गया।

भविष्य की संभावनाएं

विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।

यदि सरकार वेतन सीमा बढ़ाकर 30,000 रुपये करती है, तो ESIC का दायरा बढ़कर 50 लाख से अधिक श्रमिकों तक पहुंच सकता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार कब और किस राशि में यह निर्णय लेगी।

यदि सीमा नहीं बढ़ाई जाती है, तो कई राज्यों में न्यूनतम मजदूरी पहले से अधिक होने के कारण श्रमिकों को ESIC लाभ से वंचित रहना जारी रह सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार PHC अनुबंध के बजाय अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार करती है, तो बीमित श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

स्रोत: thehindu.com

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