मुख्य तथ्य
- जारी करने की तारीख
- 31 जुलाई 2026
- प्रशिक्षण की अंतिम तिथि (सभी कर्मचारी)
- 31 अक्टूबर 2026
- सीमावर्ती शाखाओं के लिए प्रशिक्षण की तिथि
- 15 सितंबर 2026
- ATR जमा करने की तिथियां
- 7 नवंबर 2026 और 22 सितंबर 2026
- कार्ययोजना जमा करने की तिथि
- 15 सितंबर 2026
- संपर्क ईमेल
- dcmfnvd@rbi.org.in
पृष्ठभूमि
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 31 जुलाई 2026 को सभी बैंकों को नकली भारतीय मुद्रा नोटों (FICN) की पहचान, जब्ती और रिपोर्टिंग से संबंधित नए निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश 1 अप्रैल 2026 को जारी मास्टर डायरेक्शन (MD) पर आधारित हैं, जिसमें बैंकों के लिए नकली नोटों की पहचान, रिपोर्टिंग और निगरानी के व्यापक नियम निर्धारित किए गए हैं।
मास्टर डायरेक्शन के अनुसार, बैंकों को अपने सभी कैश हैंडलिंग कर्मचारियों को असली बैंकनोटों की सुरक्षा विशेषताओं के बारे में प्रशिक्षित करना अनिवार्य है ताकि वे नकली नोटों की पहचान कर सकें। बैंक द्वारा प्राप्त सभी बैंकनोटों की मशीनों से जांच की जानी चाहिए, और नकली नोटों को हर हाल में जब्त किया जाना चाहिए। नकली नोट को न तो जमाकर्ता को लौटाया जा सकता है और न ही बैंक में नष्ट किया जा सकता है।
इसके अलावा, सभी पहचाने गए FICN की सूचना निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार दी जानी चाहिए। यदि बैंक इन नियमों का उल्लंघन करते हैं, जैसे कि RBI को भेजी गई करेंसी रेमिटेंस, करेंसी चेस्ट बैलेंस, एटीएम से निकासी या काउंटर पर भुगतान में नकली नोट पाए जाने पर, या नकली नोटों को जब्त न करने पर, तो बैंक पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
वर्तमान स्थिति
RBI के विश्लेषण के अनुसार, कुछ बैंकों के प्रयास पर्याप्त नहीं रहे हैं। इसलिए, RBI ने बैंकों को अपनी प्रक्रियाओं की समीक्षा करने और FICN की पहचान, जब्ती और रिपोर्टिंग की अपनी क्षमता को मजबूत करने की सलाह दी है। इसके लिए बैंकों को विशेष उपाय करने को कहा गया है।
प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम के तहत, बैंकों को कैश हैंडलिंग स्टाफ के लिए सुरक्षा विशेषताओं और FICN पहचान पर केंद्रित और लक्षित दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया गया है। सभी कैश हैंडलिंग कर्मचारियों को 31 अक्टूबर 2026 तक प्रशिक्षण देना सुनिश्चित किया जाए। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित बैंक शाखाओं के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर 15 सितंबर 2026 तक प्रशिक्षित किया जाना है।
इसके अलावा, बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा वाले जिलों की शाखाओं में नोट प्रमाणीकरण/छंटाई मशीनें उपलब्ध हों। बैंकों के फोर्ज्ड नोट विजिलेंस सेल (FNV Cell) को अपने बैंक के FICN डेटा का विश्लेषण करके हॉटस्पॉट की पहचान करनी होगी, रुझानों की निगरानी करनी होगी और अपने आउटरीच और क्षमता निर्माण प्रयासों को केंद्रित करना होगा।
| विवरण | तिथि |
|---|---|
| सीमावर्ती क्षेत्रों के कर्मचारियों का प्रशिक्षण | 15 सितंबर 2026 |
| सभी कैश हैंडलिंग कर्मचारियों का प्रशिक्षण | 31 अक्टूबर 2026 |
| सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए ATR जमा करना | 22 सितंबर 2026 |
| सभी कर्मचारियों के लिए ATR जमा करना | 7 नवंबर 2026 |
| कार्ययोजना और प्रगति रिपोर्ट जमा करना | 15 सितंबर 2026 |
प्रभाव
इन निर्देशों का सीधा असर बैंकों के संचालन पर पड़ेगा। बैंकों को अपने कैश हैंडलिंग स्टाफ के प्रशिक्षण के लिए समय-सीमा का पालन करना होगा, जिससे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या और दायरा बढ़ेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों की शाखाओं में मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बैंकों को अतिरिक्त निवेश करना पड़ सकता है।
इससे नकली नोटों की पहचान और जब्ती में सुधार होने की संभावना है, जिससे अर्थव्यवस्था में नकली मुद्रा का प्रचलन कम हो सकता है। हालांकि, बैंकों के लिए अनुपालन लागत बढ़ सकती है, और जो बैंक निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।
आम जनता पर इसका सीधा प्रभाव यह होगा कि बैंकों में नकली नोट जमा करने पर उन्हें जब्त कर लिया जाएगा, और उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। इससे लोगों को अपने पास मौजूद नोटों की प्रामाणिकता की जांच करने में सतर्कता बरतनी होगी।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
यदि बैंक इन निर्देशों का पालन करते हैं, तो आने वाले महीनों में नकली नोटों की पहचान और जब्ती में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। RBI द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रशिक्षण पूरा होने से बैंक कर्मचारियों की क्षमता में सुधार होगा, जिससे नकली नोटों के प्रचलन पर अंकुश लग सकता है।
हालांकि, यदि बैंक समय पर प्रशिक्षण और मशीनों की व्यवस्था नहीं करते हैं, तो RBI द्वारा जुर्माना लगाए जाने की संभावना है, जिससे बैंकों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों में नकली नोटों की तस्करी पर अंकुश लगाने में सफलता मिल सकती है, लेकिन इसके लिए बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक होगा।
आगे, RBI द्वारा बैंकों की अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा के बाद और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं, यदि आवश्यक समझा गया। फिलहाल, बैंकों को 15 सितंबर 2026 तक अपनी कार्ययोजना और प्रगति की जानकारी RBI को देनी होगी, जिसके आधार पर आगे की दिशा तय होगी।
स्रोत: Reserve Bank of India
खबर को बेहतर समझें
आंकड़े, तुलना और घटनाक्रम—एक ही जगह, बिना अनुमान के
निर्देशों के कार्यान्वयन की समय-सीमा
- 01
परिपत्र जारी
RBI ने बैंकों को FICN पहचान, जब्ती और रिपोर्टिंग के लिए निर्देश जारी किए।
- 02
सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशिक्षण पूर्ण
सीमावर्ती शाखाओं के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना है।
- 03
सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूर्ण
सभी कैश हैंडलिंग कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना अनिवार्य है।
स्रोत:स्रोत: RBI परिपत्र, 31 जुलाई 2026 स्रोत-समर्थित



