मुख्य तथ्य
- लेख स्रोत
- मेकयूजऑफ (MUO)
- प्रकाशन तिथि
- 4 अगस्त 2026
- कंट्रोल पैनल की आयु
- लगभग चार दशक
- सेटिंग्स ऐप की शुरुआत
- विंडोज 8, 2012
- माइक्रोसॉफ्ट के डिजाइन निदेशक
- मार्च रोजर्स
- प्रभावित सुविधाएं
- नेटवर्क एडेप्टर, डिवाइस मैनेजर, डिस्क मैनेजमेंट, साउंड, यूएसी
पृष्ठभूमि
माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 8 में 2012 में सेटिंग्स ऐप पेश किया था, और तब से वह धीरे-धीरे कंट्रोल पैनल की सुविधाओं को नए इंटरफेस में स्थानांतरित कर रहा है। विंडोज 11 में यह प्रयास जारी है, लेकिन लगभग चार दशकों से विंडोज का हिस्सा रहे कंट्रोल पैनल को बदलना आसान नहीं है।
इस साल की शुरुआत में, माइक्रोसॉफ्ट के पार्टनर डायरेक्टर ऑफ डिजाइन, मार्च रोजर्स ने एक्स पर बताया था कि कंपनी अभी भी पुराने कंट्रोल पैनल की सुविधाओं को सेटिंग्स ऐप में सावधानी से स्थानांतरित कर रही है, क्योंकि उसे विंडोज द्वारा समर्थित हार्डवेयर, ड्राइवर और डिवाइसों की विस्तृत श्रृंखला का ध्यान रखना है।
वर्तमान स्थिति
मेकयूजऑफ (MUO) के एक तकनीकी लेखक के अनुसार, नेटवर्क एडेप्टर सेटिंग्स अब भी कंट्रोल पैनल में ही उपलब्ध हैं। सेटिंग्स ऐप का नेटवर्किंग पेज रोजमर्रा के कामों जैसे वाई-फाई से जुड़ना, आईपी एड्रेस बदलना या कस्टम DNS सर्वर सेट करने के लिए ठीक है, लेकिन अधिक उन्नत विकल्पों के लिए पुराने नेटवर्क कनेक्शन विंडो का सहारा लेना पड़ता है।
डिवाइस मैनेजर भी हार्डवेयर समस्याओं के लिए पहला विकल्प बना हुआ है। यह बता सकता है कि विंडोज डिवाइस को पहचान पा रहा है या नहीं, और पीले चेतावनी आइकन, डिवाइस का एरर कोड, हार्डवेयर आईडी, ड्राइवर रोलबैक जैसी सुविधाएं देता है। सेटिंग्स ऐप में कनेक्टेड डिवाइस दिखाने और ब्लूटूथ एक्सेसरीज को पेयर करने की सुविधा है, लेकिन ट्रबलशूट फीचर अक्सर काम नहीं करता।
डिस्क मैनेजमेंट भी कंट्रोल पैनल में ही अधिक नियंत्रण देता है। यहां से पार्टीशन बनाना, डिलीट करना, सिकोड़ना, बढ़ाना, ड्राइव लेटर असाइन करना और नए वॉल्यूम फॉर्मेट करना संभव है। सेटिंग्स ऐप का स्टोरेज सेक्शन केवल उपयोग की जानकारी देता है और स्टोरेज सेंस जैसी सुविधाएं प्रदान करता है।
| सुविधा | सेटिंग्स ऐप में उपलब्धता |
|---|---|
| नेटवर्क एडेप्टर सेटिंग्स | आंशिक रूप से |
| डिवाइस मैनेजर | नहीं |
| डिस्क मैनेजमेंट | नहीं |
| साउंड सेटिंग्स | आंशिक रूप से |
| यूएसी सेटिंग्स | नहीं |
प्रभाव
उन्नत साउंड सेटिंग्स के लिए भी उपयोगकर्ताओं को कंट्रोल पैनल खोलना पड़ता है। सेटिंग्स ऐप में ऑडियो डिवाइस के लिए अधिक नियंत्रण नहीं है, और कई बार विंडोज खुद ही आगे की कॉन्फ़िगरेशन के लिए कंट्रोल पैनल खोल देता है। यहां से टीम्स और ज़ूम जैसे ऐप्स के लिए अलग डिफ़ॉल्ट कम्युनिकेशन डिवाइस सेट किया जा सकता है, स्पीकर को स्टीरियो, 5.1 या 7.1 सराउंड साउंड के लिए कॉन्फ़िगर किया जा सकता है, और एक्सक्लूसिव मोड को बंद किया जा सकता है।
यूजर अकाउंट कंट्रोल (UAC) सेटिंग्स भी अब भी कंट्रोल पैनल में ही हैं। यह सुरक्षा सुविधा विंडोज विस्टा से मौजूद है और अनधिकृत परिवर्तनों को रोकने में मदद करती है। सेटिंग्स ऐप में इसे बदलने का विकल्प नहीं है, जिससे उपयोगकर्ताओं को पुराने इंटरफेस पर निर्भर रहना पड़ता है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषणात्मक परिदृश्य: नीचे दी गई संभावनाएं निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने सेटिंग्स ऐप में कई सुविधाओं को स्थानांतरित कर दिया है, और संभावना है कि शेष सुविधाएं भी भविष्य में स्थानांतरित हो जाएंगी। यदि माइक्रोसॉफ्ट इसी गति से काम करता रहा, तो आने वाले वर्षों में कंट्रोल पैनल पूरी तरह से हट सकता है।
हालांकि, जब तक नेटवर्क एडेप्टर, डिवाइस मैनेजर, डिस्क मैनेजमेंट, साउंड और यूएसी जैसी सुविधाएं सेटिंग्स ऐप में नहीं आ जातीं, कंट्रोल पैनल को 'रिटायर्ड' कहना जल्दबाजी होगी। यदि माइक्रोसॉफ्ट इन सुविधाओं को जल्द स्थानांतरित नहीं करता, तो उपयोगकर्ताओं को आने वाले समय में भी कंट्रोल पैनल का उपयोग करना पड़ सकता है।
स्रोत: makeuseof.com



